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अमर उजाला की मुहिम से जुड़कर लोगों ने लिया संकल्प, न काटूंगा, न कटने दूंगा...मैं भी पौधा लगाउंगा
Sun, 29 Dec 2019 12:48 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 29 Dec 2019 12:48 AM IST
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लोगों ने लिया पौधारोपण का संकल्प
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा को और बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई अमर उजाला की मुहिम संकल्प-2020 के तहत शनिवार को साकेत कॉलोनी पार्क में लोगों ने जीवन में कम से कम दो पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद साकेत कॉलोनी पार्क में ही पौधरोपण किया गया।
नाटक से समझाया वृक्षों का महत्व
नटरांजलि थियेटर आर्ट्स के कलाकारों ने लघु नाटिका के माध्यम से पौधरोपण का महत्व बताया। नाटक के माध्यम से लोगों को पौधे लगाने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में वृक्षों पर आधारित रोचक प्रश्न पूछे गए। सही जवाब देने वालों को पुरस्कृत किया गया।
'हमने बच्चों के जन्म होने पर पौधे लगाए...'
डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों को जन्म पर उन्होंने दो पौधे लगाए। वे जब पांच साल के हुए तो दो और पौधे लगाए। दोनों बच्चों का सलेक्शन एमबीबीएस के लिए हुआ तो फिर से पौधे लगाए।
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अब पौधे पेड़ बन गए हैं। उन्हें देखते हैं तो बच्चों की याद आती है। वो अब तक 34 पौधे लगा चुके हैं जो वृक्ष बने हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में कम से कम दो पौधे लगाकर उनका संरक्षण करना चाहिए।
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नाटक से समझाया वृक्षों का महत्व
नटरांजलि थियेटर आर्ट्स के कलाकारों ने लघु नाटिका के माध्यम से पौधरोपण का महत्व बताया। नाटक के माध्यम से लोगों को पौधे लगाने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में वृक्षों पर आधारित रोचक प्रश्न पूछे गए। सही जवाब देने वालों को पुरस्कृत किया गया।
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'हमने बच्चों के जन्म होने पर पौधे लगाए...'
डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों को जन्म पर उन्होंने दो पौधे लगाए। वे जब पांच साल के हुए तो दो और पौधे लगाए। दोनों बच्चों का सलेक्शन एमबीबीएस के लिए हुआ तो फिर से पौधे लगाए।
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अब पौधे पेड़ बन गए हैं। उन्हें देखते हैं तो बच्चों की याद आती है। वो अब तक 34 पौधे लगा चुके हैं जो वृक्ष बने हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में कम से कम दो पौधे लगाकर उनका संरक्षण करना चाहिए।
'वायु को शुद्ध रखना ही पवन देव की सच्ची पूजा'
डॉ. अनुपमा शर्मा ने वृक्षों के महत्व पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि मनुष्य फर्नीचर से लेकर दाह संस्कार तक के लिए वृक्षों को काटता है। जितनी लकड़ी हम लेते हैं, कम से कम उतने वृक्ष तो लगाएं।
उन्होंने कहा कि हमारे धर्म और संस्कृति हमें सिखाते हैं कि पर्यावरण की रक्षा करो। इंद्र की सच्ची पूजा जल का संरक्षण करना है, इसी तरह पवनदेव की पूजा का अर्थ है वायु को शुद्ध रखना, वसुंधरा हरी भरी रहे, तो यही धरती मां की पूजा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ जेएन टंडन ने बताया कि वृक्ष हैं, तो पृथ्वी है। वृक्षों से ही प्राण हैं, क्योंकि ऑक्सीजन के बिना जीवन नहीं है। इसलिए यह जरूरी है कि हम न केवल पौधा लगाएं, बल्कि उनका संरक्षण भी करें
साकेत वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष प्रवीन जैन ने कहा कि अमर उजाला का यह अभियान सराहनीय है। नए साल पर लोग शहर और पर्यावरण को बेहतर बनाने का संकल्प ले रहे हैं। इससे सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
उन्होंने कहा कि हमारे धर्म और संस्कृति हमें सिखाते हैं कि पर्यावरण की रक्षा करो। इंद्र की सच्ची पूजा जल का संरक्षण करना है, इसी तरह पवनदेव की पूजा का अर्थ है वायु को शुद्ध रखना, वसुंधरा हरी भरी रहे, तो यही धरती मां की पूजा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ जेएन टंडन ने बताया कि वृक्ष हैं, तो पृथ्वी है। वृक्षों से ही प्राण हैं, क्योंकि ऑक्सीजन के बिना जीवन नहीं है। इसलिए यह जरूरी है कि हम न केवल पौधा लगाएं, बल्कि उनका संरक्षण भी करें
साकेत वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष प्रवीन जैन ने कहा कि अमर उजाला का यह अभियान सराहनीय है। नए साल पर लोग शहर और पर्यावरण को बेहतर बनाने का संकल्प ले रहे हैं। इससे सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।