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मुख्यमंत्री को भी गुमराह कर रही है नौकरशाही, अफसरों की करतूत आई सामने

Tue, 09 Oct 2018 01:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Tue, 09 Oct 2018 01:48 PM IST
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Bureaucratic misleading to Chief Minister over development works
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
आगरा में जनता की समस्याओं के निस्तारण के नाम पर नौकरशाही क्या खेल करती है, इसकी बानगी दौरेठा 100 फुटा रोड की जर्जर स्थिति है। 2009 से यहां की जनता रोड और नाला निर्माण के लिए भटक रही है। 
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मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भी गुमराह कर दिया है। क्षेत्र की जनता को इसकी जानकारी उस वक्त हुई जब शिकायतकर्ता के पास सीएम कार्यालय से फोन आया और उनसे पूछा कि आपकी समस्या का निस्तारण हो गया है, क्या आप संतुष्ट हैं?
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गौरतलब है कि 2009 में बसपा के शासन के दौरान दौरेठा भीम नगरी महोत्सव का आयोजन हुआ था। तब आगरा विकास प्राधिकरण ने यहां 100 फुटा रोड और रोड के दोनों ओर नाले का निर्माण किया था। तब अधिकारियों ने कुछ हिस्से को छोड़ दिया। 
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ऐसे खुली अफसरों की पोल

जनता ने टोका तो अधिकारियों ने कह दिया कि अब आयोजन के बाद ही पूरा होगा। तब से एडीए के अधिकारियों ने वहां झांककर भी नहीं देखा। क्षेत्रीय निवासी अनिल तिवारी का कहना है कि एडीए ने 100 फुटा रोड के लिए स्वीकृत राशि से मारुति एस्टेट का रोड बना दिया। 

तब से क्षेत्र की टीम ने एडीए के चक्कर काट रही है। जब ज्यादा दबाव बना तो एडीए के अफसरों ने रिपोर्ट दे दी कि वो क्षेत्र ग्रामीण विधानसभा में आता है। वहां एडीए की सीमा नहीं है। इसके बाद अनिल तिवारी ने विधायक हेमलता दिवाकर, नगर निगम और विकास भवन में शिकायत की लेकिन कोई काम नहीं हुआ। 

अनिल तिवारी कहते हैं कि 18 सितंबर को दोबारा सीडीओ कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की। उन्होंने बताया कि छह अक्टूबर को मुख्यमंत्री कार्यालय फोन से आया था। वहां से पूछा गया था कि आपकी समस्या का समाधान हो गया है। क्या आप इससे संतुष्ट हैं। 

तब अनिल तिवारी ने बताया कि समाधान तो दूर वहां कोई देखने तक नहीं आया है। हालांकि, अनिल तिवारी को यह पता नहीं लग सका कि ओके रिपोर्ट किस विभाग ने दी है। इस फोन के बाद क्षेत्र के लोग हैरान हैं। क्या समाधान के नाम पर अधिकारी ऐसा भी कर सकते हैं। 

अनिल कुमार थे तब डीएम 

अनिल तिवारी ने बताया कि मंडलायुक्त अनिल कुमार 2009 में यहां जिलाधिकारी के पद पर तैनात थे। उनके कार्यकाल में ही यहां विकास कार्य हुआ था। अब इस मामले को लेकर अब मंडलायुक्त अनिल कुमार से भी मिलेंगे। 

क्षेत्रीय निवासी राजेंद्र ने बताया कि यहां सड़क बनी नहीं है। नाला नहीं बना है। इसकी वजह से यहां गंदा पानी भरा रहता है। इससे बीमारी फैलने का खतरा है। चंद्रभान सिंह ने कहा कि 2009 से क्षेत्र की जनता ऑफिस दर आफिस भटक रही है। एडीए के तत्कालीन अधिकारियों जनता के साथ धोखा किया था। 
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