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कॉलेजों में प्रोजेक्ट और प्रयोगात्मक कार्य पर नहीं दिया जा रहा ध्यान
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मैनपुरी। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देश के बाद भी कॉलेजों में प्रोजेक्ट और प्रयोगात्मक कार्य पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट और प्रयोगात्मक कार्य समय से न कराए जाने के कारण छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा में आंतरिक मूल्यांकन और प्रयोगात्मक कार्य में अच्छे अंक हासिल करने की चिंता सता रही है।
सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 15 दिन पहले पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि कॉलेजों में शिक्षण कार्य के साथ ही हाईस्कूल के परीक्षार्थियों का प्रोजेक्ट और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों का प्रयोगात्मक कार्य साथ-साथ पूरा कराया जाए। इससे दिसंबर से शुरू होने वाली प्रयोगात्मक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन में छात्र-छात्राएं बेहतर अंक हासिल कर सकें। बावजूद इसके कॉलेजों में प्रोजेक्ट कार्य और प्रयोगात्मक कार्य पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के कक्षा 12 के छात्र अमित कुमार का कहना था कि अभी तक उनके यहां प्रयोगात्मक कार्य शुरू तक नहीं किया गया है। श्री एकरसानंद इंटर कॉलेज के कक्षा 10 के छात्र अमन ने बताया कि उसके यहां एक भी विषय में प्रोजेक्ट कार्य शुरू नहीं किया गया है। कॉलेजों में प्रोजेक्ट कार्य शुरू न होने से छात्र-छात्रा परेशान हैं। प्रयोगात्मक कार्य न होने के कारण प्रयोगात्मक कार्य की उन्हें चिंता सता रही है।
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हाईस्कूल में प्रोजेक्ट कार्य के लिए 180 अंक का है पूर्णांक
यूपी बोर्ड हाईस्कूल में सभी छात्र-छात्राओं के लिए प्रत्येक विषय के लिए 30 अंक, कुल छह विषयों के लिए 180 अंक का पूर्णांक है। जब प्रोजेक्ट कार्य बेहतर होगा तब ही छात्र-छात्राएं संबंधित विषयों में बेहतर अंक हासिल कर सकेंगे।
इंटरमीडिएट में विषय के अनुसार 30 अंक की है प्रयोगात्मक परीक्षा
इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग में जीव विज्ञान विषय वालों के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषय के लिए 30-30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाती है, जबकि गणित विषय वालों के लिए रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान विषय की प्रयोगात्मक परीक्षा की व्यवस्था भी है। कला वर्ग में भी भूगोल आदि विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षा की व्यवस्था है।
सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को पूर्व में ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि वह समय से प्रयोगात्मक कार्य और प्रोजेक्ट कार्य को पूरा कराएं। कोविड-19 में 30 प्रतिशत कम किए गए कोर्स के अनुसार ही प्रोजेक्ट और प्रयोगात्मक कार्य कराया जाए।
मनोज कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक
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सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 15 दिन पहले पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि कॉलेजों में शिक्षण कार्य के साथ ही हाईस्कूल के परीक्षार्थियों का प्रोजेक्ट और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों का प्रयोगात्मक कार्य साथ-साथ पूरा कराया जाए। इससे दिसंबर से शुरू होने वाली प्रयोगात्मक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन में छात्र-छात्राएं बेहतर अंक हासिल कर सकें। बावजूद इसके कॉलेजों में प्रोजेक्ट कार्य और प्रयोगात्मक कार्य पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के कक्षा 12 के छात्र अमित कुमार का कहना था कि अभी तक उनके यहां प्रयोगात्मक कार्य शुरू तक नहीं किया गया है। श्री एकरसानंद इंटर कॉलेज के कक्षा 10 के छात्र अमन ने बताया कि उसके यहां एक भी विषय में प्रोजेक्ट कार्य शुरू नहीं किया गया है। कॉलेजों में प्रोजेक्ट कार्य शुरू न होने से छात्र-छात्रा परेशान हैं। प्रयोगात्मक कार्य न होने के कारण प्रयोगात्मक कार्य की उन्हें चिंता सता रही है।
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हाईस्कूल में प्रोजेक्ट कार्य के लिए 180 अंक का है पूर्णांक
यूपी बोर्ड हाईस्कूल में सभी छात्र-छात्राओं के लिए प्रत्येक विषय के लिए 30 अंक, कुल छह विषयों के लिए 180 अंक का पूर्णांक है। जब प्रोजेक्ट कार्य बेहतर होगा तब ही छात्र-छात्राएं संबंधित विषयों में बेहतर अंक हासिल कर सकेंगे।
इंटरमीडिएट में विषय के अनुसार 30 अंक की है प्रयोगात्मक परीक्षा
इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग में जीव विज्ञान विषय वालों के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषय के लिए 30-30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाती है, जबकि गणित विषय वालों के लिए रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान विषय की प्रयोगात्मक परीक्षा की व्यवस्था भी है। कला वर्ग में भी भूगोल आदि विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षा की व्यवस्था है।
सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को पूर्व में ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि वह समय से प्रयोगात्मक कार्य और प्रोजेक्ट कार्य को पूरा कराएं। कोविड-19 में 30 प्रतिशत कम किए गए कोर्स के अनुसार ही प्रोजेक्ट और प्रयोगात्मक कार्य कराया जाए।
मनोज कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक