आयकर सर्वे में बुलियन कारोबारियों ने 42 करोड़ सरेंडर किए
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प्रमुख आयकर आयुक्त अनुराधा मिश्रा के निर्देश पर संयुक्त आयकर आयुक्त रेंज 4 बेलू सिन्हा की अगुवाई में सराफा और बुलियन के चार कारोबारियों पर शुक्रवार दोपहर बाद सर्वे शुरू किया गया। चौबे जी का फाटक, नमक की मंडी स्थित चारों फर्म राजेंद्र खेरली की एमएल चेंस, मनोज गुप्ता की जीटी चेंस, राजकुमार गुप्ता की सीपी चेंस और सुशील चौहान की शिवम ट्रेडर्स पर आयकर अधिकारियों की टीमों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की।
आयकर सर्वे की जानकारी होते ही नमक की मंडी में ज्वेलर्स और बुलियन कारोबारियों के प्रतिष्ठानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। 50 से ज्यादा आयकर अधिकारियों की टीम ने देर रात तक चारों प्रतिष्ठानों के सात परिसरों पर सर्वे की कार्रवाई को अंजाम दिया। देर रात तक किसी भी कारोबारी ने आयकर को अघोषित आय सरेंडर नहीं की थी। बता दें कि आगरा में सबसे ज्यादा चांदी आयात की गई। देश के टॉप तीन आयातकों में आगरा के दो बुलियन कारोबारी हैं। हाल में ही बुलियन फेडरेशन के कार्यक्रम में आगरा के दोनों ही चांदी आयातकों को सम्मानित किया गया था। आयकर विभाग की नजर तभी से बुलियन कारोबारियों पर थी।
सूत्रों के मुताबिक अब तक फ्लॉप चल रही आय घोषणा योजना में चारों कारोबारियों से रकम का खुलासा कराया जाएगा। 30 सितंबर को यह योजना समाप्त होने वाली है, लेकिन आगरा में रिस्पांस नहीं मिल पाया। ऐसे में पहले चिकित्सकों पर और अब सराफा कारोबारियों पर सर्वे किया गया है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह आयकर की कई बड़ी कार्रवाई सामने आएंगी।