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क्लोन एटीएम कार्ड से निकाले 75 हजार रुपये
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आगरा। शाहगंज के गोविंद नगर के कारोबारी विकास उपाध्याय के खाते से 75 हजार रुपये निकाल लिए गए। विकास के मुताबिक, यह रकम एटीएम कार्ड से निकाली गई, जबकि बैंक का एटीएम कार्ड उनके पास ही है। इससे आशंका है कि उनके एटीएम कार्ड का क्लोन कार्ड बनाया गया था। उन्होंने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की है। पुलिस इस पहले पर जांच कर रही है।
विकास उपाध्याय का भवन निर्माण का कारोबार है। खाता यूनियन बैंक की जयपुर हाउस शाखा में है। 29 जनवरी को विकास के मोबाइल पर खाते से रुपये निकलने के मैसेज आए। तीन बार में 20-20 हजार रुपये, चौथी बार में दस हजार रुपये और पांचवीं बार में पांच हजार रुपये निकाले गए। वह बैंक गए। वहां से पता चला कि खाते से रकम धौलपुर में यूनियन बैंक के एटीएम से निकाली गई है। विकास ने अपना एटीएम कार्ड ब्लाक करा दिया। उनका कहना था कि वह एक दिन पहले ही बैंक के पास एटीएम से रुपये निकालने गए थे। इसके अलावा किसी अन्य को कार्ड की जानकारी नहीं दी है। एटीएम कार्ड भी उनके पास ही है। इसके बावजूद रुपये कैसे निकल गए? अपराधियों ने उनके एटीएम कार्ड का क्लोन कार्ड बनाया है।
साइबर क्राइम सेल के एक्सपर्ट विजय तोमर के मुुताबिक, एटीएम में रुपये निकालने से पहले कुछ सावधानी बरतें। कार्ड लगाने से पहले यह चेक करें कि एटीएम में कार्ड लगाने वाले स्थान पर कोई अतिरिक्त मशीन तो नहीं लगी है। कार्ड को कापी करने के लिए अपराधी स्कीमर का इस्तेमाल करते हैं। इसे कार्ड लगाने वाले स्थान पर लगाया जाता है। इससे कार्ड का डाटा कापी कर लिया जाता है। इसके अलावा भी साइबर अपराधी सूक्ष्म कैमरा लगाते हैं। इससे पिन देख लेते हैं। इसलिए अपने कार्ड का पिन नंबर डालते समय हाथ से ढक लें। किसी को अपना पिन नंबर नहीं बताएं।
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विकास उपाध्याय का भवन निर्माण का कारोबार है। खाता यूनियन बैंक की जयपुर हाउस शाखा में है। 29 जनवरी को विकास के मोबाइल पर खाते से रुपये निकलने के मैसेज आए। तीन बार में 20-20 हजार रुपये, चौथी बार में दस हजार रुपये और पांचवीं बार में पांच हजार रुपये निकाले गए। वह बैंक गए। वहां से पता चला कि खाते से रकम धौलपुर में यूनियन बैंक के एटीएम से निकाली गई है। विकास ने अपना एटीएम कार्ड ब्लाक करा दिया। उनका कहना था कि वह एक दिन पहले ही बैंक के पास एटीएम से रुपये निकालने गए थे। इसके अलावा किसी अन्य को कार्ड की जानकारी नहीं दी है। एटीएम कार्ड भी उनके पास ही है। इसके बावजूद रुपये कैसे निकल गए? अपराधियों ने उनके एटीएम कार्ड का क्लोन कार्ड बनाया है।
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साइबर क्राइम सेल के एक्सपर्ट विजय तोमर के मुुताबिक, एटीएम में रुपये निकालने से पहले कुछ सावधानी बरतें। कार्ड लगाने से पहले यह चेक करें कि एटीएम में कार्ड लगाने वाले स्थान पर कोई अतिरिक्त मशीन तो नहीं लगी है। कार्ड को कापी करने के लिए अपराधी स्कीमर का इस्तेमाल करते हैं। इसे कार्ड लगाने वाले स्थान पर लगाया जाता है। इससे कार्ड का डाटा कापी कर लिया जाता है। इसके अलावा भी साइबर अपराधी सूक्ष्म कैमरा लगाते हैं। इससे पिन देख लेते हैं। इसलिए अपने कार्ड का पिन नंबर डालते समय हाथ से ढक लें। किसी को अपना पिन नंबर नहीं बताएं।
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