{"_id":"6ad6f1dcf30be1683509232a","slug":"bjp-leaders-step-up-mlc-election-campaign-after-yogi-s-directives-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: लखनऊ से सख्त संदेश के बाद हरकत में भाजपा, एमएलसी चुनाव के लिए मैदान में उतरे जनप्रतिनिधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: लखनऊ से सख्त संदेश के बाद हरकत में भाजपा, एमएलसी चुनाव के लिए मैदान में उतरे जनप्रतिनिधि
Tue, 20 Oct 2026 10:15 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 20 Oct 2026 10:15 AM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद आगरा खंड शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संपर्क अभियान तेज कर दिया है। शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ बैठकें की जा रही हैं और मतदाता सूचियों के आधार पर संपर्क बढ़ाया जा रहा है।
विज्ञापन
सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) के आगरा खंड शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दो दिन पहले कड़े निर्देश मिलने के बाद अब स्थानीय स्तर पर मतदाताओं को साधने के लिए जनप्रतिनिधियों की बैठकों का दौर तेज हो गया है।
मुख्यमंत्री ने हर विधायक, एमएलसी और सांसद को सक्रियता के साथ पार्टी प्रत्याशी को जिताने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से पार्टी के जनप्रतिनिधि मतदाता सूचियों के साथ शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ बैठकें कर रहे हैं। स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच पैठ मजबूत के लिए तेजी से संपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, स्नातक सीट की तुलना में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर पार्टी की प्रतिष्ठा अधिक दांव पर लगी हुई है। यही वजह है कि संगठन का पूरा जोर शिक्षकों के बीच अपनी पकड़ को मजबूत बनाने पर है। ऐसे में राजधानी लखनऊ से मिली कड़ी फटकार और निर्देश के बाद सरकार और संगठन के तमाम बड़े चेहरे खुद मैदान में उतरकर मोर्चा संभाल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने हर विधायक, एमएलसी और सांसद को सक्रियता के साथ पार्टी प्रत्याशी को जिताने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से पार्टी के जनप्रतिनिधि मतदाता सूचियों के साथ शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ बैठकें कर रहे हैं। स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच पैठ मजबूत के लिए तेजी से संपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, स्नातक सीट की तुलना में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर पार्टी की प्रतिष्ठा अधिक दांव पर लगी हुई है। यही वजह है कि संगठन का पूरा जोर शिक्षकों के बीच अपनी पकड़ को मजबूत बनाने पर है। ऐसे में राजधानी लखनऊ से मिली कड़ी फटकार और निर्देश के बाद सरकार और संगठन के तमाम बड़े चेहरे खुद मैदान में उतरकर मोर्चा संभाल रहे हैं।
विज्ञापन