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Akshaya Tritiya 2024: अक्षय तृतीया पर एक घंटे पहले खुले बांके बिहारी मंदिर के पट, उमड़ा आस्था का समंदर
Fri, 10 May 2024 12:05 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 10 May 2024 12:05 PM IST
सार
Akshaya Tritiya 2024 Banke Bihar Temple Darshan: अक्षय तृतीया पर बांके बिहारी मंदिर के पट तय समय से एक घंटे पहले खोल दिए गए। ये निर्णय यहां आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या में भीड़ को देखते हुए लिया गया।
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श्रीबांके बिहारी के चरण दर्शन को श्रद्धालु का सैलाब उमड़ पड़ा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Banke Bihari Temple Vrindavan Timing: अक्षय तृतीया पर्व पर ठाकुर बांकेबिहारी ने भक्तों को चरण दर्शन दिए। मंदिर के पट निर्धारित समय से डेढ़ घंटे पहले खुल गए। पट खुलते ही मंदिर में आराध्य के पहले दर्शन पाने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। वर्ष में एक बार होने वाले विशेष दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर और उसके आसपास भक्तों का तांता लगा रहा। भीड़ के दबाव और धक्का मुक्की के बीच श्रद्धालुओं ने बामुश्किल दर्शन किए।
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शुक्रवार को सुबह से ही बांकेबिहारी मंदिर के द्वार से लेकर विद्यापीठ चौराहा तक रैलिंग के बीच लगभग पांच सौ मीटर लंबी श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। निर्धारित समय पौने आठ बजे से पहले श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ के दबाव को देखते हुए मंदिर के सेवायत ने छह बजे ही मंदिर के पट खोल दिए। पट खुलत ही मंदिर में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
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हर कोई भक्त पहले दर्शन करने को आतुर दिखा और पहले दर्शन करने के लिए मंदिर के चौक की ओर दौड़ पड़ा। ठाकुरजी के अद्भुत सोने के चांदी के आभूषणों से श्रृंगार और चरणों में चंदन का गोला रखा था। मंदिर के सेवायत कुछ समय के अंतराल में चंदन के गोलाओं को सूख जाने पर बदल रहे थे, जिससे कि ठाुकरजी को शीतलता प्रदान होती रहे।
वहीं मंदिर जयकारों से गुंजायान हो गया। मंदिर के सेवायत बालकृष्ण गोस्वामी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को ठाुकरजी के विशेष दर्शन का लाभ मिल सके। इसके लिए सुबह छह बजे से ही मंदिर के पट खोल दिए और निर्धारित समय पर आरती के बाद पट दोपहर में बंद कर दिए। वहीं मंदिर सेवायत उमंग गोस्वामी ने बताया कि शाम को निर्धारित समय से डेढ घंटे पहले चार बजे पट खोल जाएंगे। जिससे कि अधिक से अधिक भक्तों को अक्षय तीज पर दर्शन लाभ मिल सके।