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UP: छह वर्षीय मासूम से दरिंदगी, जूता कारीगर ने हैवानियत की हदें कर दी पार; कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा
Fri, 21 Aug 2026 09:48 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 21 Aug 2026 09:48 AM IST
सार
आगरा में छह वर्षीय मासूम से दरिंदगी के मामले में जूता कारीगर को कोर्ट ने दोषी पाया। उसे कोर्ट ने 20 साल कठोर कारावास के साथ 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में बालिका से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में अदालत ने थाना रतनपुरा निवासी बंटी को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संगीता कुमारी ने दोषी को 20 साल कठोर कारावास के साथ 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी।
थाना हरीपर्वत में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता ने तहरीर देकर बताया कि उनके मकान में जूते कारखाना संचालित था। आरोपी बंटी वहां कारीगर के रूप में काम करता था। 13 जून, 2020 को आरोपी उनकी 6 वर्षीय अबोध पुत्री को कमरे में ले गया, और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुत्री के चिल्लाने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंची। उन्हें देख आरोपी घटनास्थल से भाग गया।
विवेचक ने विवेचना कर 10 जुलाई, 2020 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से उक्त मुकदमे के पीड़िता, उसकी मां, पिता, डॉक्टर नीता कुलश्रेष्ठ, विवेचक अजय कौशल और सिपाही सुमित कुमार को गवाही के लिए पेश किया गया।
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थाना हरीपर्वत में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता ने तहरीर देकर बताया कि उनके मकान में जूते कारखाना संचालित था। आरोपी बंटी वहां कारीगर के रूप में काम करता था। 13 जून, 2020 को आरोपी उनकी 6 वर्षीय अबोध पुत्री को कमरे में ले गया, और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुत्री के चिल्लाने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंची। उन्हें देख आरोपी घटनास्थल से भाग गया।
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विवेचक ने विवेचना कर 10 जुलाई, 2020 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से उक्त मुकदमे के पीड़िता, उसकी मां, पिता, डॉक्टर नीता कुलश्रेष्ठ, विवेचक अजय कौशल और सिपाही सुमित कुमार को गवाही के लिए पेश किया गया।
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