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Fraud: जलकल विभाग में नौकरी का दिया झांसा, 12 लाख रुपये ठगे
Sat, 27 May 2023 07:22 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 27 May 2023 07:22 AM IST
सार
आरोपियों ने इस कदर भरोसा दिलाया की पीड़ित आसानी से जाल में फंस गए और 12 लाख रुपये दे बैठे। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया।
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थाना ताजगंज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में जलकल विभाग में नौकरी का झांसा देकर 12 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर की शिकायत पर थाना ताजगंज में केस दर्ज किया गया है। दो लोगों को नामजद किया गया है। इसमें विभाग का एक लिपिक भी आरोपी है। आरोप है कि रिटायर्ड निरीक्षक के दो बेटों और उनके पड़ोसी की नौकरी लगाने की बात कही गई थी। फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिए। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
विमल एन्क्लेव, शमसाबाद रोड निवासी रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर शेर बहादुर सिंह ने केस दर्ज कराया। उन्होंने पुलिस आयुक्त को प्रार्थनापत्र दिया था। कहा कि चक्की पाट निवासी विकास सिंह का बेटे हरेंद्र सिंह और पड़ोसी लक्ष्मण सिंह से मिलना जुलना था। एक साल पहले विकास मिला था। उसने खुद को जलकल विभाग का बाबू बताया। कहा कि वो 10 महीने से नौकरी कर रहा है। 30 हजार से अधिक रुपये मिलते हैं। उनकी भी विभाग के लिपिक हर्षित शर्मा की मदद से नौकरी लगवा देगा।
शेर बहादुर सिंह ने बताया कि 26 मई 2022 को हर्षित और विकास, लक्ष्मण सिंह के साथ घर आए। विभाग में काफी जगह खाली बताई। कहा कि महाप्रबंधक को खाली रिक्तियां भरने का अधिकार है। विकास ने विभाग का पहचान पत्र भी दिखाया। इस पर वो अपने दो बेटों हरेंद्र व सतेंद्र और पड़ोसी लक्ष्मण अपनी नौकरी लगवाने के लिए तैयार हो गए। विकास और हर्षित ने प्रत्येक के 4 लाख के हिसाब से 12 लाख रुपये मांगे। उन्होंने 6 लाख नकद और 6 लाख खाते में जमा कर दिए।
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विमल एन्क्लेव, शमसाबाद रोड निवासी रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर शेर बहादुर सिंह ने केस दर्ज कराया। उन्होंने पुलिस आयुक्त को प्रार्थनापत्र दिया था। कहा कि चक्की पाट निवासी विकास सिंह का बेटे हरेंद्र सिंह और पड़ोसी लक्ष्मण सिंह से मिलना जुलना था। एक साल पहले विकास मिला था। उसने खुद को जलकल विभाग का बाबू बताया। कहा कि वो 10 महीने से नौकरी कर रहा है। 30 हजार से अधिक रुपये मिलते हैं। उनकी भी विभाग के लिपिक हर्षित शर्मा की मदद से नौकरी लगवा देगा।
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शेर बहादुर सिंह ने बताया कि 26 मई 2022 को हर्षित और विकास, लक्ष्मण सिंह के साथ घर आए। विभाग में काफी जगह खाली बताई। कहा कि महाप्रबंधक को खाली रिक्तियां भरने का अधिकार है। विकास ने विभाग का पहचान पत्र भी दिखाया। इस पर वो अपने दो बेटों हरेंद्र व सतेंद्र और पड़ोसी लक्ष्मण अपनी नौकरी लगवाने के लिए तैयार हो गए। विकास और हर्षित ने प्रत्येक के 4 लाख के हिसाब से 12 लाख रुपये मांगे। उन्होंने 6 लाख नकद और 6 लाख खाते में जमा कर दिए।
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