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नीले खेमे ने छक्के की हैटट्रिक का किया दावा

अमर उजाला ब्यूरो आगरा Updated Thu, 09 Mar 2017 11:38 PM IST
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- फोटो : File Photo
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चुनाव परिणाम आने में अब महज एक दिन बाकी है। बसपा ने जिले में इस बार छक्के की हैटट्रिक मारने का दावा किया है। दो विधानसभा चुनाव में बसपा जिले की नौ में से छह सीटें जीतती आ रही है। हालांकि लोकसभा चुनाव में बसपा का आगरा और फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर प्रदर्शन उम्मीद से फीका रहा था, लेकिन बसपाई 11 मार्च को दलितों की राजधानी में नीला परचम फहराने का दावा दोहरा रहे हैं। बसपा के कोआर्डिनेटर आजाद सिंह के मुताबिक 11 मार्च को सभी पोल की पोल खुल जाएगी। साल 2007 में भी बसपा को तीसरे नंबर की पार्टी बताया गया था, लेकिन बसपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। बसपा के प्रत्याशियों में डा. धर्मपाल सिंह का भी यही मानना है कि बिहार, दिल्ली की तरह यूपी का एग्जिट पोल भी गलत साबित होगा। जीत की हैटट्रिक के लिए वह दो देवी मंदिरों में दर्शन करने जा चुके हैं।

सपा: जगह बनाने की जद्दोजहद  
सपा के लिए जिले की जमीन बंजर ही रही है। 25 साल के सफर में सिर्फ दो बार ही पार्टी प्रत्याशी जीत का सेहरा बांधने में कामयाब हो सके हैं। भाजपा और बसपा के गढ़ में साइकिल सवाराें को तीसरे-चौथे नंबर पर ही संतोष करना पड़ा है। इस बार भी पार्टी जिले में जगह बनाने की जद्दोजहद में है। हालांकि कुछ सीटों पर उसके प्रत्याशी कड़ी टक्कर में हैं।

चार अक्टूबर 1992 में गठन के बाद से सपा पांच बार विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है। छठवीं बार पार्टी प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। जिले की नौ सीटों पर सपा को पहली जीत पार्टी बनने के बाद वर्ष 1993 के चुनाव में मिली। तब एत्मादपुर (सुरक्षित) विधानसभा सीट से चंद्रभान मौर्य सिर्फ 643 वोटों से चुनाव जीते थे। उन्हें 39468 और दूसरे नंबर पर रहे भाजपा प्रत्याशी घनश्याम प्रेमी को 38825 वोट मिले थे। इसके बाद वर्ष 1996, 2002 और 2007 के विधानसभा चुनाव में पार्टी अपना खाता नहीं खोल पाई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ताजनगरी को भले ही अपने और पार्टी के लिए लकी मानते हों लेकिन यह जिला कभी उनके पिता मुलायम सिंह यादव की झोली नहीं भर सका। लंबे अंतराल के बाद पिछले विधानसभा चुनाव में जरूर बाह विधानसभा सीट से अरिदमन सिंह के रूप में पार्टी फिर से खाता खोलने में कामयाब रही मगर, इस जीत को पार्टी की कम और अरिदमन की व्यक्तिगत जीत ज्यादा माना गया। इस बार अखिलेश यादव के नेतृत्व और कांग्रेस गठबंधन के साथ पार्टी के छह प्रत्याशी मैदान में हैं। छावनी, उत्तर, फतेहपुर सीकरी, फतेहाबाद, एत्मादपुर और बाह विधानसभा पर सपा प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें से कुछ सीटों पर सपा प्रत्याशी मुकाबले में हैं मगर, पिछले रिकार्ड को देखते हुए वह भी आशंकित हैं।

कांग्रेस प्रत्याशी बोले हमें कोई बेचैनी नहीं
आगरा। आगरा दक्षिण से कांग्रेस सपा गठबंधन के प्रत्याशी नजीर अहमद का कहना है कि मतगणना को लेकर कोई तनाव नहीं है। वर्ष 2012 में भी किसी तरह के दबाव में नहीं थे। वहीं आगरा ग्रामीण से कांग्रेस सपा गठबंधन के प्रत्याशी उपेंद्र सिंह का कहना है कि बेचैनी उन लोगों को होगी, जिन्हें अपने काम पर भरोसा नहीं है। उन्होंने पांच साल तक क्षेत्र में काम कराए हैं। किसी अनुष्ठान की जरूरत नहीं है।

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