ताजनगरी के 444 कूड़ेदान कमांड सेंटर को भेजेंगे अलर्ट, भर गया कचरा... ले जाओ
- स्मार्ट सिटी योजना के तहत डस्टबिन में लगाए गए बिन वाल्यूम सेंसर
- अलर्ट के बाद पास मौजूद वाहन से उठवाया जाएगा भरा डस्टबिन
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आगरा के 444 डस्टबिन (कूड़ेदान) कचरे से भर जाने के बाद खुद व खुद स्मार्ट सिटी के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को अलर्ट भेजेंगे कि कचरा भर गया है, ले जाओ। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को तकनीक के जरिए जोड़ते हुए डस्टबिन में बिन वाल्यूम सेंसर लगाए गए हैं, जो कमांड सेंटर पर सीधे अलर्ट भेजेंगे।
कमांड सेंटर से उस इलाके में जीपीएस लगे कचरा वाहन को सूचना जाएगी। इस वाहन से डस्टबिन को कुबेरपुर लैंडफिल साइट तक पहुंचा दिया जाएगा। डस्टबिन कितने बजे उठाया और कितने बजे पहुंचे, इसकी भी जानकारी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को रहेगी।
न केवल डस्टबिन, बल्कि घरों के बाहर लगे क्यूआर कोड को कचरा लेने के बाद आरएफआईडी स्कैनर से स्कैन करके कूड़ा लिया जाएगा। इसका ब्यौरा हर दिन लाइव कमांड सेंटर पर होगा। नगर निगम के तहत 3.50 लाख घर हैं और 444 डस्टबिन में वाल्यूम सेंसर लगाया जा चुका है। 395 वाहनों में जीपीएस लगा हुआ है। ट्रायल में 5315 घरों के बाहर लगे क्यूआर कोड को स्कैन किया गया।
स्मार्ट सिटी सीईओ और नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि क्यू आर कोड का डाटा गलत मिला है, उसे ठीक कराया जा रहा है। एक अप्रैल तक इसी तरह की कमियों को दूर किया जाएगा। जनवरी के दूसरे सप्ताह से ताजगंज क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर से जुड़ी रहेगी। उसके बाद शहर के डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को भी इससे जोड़ा जाएगा।
पैनिक बटन दबाने वाले का फोटो लेगा कैमरा
स्मार्ट सिटी के तहत शहर के 43 चौराहों पर पैनिक बटन लगाए गए हैं। गुरुवार को किए गए डेमो में पैनिक बटन दबाते ही चौराहे पर लगा कैमरा ऑटोमेटिक जूम होकर बटन दबाने वाले का फोटो लेता है और कमांड सेंटर में बैठे लोग बटन दबाने वाले से सीधे बात करते हैं। इमरजेंसी में पैनिक बटन दबाकर एंबुलेंस या पुलिस आदि की सहायता ली जा सकती है।