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मरीजों से ठगी: 1.70 रुपये की गोली 10 में, दवा विक्रेता ऐसे कर रहे मुनाफाखोरी; जेनेरिक दवा बनीं कमाई का जरिया

Sun, 25 Oct 2026 03:45 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Sun, 25 Oct 2026 03:45 PM IST
सार

दवा विक्रेताओं ने जेनेरिक दवाओं को भी कमाई का जरिया बना लिया है। मुनाफाखोर दवाओं को एमआरपी पर बेचकर मरीजों की जेब काट रहे हैं। एसिडिटी की 1.70 रुपये की गोली 10 रुपये में बेच रहे हैं। 

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Chemists are also profiteering on generic medicines selling one-rupee pill for 10 rupees
दवाएं

विस्तार

महंगी दवाओं के बोझ से आम जनता को राहत दिलाने के लिए सरकार भले ही जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा दे रही हो लेकिन मुनाफाखोरों ने इस नेक पहल को भी कमाई का जरिया बना लिया है। जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर विक्रेता इन दवाओं को भी अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर बेच रहे हैं। महज 1.70 रुपये में मिलने वाली एसिडिटी की टैबलेट तक 10 रुपये में बेची जा रही है, जिससे मरीजों की जेब पर डाका पड़ रहा है। इस अंधेरगर्दी के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।
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देश में दवाओं का कारोबार 2.58 लाख करोड़ रुपये का है। तीन फीसदी पेटेंट और 97 फीसदी दवाएं नॉन पेटेंट हैं। पेटेंट खत्म होने के बाद 17 फीसदी दवाएं जेनेरिक नाम से बेची जाती हैं। इनकी सरकार खरीद करती है। इन पर ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर लागू है। 83 फीसदी दवाएं ब्रांडेड जेनेरिक के नाम से बिक्री होती है, इस पर ब्रांड का नाम होता है। इन पर कीमत लागू नहीं हैं, जिसके चलते इन पर एमआरपी कई गुना होती है। इसका फायदा उठाते हुए मरीजों को एमआरपी पर दवाएं बेची जा रही हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में आगरा के समाजसेवियों ने जनहित याचिका दायर भी की है। सहायक आयुक्त औषधि अरविंद गुप्ता का कहना है कि जेनेरिक या ब्रांडेड दवाओं को एमआरपी पर बिक्री की जांच कराई जाएगी। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
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जेनेरिक दवाओं को भी एमआरपी पर बिक्री
जन औषधि केंद्र से दवाएं खरीदने पर तो मरीज को जेनेरिक दवाओं की जानकारी होती है। अन्य से खरीदने पर कई विक्रेता एमआरपी पर बेच देते हैं। फार्मेसी सेंटरों पर दवाओं की खरीद और बिक्री के बोर्ड लगाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर है। -केसी जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता
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कीमत में सही छूट का नहीं मिल रहा लाभ
नॉन पेटेंट दवाओं की कीमत में बहुत छूट होती है लेकिन कई विक्रेता एमआरपी या फिर मामूली छूट देते हैं। इससे मरीजों को महंगी दवाएं मिल रही हैं। इलाज का खर्च अधिक हो रहा है। इनकी कीमत निर्धारित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। -डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ, समाजसेवी


औषधि विभाग के यहां कर चुके हैं शिकायत
जेनेरिक दवाओं की एमआरपी-कुछ छूट पर कई विक्रेता बिक्री कर रहे हैं। अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोरों पर भी ऐसा हुआ है। इसकी शिकायतें संगठन के पास आने पर जांच कराने के लिए औषधि विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी दे चुके हैं। -आशू शर्मा, अध्यक्ष जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन


क्रम संख्या

उपयोग

खरीद मूल्य (रुपये में)

एमआरपी (रुपये में)

1

एसिडिटी

17 (10 गोली)

98

2

यौनवर्धक

60 (10 गोली)

594

3

सनस्क्रीन

140

575

4

कैल्शियम

30 (10 गोली)

160

5

जुकाम

300 (100 गोली)

900

6

एंटीबायोटिक

55

260

7

ताकत

20

200

8

कफ सिरप

30

140

9

बाल बढ़ाने

45

205





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