प्रदूषण के कारण अपनी सुंदरता खो रहा ताजमहल, सांसद ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा
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राज्यसभा में सोमवार को सांसद हरद्वार दुबे ने बढ़ते प्रदूषण के कारण ताजमहल की सुंदरता पर पड़ रहे असर का मुद्दा उठाया। सांसद ने कहा कि प्रदूषण के कारण ताजमहल अपनी सुंदरता को खो रहा है। उन्होंने ताज पर प्रदूषण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
सांसद ने कहा कि बढ़ते वायु और जल प्रदूषण के कारण ताजमहल की सुंदरता पर असर पड़ रहा है। दुनिया के सात अजूबों में शुमार इस स्मारक पर से अब देसी व विदेशी पर्यटक दूर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि ताज की सुंदरता खराब होने के कई कारण हैं।
जैसे ताज टूरिज्म जोन के चारों ओर कचरा एकत्र होना, पेट्रोल, डीजल चालित वाहनों की आवाजाही, औद्योगिक चिमनियों से उठने वाला धुआं, जोकि अम्लीय वर्षा करता है। कभी ताज की सुंदरता में चार चांद लगाने वाली यमुना का हाल भी खराब है।
ताज पर पड़ रहे दाग
यमुना के गंदे पानी में पनपने वाला कीड़ा (गोल्डी काइरोनोमस) से ताज की सतह पर गहरे भूरे व हरे रंग के दाग पड़ रहे हैं। यमुना से उठने वाली दुर्गंध भी पर्यटकों को परेशान करती है। ताज के समीप ही यमुना में नाले सीधे गिर रहे हैं।
हरद्वार दुबे ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने इस पर चिंता जताते हुए कई कदम भी उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी उत्तर प्रदेश सरकार से ताज के संरक्षण के लिए विजन डॉक्यूमेंट का ड्राफ्ट तैयार करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि ताज की सुंदरता को पर्यावरणीय क्षति से बचाने को आवश्यक कदम उठाए जाएं। ताज के चारों ओर किसी भी प्रकार के प्रदूषण की रोकथाम को कदम उठाएं। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को भी आगाह किया जाए।