आगरा में दस्तक अभियान फेल: 30 दिन में मिले डेंगू के 199 मरीज, वायरल बुखार से 45 की मौत
चार वर्षों में इस साल सितंबर में सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज मिले, इससे पूर्व 2020 में 25, 2019 में 144, 2018 में 100 मरीज मिले थे। सितंबर महीने में वायरल फीवर ने भी कहर ढहाया। एक महीने में बुखार से 45 लोगों की मौत हो गई।
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आगरा में साफ-सफाई, दवा छिड़काव में खानापूर्ति से दस्तक अभियान (संचारी रोग नियंत्रण अभियान) फेल हो गया। जलभराव के कारण पनपे मच्छरों ने घर-घर बीमारियां बांटी। नतीजतन आगरा में 30 दिन में डेंगू के 199 मरीज मिल चुके हैं। चिकित्सक अभी 10-15 दिन तक और अधिक खतरा बता रहे हैं।
सितंबर महीने में डेंगू-वायरल फीवर के काफी मरीज मिले। वायरल बुखार से 45 लोगों की मौत हुई। एक की जान डेंगू से गई। डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं और बीते सप्ताह से औसतन रोजाना 12 मरीज मिल रहे हैं।
11 विभागों ने चलाया था अभियान
संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्राम विकास विभाग, पशु पालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, दिव्यांग जन सशक्तीकरण, समाज कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग ने एक से 31 जुलाई तक साझा संचारी रोग नियंत्रण (दस्तक) अभियान चलाया।
इसमें साफ-सफाई, फॉगिंग, एंटी लारवा छिड़काव, स्कूलों में जागरूकता की जिम्मेदारी थी। रैली निकालकर जोरदार श्रीगणेश किया, लेकिन छिड़काव और साफ-सफाई की खानापूर्ति की गई। चुनिंदा क्षेत्रों तक ही यह अभियान सिमटने से अगस्त-सितंबर में मच्छर खूब पनपे। 7 से 16 सितंबर तक 10 दिन घरों में दस्तक देकर सर्वे अभियान चलाया गया, पर यह भी काम न आया।
जलभराव में पनप रहे मच्छर
पापा संस्था के राष्ट्रीय संयोजक दीपक सरीन ने कहा कि स्कूलों में पार्क और जलभराव में मच्छर पनप रहे हैं। इससे बच्चों को डेंगू-मलेरिया हो रहा है। शिक्षा विभाग ने भी सभी स्कूलों में छिड़काव और फॉगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की। बुखार से बच्चों की ज्यादा मौत हो रही है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में ज्ञापन भी दे चुके हैं।
यमुना ब्रिज निवासी दिलीप पाठक ने कहा कि यमुनापार क्षेत्र में फॉगिंग और साफ-सफाई नहीं हुई है। मच्छरों का प्रकोप है। यहां आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर दस्तक देते हुए स्टीकर लगाए पर उसका फायदा क्या हुआ। डेंगू के बढ़ते मामलों से दस्तक अभियान फेल नजर आ रहा है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे यहां पर स्थिति नियंत्रण में है। सितंबर में बारिश अधिक होने से मच्छर पनपने से डेंगू-वायरल बुखार के ज्यादा मरीज मिले हैं। वहां साफ-सफाई और छिड़काव कम होना इसकी वजह हो सकती है। डॉक्टरों की टीमें गांव-गांव जाकर मरीज को इलाज दे रही हैं।
चल रही है फॉगिंग-सफाई- नगर आयुक्त
नगर आयुक्त निखिल टी. फुंडे ने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया गया। अगर इसमें खामियां होती तो स्थिति फिरोजाबाद की तरह खराब होती, लेकिन आगरा की आबादी और दायरा देखते हुए कुछ जगह खामियां रह सकती हैं। उन जगहों पर एंटी लार्वा, फॉगिंग, नालियों की सफाई आदि के काम चल रहे हैं।