सजगता: अगर साइबर ठगी का शिकार हुए हैं तो तुरंत उठाएं यह काम, लूटी रकम आ सकती है वापस
आगरा रेंज के साइबर सेल के मुताबिक ई वालेट और खाते से रकम निकलने पर 30 मिनट में सूचना देने पर रकम को वापस कराया जा सकता है। होल्ड
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साइबर अपराधी लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी रिश्तेदार बनकर तो कभी बैंक अधिकारी-कर्मचारी बनकर खाते की जानकारी लेते हैं। वेबसाइट पर सस्ते दाम में सामान देने का विज्ञापन देकर भी ठगी कर रहे हैं। इन सब मामलों में अगर, पीड़ित समय पर सूचना दें तो रकम वापस कराई जा सकती है।
आगरा रेंज के साइबर सेल के मुताबिक, ई वालेट और खाते से रकम निकलने पर 30 मिनट में सूचना देने पर रकम को होल्ड कराया जा सकता है। इसके बाद रकम वापस कराई जा सकती है। सूचना देने में देरी पर पीड़ित को रकम वापस कराना आसान नहीं होता है। इसके लिए रेंज और जिला साइबर सेल लोगों को जागरूक भी कर रही है। ठगी के शिकार कई लोगों की रकम वापस भी कराई है।
पुलिस को समय पर दी सूचना, रकम वापस मिल गई
केस : 1
हिमाचल प्रदेश के एक पुलिस अधिकारी ने रेंज साइबर सेल की मदद ली थी। उनके एक फालोअर ने इंटरनेट पर एक विज्ञापन देखा था। इसमें 25 से 35 प्रतिशत कम कीमत पर नए मोबाइल फोन दिए जा रहे थे। फालोअर ने 21 हजार रुपये का फोन पसंद किया। इसके लिए उनसे खाते में 6900 रुपये जमा करने के लिए बोला गया।
उन्होंने रकम जमा कर दी। रकम जमा करने के बाद जिस नंबर से बात हुई थी, वह मोबाइल फोन बंद हो गया। अधिकारी ने इसकी शिकायत कुछ ही देर में कर दी। रेंज साइबर सेल ने जांच की। इसमें ई वालेट कंपनी से संपर्क किया। इसके बाद रकम हो होल्ड कराकर रकम को गुरुवार को वापस करा दिया गया।
केस : 2
थाना सदर क्षेत्र के एक युवक के पास 30 मार्च को कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया। कहा कि उनका खाता अपडेट किया जा रहा है। इसके लिए खाते की जानकारी देनी होगी। इस पर युवक ने जानकारी दे दी। इस दौरान युवक के मोबाइल पर दो ओटीपी भी आए। वह भी कॉल करके पूछ लिए गए।
कुछ देर बाद उनके खाते से दो बार में 25 हजार और 20 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित युवक ने 30 मिनट में पुलिस से शिकायत कर दी। रेंज साइबर सेल ने जांच की। 25 हजार रुपये ई वालेट से ट्रांसफर किए गए थे। इस पर ई वालेट कंपनी से संपर्क करके पुलिस ने रकम वापस करा दी। वहीं 20 हजार रुपये कैश निकला था। इस कारण वापस नहीं आ सका।
केस : 3
दयालबाग निवासी रमन के पास एक महीने पहले एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने कहा कि जीजा बोल रहा हूं। रमन आवाज से समझ नहीं पाया। इस दौरान उसने कहा कि मुझे एक परिचित को 20 हजार रुपये देने हैं। मगर, वह ई वालेट नहीं चलाता है। इस कारण उसके माध्यम से रुपये भेज देगा। इसके लिए उसके ई वालेट में रकम भेजने की बात कही। रमन तैयार हो गया।
उन्होंने अपना ई वालेट का नंबर दे दिया। उनके पास मैसेज आया। यह मैसेज रुपये निकलने का था। मगर, रमन समझ नहीं पाए। उनके खाते से रकम कट गई। बाद में बार-बार रकम वापस करने की बात करके साइबर अपराधी ने 1.24 लाख रुपये खाते से रकम ट्रांसफर कर ली। पीड़ित ने आधा घंटे में पुलिस से शिकायत की। इस पर रकम को वापस करा दिया गया। इस पर पीड़ित ने पुलिस को धन्यवाद दिया।
अंजान लोगों की कॉल पर न करें विश्वास : विजय तोमर
साइबर सेल के एक्सपर्ट विजय तोमर ने बताया कि साइबर अपराधी फोन करके बैंक खाते और एटीएम कार्ड की जानकारी लेते हैं। इसलिए अंजान लोगों के फोन कॉल पर विश्वास कतई न करें। कोई भी बैंक फोन करके खाते की जानकारी नहीं लेता है।
मोबाइल फोन पर आने वाले किसी लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। अगर, बैंक कर्मचारी, अधिकारी, परिचित बनकर कोई कॉल करे तो समझ जाएं कि धोखाधड़ी हो सकती है। किसी वेबसाइट पर सस्ते रेट में सामान की बिक्री करने वालों पर भरोसा न करें। खाते और ई वालेट से रकम ट्रांसफर होने पर 30 मिनट में सूचना देनी चाहिए।
जागरूक कर रही साइबर सेल
आगरा में रेंज साइबर सेल, जिला साइबर सेल और रेंज साइबर थाना भी है। सेल के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिला साइबर सेल जगह-जगह जाकर जागरूकता अभियान चला रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी संदेश देकर लोगों को जानकारी दी जा रही है।
हेल्पलाइन
जिला साइबर सेल के हेल्प लाइन नंबर 0562-4063227 पर कॉल करके जानकारी दी जा सकती है।