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बोले दलाई लामा, बंटवारे के समय हुई भगदड़ के कारण है कश्मीर घाटी में अशांति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Mon, 03 Dec 2018 05:48 PM IST
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बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा
- फोटो : अमर उजाला
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बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने कहा कि कश्मीर घाटी में आतंकवाद और अशांति का मुख्य कारण देश का बंटवारा है। बंटवारे के समय भगदड़ के कारण यह समस्या पैदा हुई है। धैर्य और दृढ़ निश्चिय से ही इसका समस्या का समाधान होगा।
दलाई लामा मैनपुरी के जसराजपुर स्थित वाईबीएस सेंटर में धम्म प्रवचन करने आए हुए हैं। सोमवार को प्रवचन के बाद प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी बंटवारे के खिलाफ थे। हालांकि बंटवारे में नेहरू और जिन्ना की भूमिका के सवाल पर वो कुछ नहीं बोले।
इससे पूर्व धम्म प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व को भारत से सीख लेनी चाहिए। भारत का अहिंसा का सिद्धांत सभी पर लागू होता है। भारत में सभी धर्मों के लोग बिना लड़ाई-झगड़े के रहते हैं। सीरिया, यमन सहित मुस्लिम देशों में शिया और सुन्नी आपस में झगड़ा कर रहे हैं।
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कुछ समय पहले बांग्लादेश में मुस्लिम और बौद्ध धर्म के लोगों में झगड़ा हुआ था, ये अत्यंत दुखद रहा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम देशों को भी भारत के सर्व धर्म अहिंसा के सिद्धांत को अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम में तिब्बत के पूर्व प्रधानमंत्री सोमदाग्ग रिमपोछे, वाईबीएस अध्यक्ष सुरेश बौद्ध, महासचिव उपनंद थेरो, कैलाश बौद्ध, डॉ. आलोक सिंह, पूर्व मंत्री आलोक शाक्य, भोगांव विधायक रामनरेश अग्निहोत्री के अलावा करीब 20 देशों के अनुयायी मौजूद रहे।
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दलाई लामा मैनपुरी के जसराजपुर स्थित वाईबीएस सेंटर में धम्म प्रवचन करने आए हुए हैं। सोमवार को प्रवचन के बाद प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी बंटवारे के खिलाफ थे। हालांकि बंटवारे में नेहरू और जिन्ना की भूमिका के सवाल पर वो कुछ नहीं बोले।
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इससे पूर्व धम्म प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व को भारत से सीख लेनी चाहिए। भारत का अहिंसा का सिद्धांत सभी पर लागू होता है। भारत में सभी धर्मों के लोग बिना लड़ाई-झगड़े के रहते हैं। सीरिया, यमन सहित मुस्लिम देशों में शिया और सुन्नी आपस में झगड़ा कर रहे हैं।
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कुछ समय पहले बांग्लादेश में मुस्लिम और बौद्ध धर्म के लोगों में झगड़ा हुआ था, ये अत्यंत दुखद रहा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम देशों को भी भारत के सर्व धर्म अहिंसा के सिद्धांत को अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम में तिब्बत के पूर्व प्रधानमंत्री सोमदाग्ग रिमपोछे, वाईबीएस अध्यक्ष सुरेश बौद्ध, महासचिव उपनंद थेरो, कैलाश बौद्ध, डॉ. आलोक सिंह, पूर्व मंत्री आलोक शाक्य, भोगांव विधायक रामनरेश अग्निहोत्री के अलावा करीब 20 देशों के अनुयायी मौजूद रहे।