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UP: आगरा के राजा की मंडी बाजार पर चल सकता है बुलडोजर!, दुकानदारों की उड़ी नींद; आज तय होगा मार्केट का भविष्य

Tue, 10 Feb 2026 12:13 AM IST
अरुन पाराशर अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: अरुन पाराशर Updated Tue, 10 Feb 2026 12:13 AM IST
सार

आगरा के बड़े व्यापारिक केंद्र राजा की मंडी बाजार पर संकट मंडरा रहा है। बाजार पर बुलडोजर चल सकता है। मंगलवार को प्रशासन की ओर से बाजार की पैमाइश की जाएगी। इसके बाद ही अगली कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

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Bulldozers may be used to demolish structures in Agra Raja Ki Mandi market
राजा की मंडी बाजार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

राजा मंडी में भ्रष्टाचार की नींव पर लाभचंद मार्केट खड़ी हो गई। नीचे 60 दुकानें बनाईं, ऊपर होटल और शोरूम बन गए। दुकानदार और पट्टाधारक में किराए को लेकर रार मची तो भ्रष्टाचार की पोल खुली। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर सड़क पर खड़ी इस मार्केट के सीमांकन की नौबत आ गई है। मंगलवार को राजस्व टीम फीता लगाकर पैमाइश करेगी। सड़क पर खड़े निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे।
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इस मामले में दुकानदार एएस सूरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि विवादित भूमि यदि राजस्व रिकाॅर्ड में सड़क दर्ज है, तो इसे हर हाल में खाली कराएं। सार्वजनिक मार्ग बहाल किया जाए। मंगलवार को होने वाली पैमाइश से यह तय होगा कि दशकों से चल रही दुकानें और होटल सड़क की जमीन पर बने हैं या नहीं।
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लाभचंद मार्केट की यह बेशकीमती जमीन पूर्व धर्मचंद जैन को विशेष शर्तों के साथ पट्टे पर रहने के लिए दी गई थी। याचिकाकर्ता एएस सूरी ने बताया कि वर्तमान में उनके वारिसों का इस पर कब्जा है। जिनमें एक आईएएस अधिकारी हैं। आरोप है कि पट्टे की शर्तों का उल्लंघन और धोखाधड़ी करने के कारण नगर निगम से पट्टा निरस्त हो चुका है। इसके बावजूद उनसे भारी-भरकम किराया वसूला जा रहा है।
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बाजार के 60 दुकानदार दशकों से यहां अपना व्यापार कर रहे हैं। याचिका में पट्टे की वैधता और सड़क की जमीन को दबाने का मुद्दा उठाया गया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया है कि सीमांकन के दौरान राज्य प्राधिकारी यह जांचेंगे कि किरायेदारी शुरू होने से पहले सरकारी रिकॉर्ड में क्या वहां सड़क मौजूद थी।


यदि पैमाइश में सड़क और फुटपाथ की जमीन पुख्ता होती है, तो उसे तत्काल अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी साफ कहा है कि सीमांकन के दौरान किसी पक्ष का मौजूद रहना जरूरी नहीं है। वहीं, एडीएम प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी का कहना है कि भूमि के सीमांकन के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में टीम बनाई है। कल टीम 11 बजे पैमाइश के लिए जाएगी।

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