ताजमहल में एएसआई कर्मी और सीआईएसएफ जवान भिड़े, काम बहिष्कार, पर्यटक रहे परेशान
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ताजमहल में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के कर्मचारी और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान के बीच विवाद हो गया। शू रैक पर एएसआई कर्मी और सीआईएसएफ जवान भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। इस घटना के बाद एएसआई कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया और शू रैक पर ड्यूटी करने से इंकार कर दिया है।
शू रैक पर तैनात एएसआई कर्मचारी सुरेश और अन्य कर्मचारी पर्यटकों के जूते रख रहे थे। सिविल ड्रेस में वहां सीआईएसएफ जवान राजवीर सिंह ने सुरेश का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। राजवीर का आरोप था कि सुरेश पर्यटकों से शू रैक में जूते रखने के लिए पैसे ले रहे थे जबकि यह सुविधा नि:शुल्क है।
एएसआई कर्मी सुरेश का आरोप है कि पर्यटक से बातचीत में राजवीर ने दखल दिया और गालियां दी। दोनों के बीच काफी देर तकरार होती रही। पर्यटकों ने शू रैक के लिए पैसे देने के आरोप से इंकार किया। उसके बाद सभी कर्मचारियों ने शू रैक की ड्यूटी करने से इंकार कर दिया और बहिष्कार कर चले गए।
पर्यटकों को दो घंटे तक इससे परेशानी रही। एएसआई ताजमहल कार्यालय ने माल रोड स्थित अधीक्षण पुरातत्वविद को लिखित रिपोर्ट भेजी है, जिसमें सभी कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार और जवान राजवीर को हटाने की मांग की गई है। पर्यटकों द्वारा की गई राजवीर की शिकायतों का ब्यौरा भी भेजा गया है।
वीडियो वायरल करने से चौड़ी हुई दरार
ताजमहल में एएसआई और सीआईएसएफ के बीच की खाई और चौड़ी हो गई है। पहले सुरक्षा जांच के बिना प्रवेश न देने और फिर मुख्य गुंबद में एएसआई कर्मचारी के पैसे लेने का वीडियो लीक कर दिया गया। इससे एएसआई कर्मचारियों में आक्रोश था। जवान के वीडियो बनाने से कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ गया, जिसके बाद लिखित शिकायत की गई।