आगरा: डेंगू-वायरल बुखार के चलते प्लेटलेट्स की कालाबाजारी, तीन हजार रुपये तक ले रहे कमीशन
डेंगू, वायरल फीवर में प्लेटलेट्स कम होने वाले मरीजों के लिए इलाज के लिए पड़ती है जरूरत
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विस्तार
डेंगू और वायरल फीवर के मरीज बढ़ने पर प्लेटलेट्स की कालाबाजारी शुरू हो गई है। तीमारदारों से 800 से तीन हजार रुपये तक कमीशन के तौर पर लिए जा रहे हैं। प्लेटलेट्स के छोटे पैक की सबसे ज्यादा कालाबाजारी हो रही है। शिकायत मिलने के बाद जांच औषधि विभाग ने जांच की और एक ब्लड बैंक का चेतावनी देते हुए तीमारदार से रुपये वापस कराए हैं।
निजी ब्लड बैंकों में जंबो पैक (सिंगल डोनर एफेरेसिस प्लेटलेट्स) की फीस 7500 से 8000 रुपये है। इसे डेंगू के मरीज को चढ़ाने पर 50 हजार प्लेटलेट्स बढ़ती हैं। मिनी पैक (रेंडम डोनर प्लेटलेट्स) से 10 हजार प्लेटलेट्स की बढ़ोत्तरी होती है। इसकी फीस 800 से 900 रुपये है। इनकी मांग आठ गुना तक बढ़ने पर दलाल सक्रिय हो गए हैं। मिनी पैक पर पांच से 800 रुपये और जंबो पैक के लिए डोनर की व्यवस्था कराने के लिए दलाल तीन हजार रुपये तक कमीशन ले रहे हैं।
केस एक
फिरोजाबाद के दिनेश कुमार ने बताया कि उनका मरीज यमुनापार के अस्पताल में भर्ती है, प्लेटलेट्स कम होने पर डॉक्टर ने जंबो पैक की व्यवस्था करने को कहा। डोनर नहीं था, एक दिन ऐसे ही बीत गया, फिर अस्पताल के कर्मचारी ने ढाई हजार रुपये अतिरिक्त लेकर डोनर की व्यवस्था की।
केस दो
शिकोहाबाद निवासी देवेंद्र सिंह के बच्चा यमुनापार के अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने बताया कि पांच-छह दिन से बुखार नहीं टूट रहा है। प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए मिनी पैक मांगा, अस्पताल के पास ही एक व्यक्ति ने पांच सौ रुपये ज्यादा देकर पैक दिलाया। बच्चे को चढ़ाया, अब हालत ठीक है।
ज्यादा रुपये देने की शिकायतें आईं
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि प्लेटलेट्स की कालाबाजारी की शिकायत पर राजपुर चुंगी क्षेत्र के दो ब्लड बैंक की जांच भी की है। एक मामले में मिनी पैक के 1400 रुपये वसूले गए थे। ब्लड बैंक ने अतिरिक्त रुपये वापस कराए। सभी ब्लड बैंक से फीस और हेल्प लाइन नंबर चस्पा करने को कहा गया है। रिकॉर्ड भी मंगा रहे हैं।
यमुनापार क्षेत्र से आ रहे ज्यादा तीमारदार
लोकहितम ब्लड बैंक के निदेशक अखिलेश अग्रवाल का कहना है कि फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा, मिनी पैक और जंबो पैक की बढ़ी मांग पर उसकी कालाबाजारी शुरू हो गई है। यमुनापार क्षेत्र से सबसे ज्यादा मांग आ रही है। पूछताछ में एक-दो संदिग्ध भी मिले, जब डॉक्टर से बात कराने की कहा तो वह बहाने बनाकर लौट गए।
संदिग्ध मिलने पर नहीं दिया जाता जंबो पैक
प्लेटलेट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। बीते चार दिन में 50 जंबो पैक की सप्लाई हुई। वायरल फीवर और डेंगू में बढ़ती मांग के कारण एजेंट कमीशनखोरी करते हैं। डोनर से पूछताछ करने पर संदिग्ध नजर आने पर पैक नहीं दिया जाता है। - अरविंद आचार्य, मैनेजर, समर्पण ब्लड बैंक
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