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आगरा: शुगर के मरीजों पर दोबारा अटैक कर रहा ब्लैक फंगस, एसएन में एक और मरीज भर्ती
Thu, 12 Aug 2021 02:59 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 12 Aug 2021 02:59 PM IST
सार
ब्लैक फंगस से ठीक हुए मरीजों में दोबारा फंगस की शिकायत मिल रही है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में अब तक ऐसे 10 मरीज भर्ती हो चुके हैं। ये सभी शुगर से भी ग्रस्त हैं।
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ब्लैक फंगस से ठीक हुए मधुमेह रोगियों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। शुगर का स्तर गड़बड़ाने से बीते एक महीने में 10 लोगों में दोबारा से ब्लैक फंगस मिला है। इनमें से छह मरीजों का ब्लैक फंगस वार्ड इलाज चल रहा है। एक मरीज बीते दिन ही आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ है।
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ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद मई में ब्लैक फंगस के मरीज मिलना शुरू हुए थे। अभी तक वार्ड में 92 मरीज भर्ती हुए। डिस्चार्ज होकर गए 10 लोगों में ब्लैक फंगस मिला है।
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यह सभी मधुमेह रोगी हैं और जब इनका शुगर का स्तर जांचा तो ग्लूकोज का स्तर खाली पेट 300 से 350 एमएल/डीएल और भोजन के बाद 400 से 450 एमएल/डीएल तक था। इनकी उम्र 50 साल से अधिक है। इन 10 मरीजों में से एक मरीज बीते दिन ही भर्ती हुआ है। 92 मरीजों में से 15 की मौत हो चुकी है, 13 का अभी इलाज चल रहा है।
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11 मरीजों की निकालनी पड़ी थी आंख: डॉ. हिमांशु
मरीजों में फंगस नाक, गाल, तालू, जबड़ा तक पहुंच गया था। ऐसे में इन मरीजों के जबड़ा तालू, नाक-गाल की हड्डी तक निकालनी पड़ी थी। एसएन कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि ब्लैक फंगस से 11 मरीजों की आंख खराब हो गई थी, जिसके चलते आंख को ही निकालना पड़ा।
इन बातों का रखें ख्याल:
- शुगर को अनियंत्रित न होने दें।
- मधुमेह की दवाएं बंद न करें।
- व्यायाम और योग नियमित करें।
- पौष्टिक भोजन करें।
मरीजों में फंगस नाक, गाल, तालू, जबड़ा तक पहुंच गया था। ऐसे में इन मरीजों के जबड़ा तालू, नाक-गाल की हड्डी तक निकालनी पड़ी थी। एसएन कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि ब्लैक फंगस से 11 मरीजों की आंख खराब हो गई थी, जिसके चलते आंख को ही निकालना पड़ा।
इन बातों का रखें ख्याल:
- शुगर को अनियंत्रित न होने दें।
- मधुमेह की दवाएं बंद न करें।
- व्यायाम और योग नियमित करें।
- पौष्टिक भोजन करें।