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चिश्ती के दरगाह पर गंगा के लिए दुआ
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 22 Jun 2016 02:20 AM IST
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चिश्ती के दरगाह पर गंगा के लिए दुआ
- फोटो : Amar Ujala
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हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर मंगलवार की सुबह आम नहीं थी। फायरब्रांड हिंदुवादी नेता और जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा सफाई मंत्री उमा भारती के अचानक आगमन इसे खास बना दिया था। मोदी सरकार की वजीर ने इस फकीर के दर पर सिर झुकाकर गंगा निर्मलीकरण अभियान की कामयाबी की दुआ मंागी। मन्नत का धागा बांधा और वादा किया कि अभियान की सफलता के बाद मजार शरीफ का गंगाजल से गुस्ल कराएंगी।
केंद्रीय मंत्री उमा भारती को मंगलवार सुबह पांच बजे चिश्ती की दरगाह पर आया देख वहां मौजूद लोग चौंक गए। जयपुर से लौटते वक्त वह बिना पूर्व सूचना के वहां पहुंची थीं। इस वजह से दरगाह की इंतजामिया को भी उनके आगमन की जानकारी नहीं थी। बहुत ही संक्षिप्त इस दौरे में वह सीधे बुलंद दरवाजा परिसर स्थित हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह गईं। सज्जादानशीं की ओर से अरशद फरीदी चिश्ती ने उनकी अगवानी की और उन्हें जियारत कराई। बाद में दरगाह शरीफ की ओर से तबर्रुकात भी भेंट किए। मजार शरीफ पर उन्हाेंने सिर झुकाया, चादरपोशी की और मन्नत का धागा बांधा। तब तक उनकी खबर पाकर पहुंच चुके किसी भी मीडियाकर्मी से उन्होंने बात नहीं की और न ही फोटो खिंचवाए।
अरशद फरीदी चिश्ती ने बताया कि उमा भारती गंगा की निर्मलता के लिए दुआ करने आई थीं। उन्होंने धागा बांधते हुए संकल्प लिया है कि निर्मल गंगा अभियान के सफल होने पर वह दोबारा आएंगी और गंगाजल से बाबा का गुस्ल कराएंगी। जियारत के दौरान उनके साथ हाजी आजाद मेव खान, हाजी बदरुद्दीन कुरैशी, स्माइल खान, रंजीत चौधरी, भाजपा नेता रणजीत सोलंकी, आदित्य फौजदार, लक्ष्मी शर्मा, बंटी कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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केंद्रीय मंत्री उमा भारती को मंगलवार सुबह पांच बजे चिश्ती की दरगाह पर आया देख वहां मौजूद लोग चौंक गए। जयपुर से लौटते वक्त वह बिना पूर्व सूचना के वहां पहुंची थीं। इस वजह से दरगाह की इंतजामिया को भी उनके आगमन की जानकारी नहीं थी। बहुत ही संक्षिप्त इस दौरे में वह सीधे बुलंद दरवाजा परिसर स्थित हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह गईं। सज्जादानशीं की ओर से अरशद फरीदी चिश्ती ने उनकी अगवानी की और उन्हें जियारत कराई। बाद में दरगाह शरीफ की ओर से तबर्रुकात भी भेंट किए। मजार शरीफ पर उन्हाेंने सिर झुकाया, चादरपोशी की और मन्नत का धागा बांधा। तब तक उनकी खबर पाकर पहुंच चुके किसी भी मीडियाकर्मी से उन्होंने बात नहीं की और न ही फोटो खिंचवाए।
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अरशद फरीदी चिश्ती ने बताया कि उमा भारती गंगा की निर्मलता के लिए दुआ करने आई थीं। उन्होंने धागा बांधते हुए संकल्प लिया है कि निर्मल गंगा अभियान के सफल होने पर वह दोबारा आएंगी और गंगाजल से बाबा का गुस्ल कराएंगी। जियारत के दौरान उनके साथ हाजी आजाद मेव खान, हाजी बदरुद्दीन कुरैशी, स्माइल खान, रंजीत चौधरी, भाजपा नेता रणजीत सोलंकी, आदित्य फौजदार, लक्ष्मी शर्मा, बंटी कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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