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Agra : पानी की पाइपलाइन के गड्ढे में फंसी बस, पहिया निकला, 59 यात्री बाल-बाल बचे, होमगार्ड घायल

Tue, 26 Jul 2022 10:12 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 26 Jul 2022 10:12 PM IST
सार

ताजनगरी की सड़कों पर गड्ढे खतरनाक साबित हो रहे हैं। मंगलवार को यमुना किनारा हाथी घाट पर यात्रियों से भरी बस पानी की पाइपलाइन के गड्ढे में फंस गई, जिससे बस का एक्सल टूट गया। पहिया भी निकल गया। हादसा होते हुए यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। 

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Bus stuck in water pipeline pit on road in agra
गड्ढे में फंसी बस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा 25 दिन पहले पानी की पाइपलाइन के कनेक्शन के लिए खोदा गया गड्ढा 59 लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। मंगलवार को मुरैना से आगरा होकर निकल रही स्लीपर बस हाथीघाट पर मन:कामेश्वर मंदिर मोड़ पर पाइप लाइन के गहरे गड्ढे में फंस गई, जिसमें गिरने से बस का एक्सल टूट गया और पहिया निकल गया। बस के गड्ढे में फंसने पर इसमें सवार 59 यात्रियों में चीख पुकार मच गई, जो आनन फानन मेंनीचे उतरे। इस हादसे में होमगार्ड घायल हो गया।

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जीवनी मंडी से ताजगंज के बीच बिछाई गई 143 करोड़ रुपये की पाइप लाइन में वाल्व के लिए स्मार्टसिटी कंपनी ने हाथीघाट पर गड्ढा खोद रखा था, जिसमें बस फंस गई। तिवारी एंड सिकरवार बस सर्विस मुरैना की बस नंबर यूपी 83 बीटी 0855 जब जीवनी मंडी वाटरवर्क्स की ओर जा रही थी तो मन:कामेश्वर मंदिर द्वार के मोड़ पर खोदे गए गड़्ढे में गिर गई।  
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बस में सवार 59 यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दहशत के कारण वह दस मिनट बाद बस से उतर पाए। स्मार्ट सिटी कंपनी के पीएमसी लीडर आनंद मेनन का दावा है कि गड्ढे की बेरीकेडिंग सोमवार की परिक्रमा के कारण की गई थी, पर बस किसी खामी के कारण गड्ढे में जा गिरी। स्मार्ट सिटी कंपनी ने बस को क्रेन से बाहर निकलवाया।

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25 दिन पहले वाल्व के लिए खोदा गया गड्ढा

बस के गिरने के बाद सुबह पीपल मंडी के पार्षद रवि बिहारी माथुर सबसे पहले पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी कंपनी ने वाल्व के लिए यह गहरा गड्ढा 25 दिन पहले खोदा था। अब तक इसका काम पूरा करके गड्ढा भरा नहीं, जबकि सोमवार को ही बल्केश्वर मंदिर की परिक्रमा में लाखों युवक इस गड्ढे के पास से निकले थे। 

मोतीगंज के पार्षद राकेश जैन ने कहा कि स्मार्ट सिटी कंपनी की लापरवाही पर कार्रवाई की जाए। कंपनी के कर्मचारी बस चालक की गलती बताने में लगे हैं, पर वह गड्ढे की खोदाई और बेरीकेडिंग की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। सीईओ कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

शहर में 40 से ज्यादा जानलेवा गड्ढे

तोता का ताल में खोदे गए गड्ढे में बच्चे की मौत के मामले के बाद नगर निगम ने शहर के चारों जोन में गड्ढों का सर्वे कराया था, जिनमें शहर की सड़कों पर 96 बड़े गड्ढे पाए गए थे। इनमें दो दिन के अंदर भरने केलिए निगम ने समय दिया, लेकिन अब भी जलनिगम, स्मार्ट सिटी, टेलीकॉम कंपनियों, ग्रीन गैस आदि ने 40 से ज्यादा गहरे गड्ढों को खोद रखा है। 

इनमें आवास विकास कॉलोनी में पदम प्लाजा रोड पर जलनिगम ने एक माह से गड्ढा खोद रखा है, पर कनेक्शन नहीं किया। इसमें दो बार ट्रक फंस चुके हैं, वहीं ताजनगरी, फतेहाबाद रोड, मारुति एस्टेट, बोदला रोड पर गहरे गड्ढे हैं। मानसून की बारिश मेंजलभराव के दौरान यह गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं। 

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