हॉलमार्क यूनिक आईडी का विरोध: आगरा-मथुरा में आज बंद हैं सराफा बाजार, कारोबार पर असर
हड़ताल के चलते आगरा और मथुरा में करीब 15 हजार सराफा प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। इससे करोड़ों का कारोबार प्रभावित होगा।
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जेवरात में हॉलमार्क यूनिक आईडी के विरोध में आगरा और मथुरा के सराफा कारोबारी आज बाजार बंद हैं। आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि हॉलमार्क को लागू करने का हमने स्वागत किया, लेकिन यूनिक आईडी के लागू होने से कारोबार करना मुमकिन नहीं होगा। इसमें हर आभूषण की एक यूनिक आईडी जनरेट करनी होगी, जिसकी विक्रेता को इनमेंट्री दर्ज करनी होगी। यह व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।
ऐसे में आगरा की सराफा एसोसिएशन, सराफा स्वर्णकार व्यवसायिक कमेटी, श्री सराफा कमेटी, कश्मीरी बाजार व्यवसायी संगठन, किनारी बाजार सराफा एसोसिएशन, सभी क्षेत्रीय सराफ कमेटियों ने फैसला लिया है कि इसके विरोध में सोमवार को समस्त कारोबार बंद रहेगा। अजय गर्ग अवागढ़, राजू मेहरा, राकेश मोहन, देवेंद्र गोयल, धीरज वर्मा, कुलभूषण गुप्ता ने बंद सफल बनाने की अपील की है।
आगरा में किनारी बाजार, सेब का बाजार और नमक मंडी थोक सराफा बाजार हैं। इसके अलावा शहर और देहात में अलग-अलग इलाकों में भी ज्वैलर्स हैं। ऐसे में हॉलमार्क यूनिक आईडी के विरोध में सोमवार को जिले के करीब पांच हजार सराफ कारोबारियों ने दुकान बंद कर अपना विरोध जताने का एलान किया है। उधर, हड़ताल के चलते मथुरा में करीब 10 हजार सराफा प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। इससे कारोबारा प्रभावित होगा।
मथुरा में 10 हजार प्रतिष्ठान बंद
मथुरा सराफा कमेटी के अध्यक्ष कंचन लाल अग्रवाल और महामंत्री राज कुमार अग्रवाल ने बताया कि सराफा व्यवसायी पिछले दिनों से हॉलमार्क की यूनिक आईडी की समस्या से परेशान हैं। इसके कारण उनके व्यापारिक गतिविधियों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। सोमवार को जनपद के लगभग 10 हजार सराफा प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। यदि सरकार नहीं मानी तो यह हड़ताल आगे बढ़ाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी मेरठ निवासी विपिन अग्रवाल ने बताया कि यह सरकार का नादिरशाही कानून है, जिसमें वह सराफा व्यापारी को फंसाना चाहती है। पहले यह बताया गया था कि हॉलमार्क की आईडी केवल सेंटर पर रहेगी, परंतु अब सेंटर द्वारा बताया जा रहा है कि इसमें पोर्टल का प्रयोग किया जाएगा। इस व्यवस्था से सराफा व्यवसायी जरा सी चूक होने पर जेल तक जा सकते हैं। यदि सरकार नहीं मानी तो हम हड़ताल आगे बढ़ाएंगे।