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खिलाड़ी ने उठाया आत्मघाती कदम, परिवार बोला- सिंधू को पीछे छोड़ने का था जुनून, जान कैसे दे सकती है
Wed, 24 Jul 2019 12:02 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 24 Jul 2019 12:02 AM IST
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बैडमिंटन खिलाड़ी सलोनी का फाइल फोटो, विलाप करतीं मां
- फोटो : अमर उजाला
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उभरती हुई बैडमिंटन खिलाड़ी सलोनी की जान देने की खबर से जरार का हर शख्स स्तब्ध है। सभी की जुबान पर यही रहा कि देश की अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी सिंधू को पीछे छोड़ने का जुनून रखने वाली बेटी आत्मघाती कदम कैसे उठा सकती है।
मंगलवार को सुबह तड़के सलोनी की जान देने की खबर पर जरार में सहज किसी को विश्वास नहीं हुआ। जरार में उसे कोचिंग देने वाले रमेश सिंह भदौरिया ने बताया कि लेफ्ट हैंडर सलोनी की दमदार पावर को अच्छे-अच्छे खिलाड़ी झेल नहीं पाते थे।
देश की नंबर वन बैडमिंटन खिलाड़ी बनने का उसका जुनून देखने लायक था। कुछ गंभीर हुआ होगा तभी उसने यह कदम उठाया है। शोक में डूबे लोग कहते हैं कि दूसरों को हिम्मत देने वाली सलोनी हिम्मत कैसे हार सकती है? हर कोई चाहता है कि उभरती खिलाड़ी को इस स्थिति में पहुंचाने वालों को उनके किए की सजा मिलनी चाहिए। उसकी मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
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मंगलवार को सुबह तड़के सलोनी की जान देने की खबर पर जरार में सहज किसी को विश्वास नहीं हुआ। जरार में उसे कोचिंग देने वाले रमेश सिंह भदौरिया ने बताया कि लेफ्ट हैंडर सलोनी की दमदार पावर को अच्छे-अच्छे खिलाड़ी झेल नहीं पाते थे।
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देश की नंबर वन बैडमिंटन खिलाड़ी बनने का उसका जुनून देखने लायक था। कुछ गंभीर हुआ होगा तभी उसने यह कदम उठाया है। शोक में डूबे लोग कहते हैं कि दूसरों को हिम्मत देने वाली सलोनी हिम्मत कैसे हार सकती है? हर कोई चाहता है कि उभरती खिलाड़ी को इस स्थिति में पहुंचाने वालों को उनके किए की सजा मिलनी चाहिए। उसकी मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
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बता दें कि आगरा के बाह थाना के ग्राम जरार निवासी विजय कुमार शर्मा की पंद्रह वर्षीय पुत्री सलोनी मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज में कक्षा आठ में पढ़ती थी और महिला छात्रावास में रहती थी। मंगलवार को सलोनी को फांसी के फंदे पर लटकी मिली।