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अकबर टॉम्ब स्मारक में काले हिरन की मौत से मची खलबली, यहां घट रही दुर्लभ प्रजाति
Wed, 23 Oct 2019 12:16 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 23 Oct 2019 12:16 AM IST
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आगरा के सिकंदरा स्थित अकबर का मकबरा स्मारक में काला हिरन (ब्लैक बक) की मौत हो गई है। उसका शव मंगलवार सुबह झाड़ियों में पड़ा मिला। यहां काले हिरनों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इससे स्मारक में मौजूद स्टाफ में हड़कंप मच गया। तीन सदस्यीय पशु चिकित्साधिकारियों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में मौत का कारण प्राकृतिक मौत आया है।
इस स्मारक में 80 काले हिरन हैं। मंगलवार सुबह पुरातत्व विभाग की उद्यान शाखा के कर्मचारी नियमित निरीक्षण पर थे। इसी बीच झाड़ियों में एक ब्लैक बक मरा हुआ दिखाई दिया। आनन-फानन में वन विभाग को सूचित किया गया।
पोस्टमार्टम के अनुसार, काले हिरन की आयु लगभग 12 वर्ष है, जोकि सामान्य तौर पर इतनी ही होती है। उसकी प्राकृतिक मौत हुई है। हालांकि इससे पहले कयास लगाए जा रहे कि खाने में कुछ गड़बड़ी के चलते काले हिरन की मौत हुई। यहां सियारों का भी आतंक रहता है। इससे पहले सियार कई हिरनों को अपना निवाला बना चुके हैं।
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इस स्मारक में 80 काले हिरन हैं। मंगलवार सुबह पुरातत्व विभाग की उद्यान शाखा के कर्मचारी नियमित निरीक्षण पर थे। इसी बीच झाड़ियों में एक ब्लैक बक मरा हुआ दिखाई दिया। आनन-फानन में वन विभाग को सूचित किया गया।
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पोस्टमार्टम के अनुसार, काले हिरन की आयु लगभग 12 वर्ष है, जोकि सामान्य तौर पर इतनी ही होती है। उसकी प्राकृतिक मौत हुई है। हालांकि इससे पहले कयास लगाए जा रहे कि खाने में कुछ गड़बड़ी के चलते काले हिरन की मौत हुई। यहां सियारों का भी आतंक रहता है। इससे पहले सियार कई हिरनों को अपना निवाला बना चुके हैं।
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अगले महीने लायन सफारी इटावा जाएंगे काले हिरन
सिकंदरा स्मारक में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे काल हिरन अगले महीने से यहां दिखाई नहीं देंगे। इन्हें इटावा स्थित लायन सफारी में शिफ्ट किया जा रहा है। सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। इससे पहले इन्हें कानपुर स्थित चिड़ियाघर में ले जाने का प्रस्ताव था लेकिन यहां जगह कम होने और दूरी अधिक होने के कारण प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया।
चूंकि हिरन वाहन में लंबा सफर तय नही कर सकते। इसलिए जगह और सफर की स्थिति को देखते हुए इन्हें नवंबर में इटावा स्थित लायन सफारी में ले जाया जाएगा। बता दें कि बहुत से पर्यटक अकबर टूम में काले हिरन ही देखने आते हैं। वे यहां आकर इनके साथ फोटो भी खिंचवाते हैं।
डीएफओ मनीष मित्तल ने बताया कि सीजेडए से हिरनों को शिफ्ट करने की अनुमति मिल गई है। नवंबर में इन्हें इटावा स्थित लायन सफारी ले जाया जाएगा।
चूंकि हिरन वाहन में लंबा सफर तय नही कर सकते। इसलिए जगह और सफर की स्थिति को देखते हुए इन्हें नवंबर में इटावा स्थित लायन सफारी में ले जाया जाएगा। बता दें कि बहुत से पर्यटक अकबर टूम में काले हिरन ही देखने आते हैं। वे यहां आकर इनके साथ फोटो भी खिंचवाते हैं।
डीएफओ मनीष मित्तल ने बताया कि सीजेडए से हिरनों को शिफ्ट करने की अनुमति मिल गई है। नवंबर में इन्हें इटावा स्थित लायन सफारी ले जाया जाएगा।