बीएलओ बनाने से क्षुब्ध अनुदेशक ने लगाई फांसी, अधिकारियों पर लगाए आरोप
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मैनपुरी के किशनी में बीएलओ बनाए जाने से परेशान अनुदेशक ने अपने घर में कमरा बंद कर फांसी पर लटक गया। समय रहते परिजनों को इसकी जानकारी हो गई। इसके बाद उन्होंने दरवाजा तोड़कर उसे किसी तरह फंदे से उतारा। फिलहाल एक निजी चिकित्सक के यहां जितेंद्र का उपचार चल रहा है।
परिजनों के अनुसार पूर्व माध्यमिक विद्यालय किशनी में जितेंद्र कुमार अनुदेशक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बीएलओ के कार्य में उनकी ड्यूटी न लगाए जाने
के लिए खंड शिक्षाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद भी उनकी ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगा दी गई।
सात अक्तूबर को एसडीएम के निरीक्षण में अनुदेशक जितेंद्र कुमार सहित 11 बीएलओ अनुपस्थित मिले थे। इस पर एसडीएम अशोक प्रताप ने सभी बीएलओ पर कार्रवाई के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत भेजी थी।
पत्र पहुंचने के बाद सोमवार को किशनी बीआरसी के कर्मचारी एसडीएम के पास पहुंचे थे। जब जितेंद्र से एसडीएम से अनुपस्थित मिलने का कारण पूछा तो उन्होंने जबरन ड्यूटी लगाने की बात कही थी। परिजनों के अनुसार इसके बाद अधिकारियों ने विद्यालय के पास ही बने शिक्षक भवन में रह रहे जितेंद्र को भवन खाली करने की धमकी दे डाली।
इसके बाद मजबूरन जितेंद्र ने बीएलओ ड्यूटी के लिए हामी भर दी, लेकिन मंगलवार को सुबह दस बजे अनुदेशक जितेंद्र ने भोगांव के गांव रकरी आजाद नगर स्थित घर के कमरे में फांसी लगा ली। जानकारी होने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़कर जितेंद्र को फंदे से नीचे उतारा और चिकित्सक के यहां ले गए। इससे उसकी जान बच गई। एक निजी चिकित्सक के यहां जितेंद्र का उपचार चल रहा है।
गालियां देते थे एबीआरसी
अनुदेश जितेंद्र के भाई नवीन ने बताया कि एबीआरसी लंबे समय से जितेंद्र को परेशान कर रहे हैं। एबीआरसी ने ही खंड शिक्षा अधिकारी के साथ मिलकर जबरन बीएलओ की ड्यूटी लगाई। जबरिया बीएलओ बनवाया है। यहां तक की खंड शिक्षा अधिकारी ने जितेंद्र का नंबर भी ब्लैक लिस्ट में डाल दिया, जिससे जितेंद्र खंड शिक्षा अधिकारी से फोन भी न कर सके।
नवीन ने बताया कि पहले भी कई बार एबीआरसी ने जितेंद्र को जातिसूचक गालियां देकर व कमरा खाली कराने की धमकी देकर प्रताड़ित किया है। इसके बाद जितेंद्र ने इतना बढ़ा कदम उठाया।
- बीएलओ जितेंद्र कुमार मतदाता पुनरीक्षण कार्य के दौरान अनुपस्थित मिले थे। इसकी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी और बीएसए को भेजी गई है। उन्होंने
क्या कि इसकी जानकारी नहीं है।
अशोक प्रताप सिंह, एसडीएम किशनी
- ड्यूटी दोष भावना से नहीं लगाई गई है। निर्वाचन कार्य में सभी कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है। इसी तरह जितेंद्र कुमार की भी लगाई गई थी। अन्य आरोप
निराधार हैं।
सर्वेश यादव, खंड शिक्षाधिकारी किशनी