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ब्रज की झोली हो गई खाली

Tue, 05 Jul 2016 11:46 PM IST
अमर उजाला आगरा
अमर उजाला आगरा Updated Tue, 05 Jul 2016 11:46 PM IST
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Brij bag was empty
रामश्‍ांकर कठेर‌िया - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
केंद्रीय मंत्रिमंडल से डा. रामशंकर कठेरिया की छुट्टी के साथ ही ब्रज की झोली खाली हो गई है। वर्ष 2014 में दिल खोलकर ब्रज की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को वोट किया था लेकिन टीम मोदी में अब ब्रज का प्रतिनिधित्व गायब हो गया है। वह भी तब, जबकि ब्रज क्षेत्र से कई सांसदों की मजबूत दावेदारी थी।
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ब्रज की मथुरा, आगरा, फतेहपुरसीकरी, फीरोजाबाद, मैनपुरी, एटा और हाथरस सहित लोकसभा की सात सीटों में से पांच भाजपा के खाते में हैं। मथुरा से हेमा मालिनी, आगरा से डा. रामशंकर कठेरिया, फतेहपुर सीकरी से चौधरी बाबूलाल, एटा से राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया, हाथरस से राजेश दिवाकर रिकॉर्ड वोटों से जीते। मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में हुए बदलाव और विस्तार में कठेरिया की छुट्टी से पहले ब्रजक्षेत्र से राजू भैया और राजेश दिवाकर में किसी एक के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की काफी चर्चा थी। दरअसल, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा जिस तरह से ओबीसी और एससी वोटरों पर फोकस कर रही है, उसके हिसाब से ब्रज में इन जातियों के वोटरों पर डोरे डालने के लिए इनकी दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को राजस्थान का राज्यपाल बनाए जाने के बाद से राजू भैया को टीम मोदी में शामिल करने की उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं। हाल ही में उनके संसदीय क्षेत्र कासगंज में बूथ सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जिस तरह से उनकी तारीफों के पूल बांधे थे, उससे राजू भैया के मंत्री बनने की चर्चाएं और तेज हो गई थीं। एससी कोटे से कठेरिया का मंत्री पद छिनने के बाद से हाथरस के सांसद राजेश दिवाकर को इस कोटे से मंत्री बनाया जाना तय माना जा रहा था। संघ भी उनकी पैरोगारी में लगा था। मगर, केंद्रीय नेतृत्व ने न सिर्फ इन दोनों दावेदारों को किनारे कर दिया बल्कि ब्रज की भी उपेक्षा कर दी। चर्चा तो हेमा मालिनी को भी मंत्री बनाए जाने की थी लेकिन मोदी-शाह के चुनावी गणित में वह भी फिट नहीं बैठ पाईं। हालांकि ताल तो चौधरी बाबूलाल भी ठोंक रहे थे।
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