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'कठिन' बन गई 'आसान किश्त योजना', लक्ष्य पाने को कड़ाके की सर्दी में छूटे विभाग के पसीने
Tue, 31 Dec 2019 10:45 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 31 Dec 2019 10:45 AM IST
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दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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पावर कार्पोरेशन के निर्देश पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने ‘आसान किश्त योजना’ शुरू की थी। इसके तहत बिजली बकाएदार आसान किश्तों पर बिल जमा कर सकते थे। उन्हें ब्याज में छूट दी जाएगी।
इस योजना की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर थी। जिसमें विभाग को एक लक्ष्य दिया गया था। लेकिन, पहले पीएफ घोटाले में प्रदर्शन और अब इंटरनेट की बंदी के चलते इस योजना का लक्ष्य पाने से विभाग कोसों दूर रह गया।
मंगलवार को अंतिम दिन है और इस योजना में बहुत कम पंजीकरण हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक डीवीवीएनएल (दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम) में पांच फीसदी से भी कम उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। आगरा जोन प्रथम में छह लाख से ज्यादा और द्वितीय में पांच लाख से ज्यादा का लक्ष्य है। दोनों जोन में एक लाख उपभोक्ताओं ने भी पंजीकरण नहीं कराया है।
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इस योजना की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर थी। जिसमें विभाग को एक लक्ष्य दिया गया था। लेकिन, पहले पीएफ घोटाले में प्रदर्शन और अब इंटरनेट की बंदी के चलते इस योजना का लक्ष्य पाने से विभाग कोसों दूर रह गया।
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मंगलवार को अंतिम दिन है और इस योजना में बहुत कम पंजीकरण हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक डीवीवीएनएल (दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम) में पांच फीसदी से भी कम उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। आगरा जोन प्रथम में छह लाख से ज्यादा और द्वितीय में पांच लाख से ज्यादा का लक्ष्य है। दोनों जोन में एक लाख उपभोक्ताओं ने भी पंजीकरण नहीं कराया है।
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विगत 19 नंबर तक पीएफ घोटाले के विरोध में बिजली अधिकारियों और कर्मचारियोंआंदोलन चला था। इस कारण नौ दिन योजना प्रभावित रही। इस दिसंबर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के चलते चार दिन इंटरनेट सेवा प्रभावित रही। जिससे इस योजना पर असर पड़ा।
आसान किश्त योजना में शहरी क्षेत्र के उपभोक्ता 12 और ग्रामीण 24 आसान किश्तों में बिल जमा कर सकते हैं। इस योजना की शुरुआत 11 नवंबर से हुई थी।
आसान किश्त योजना में शहरी क्षेत्र के उपभोक्ता 12 और ग्रामीण 24 आसान किश्तों में बिल जमा कर सकते हैं। इस योजना की शुरुआत 11 नवंबर से हुई थी।