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एयरपोर्ट बदल देगा शहर की तस्वीर
एयरपोर्ट बदल देगा शहर की तस्वीर
Updated Mon, 05 Sep 2016 01:05 AM IST
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एयरपोर्ट बदल देगा शहर की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की स्थापना से शहर की तस्वीर बदल जाएगी। रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे तो शहर का विकास भी तेज गति से होगी। ताजमहल के शहर के देश दुनिया से सीधा जुड़ने की वजह से पर्यटन और औद्योगिक विकास होगा।
शहर की पर्यटन संस्थाओं का कहना है कि आगरा की कनेक्टिविटी बढ़ने का असर सीधे पर्यटन पर होगा। जो पर्यटक दिल्ली होकर आगरा आते हैं और शाम को आगरा से वापस चले जाते हैं उन्हें आगरा की सीधी प्लाइट मिलेगी इससे पर्यटकों का फ्लो बढ़ेगा। पर्यटक बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, एंपोरियम संचालकों को लाभ होगा। सीधी कहें तो टैक्सी चालक से लेकर होटल मालिक तक सभी इससे लाभान्वित होंगे। आगरा में मेट्रो रेल परियोजना पर काम चल रहा है लेकिन सवारियों को लेकर संशय की स्थिति है। पर्यटन कारोबार बढ़ने से मेट्रो को पर्याप्त सवारी मिलेंगी। शहर में मेहमानों के आगमन के चलते सरकार रोड नेटवर्क का भी सुधार करेगी। इससे शहर की सड़कें सुधरेंगी। उद्योग जगत इस घोषणा से खुश है। उनका मानना है कि इससे शहर के जूता उद्योग, हैंडीक्राफ्ट उद्योग को लाभ मिलेेगा। विदेशों के कारोबारी सीधे आगरा में संपर्क करेंगे और बिचौलियों की भूमिका नहीं रहेगी। शहर में आईटी सेक्टर को लेकर काफी वर्षों से प्रयास चल रहे थे लेकिन कनेक्टिविटी न होने के कारण आईटी उद्योग आगरा में स्थापित नहीं हो सका है। एयरपोर्ट बनने के बाद आईटी के क्षेत्र में भी संभावनाएं बनेंगी। आगरा में फिल्मों की शूटिंग भी बढ़ेगी।
दिल्ली लाबी का टूटेगा चक्रव्यूह
आगरा। इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद दिल्ली लाबी का चक्रव्यूह टूट जाएगा। पर्यटन ट्रेड से जुड़े लोगों का मानना है कि दिल्ली के टूर आपरेटर पर्यटकों को गुमराह करते हैं आगरा के विषय में तमाम भ्रांतियां फैलाकर उन्हें शाम तक यहां से ले जाते हैं। अब सीधी फ्लाइट होने के कारण दिल्ली लाबी का दखल कम हो जाएगा।
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काश्तकारों को भी होगा लाभ
आगरा। खेरिया हवाई अड्डे की वजह से धनौली, बल्हेरा और अभयपुरा सहित तमाम गांवों में भवन निर्माण के संबंध में तमाम प्रतिबंध लगे थे। जमीनों की कीमत बढ़ रही थीं लेकिन अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए खरीदी जा रही जमीन के मामले में तीनों गांव के किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक पैसा दिया जा रहा है।
काश्तकारों को ब्योरा तैयार करने में जुटा प्रशासन
आगरा। शहर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संबंध में शनिवार को लखनऊ में हुई अहम बैठक से लौटने के बाद स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिन किसानों ने अभी तक जमीन की खरीद के संबंध में सहमति नहीं दी है उनसे संपर्क किया जा रहा है। जिलाधिकारी गौरव दयाल ने बताया कि जल्द से जल्द जमीन की खरीद आगणन तैयार कर शासन को भेज दिया जाएगा। एयरपोर्ट के निर्माण के संबंध में कार्यदायी संस्थाओं से एमओयू शासन के स्तर पर ही साइन होगा।
जिलाधिकारी गौरव दयाल ने बताया कि सरकार ने शनिवार को आगरा में सिविल एन्क्लेव का विस्तार कर यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। सेना की ओर से भी प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। एयरपोर्ट के लिए 55 हेक्टेयर जमीन की खरीदने के लिए धनौली, बल्हेरा और अभयपुरा गांव के काश्तकारों से वार्ता हो चुकी है। 300 किसानों ने सर्किल रेट से चार गुना अधिक पर जमीन देने के लिए सहमति दी है। 47 किसान और हैं जिनसे वार्ता की जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद पर 165 करोड़ रुपये व्यय होंगे। काश्तकार, सहखातेदारों का ब्योरा तैयार कर आगणन तैयार करने के निर्देश वित्त एवं राजस्व विभाग और तहसील के अधिकारियों को जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के निर्माण के संबंध में कार्यदायी संस्थाओं का चुनाव और उनसे एमओयू शासन स्तर से साइन होगा। डीएम ने बताया कि आगरा प्रशासन से एक सप्ताह के अंदर प्रस्ताव को फाइनल करके शासन को भेज दिया जाएगा।
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शहर की पर्यटन संस्थाओं का कहना है कि आगरा की कनेक्टिविटी बढ़ने का असर सीधे पर्यटन पर होगा। जो पर्यटक दिल्ली होकर आगरा आते हैं और शाम को आगरा से वापस चले जाते हैं उन्हें आगरा की सीधी प्लाइट मिलेगी इससे पर्यटकों का फ्लो बढ़ेगा। पर्यटक बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, एंपोरियम संचालकों को लाभ होगा। सीधी कहें तो टैक्सी चालक से लेकर होटल मालिक तक सभी इससे लाभान्वित होंगे। आगरा में मेट्रो रेल परियोजना पर काम चल रहा है लेकिन सवारियों को लेकर संशय की स्थिति है। पर्यटन कारोबार बढ़ने से मेट्रो को पर्याप्त सवारी मिलेंगी। शहर में मेहमानों के आगमन के चलते सरकार रोड नेटवर्क का भी सुधार करेगी। इससे शहर की सड़कें सुधरेंगी। उद्योग जगत इस घोषणा से खुश है। उनका मानना है कि इससे शहर के जूता उद्योग, हैंडीक्राफ्ट उद्योग को लाभ मिलेेगा। विदेशों के कारोबारी सीधे आगरा में संपर्क करेंगे और बिचौलियों की भूमिका नहीं रहेगी। शहर में आईटी सेक्टर को लेकर काफी वर्षों से प्रयास चल रहे थे लेकिन कनेक्टिविटी न होने के कारण आईटी उद्योग आगरा में स्थापित नहीं हो सका है। एयरपोर्ट बनने के बाद आईटी के क्षेत्र में भी संभावनाएं बनेंगी। आगरा में फिल्मों की शूटिंग भी बढ़ेगी।
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दिल्ली लाबी का टूटेगा चक्रव्यूह
आगरा। इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद दिल्ली लाबी का चक्रव्यूह टूट जाएगा। पर्यटन ट्रेड से जुड़े लोगों का मानना है कि दिल्ली के टूर आपरेटर पर्यटकों को गुमराह करते हैं आगरा के विषय में तमाम भ्रांतियां फैलाकर उन्हें शाम तक यहां से ले जाते हैं। अब सीधी फ्लाइट होने के कारण दिल्ली लाबी का दखल कम हो जाएगा।
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काश्तकारों को भी होगा लाभ
आगरा। खेरिया हवाई अड्डे की वजह से धनौली, बल्हेरा और अभयपुरा सहित तमाम गांवों में भवन निर्माण के संबंध में तमाम प्रतिबंध लगे थे। जमीनों की कीमत बढ़ रही थीं लेकिन अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए खरीदी जा रही जमीन के मामले में तीनों गांव के किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक पैसा दिया जा रहा है।
काश्तकारों को ब्योरा तैयार करने में जुटा प्रशासन
आगरा। शहर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संबंध में शनिवार को लखनऊ में हुई अहम बैठक से लौटने के बाद स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिन किसानों ने अभी तक जमीन की खरीद के संबंध में सहमति नहीं दी है उनसे संपर्क किया जा रहा है। जिलाधिकारी गौरव दयाल ने बताया कि जल्द से जल्द जमीन की खरीद आगणन तैयार कर शासन को भेज दिया जाएगा। एयरपोर्ट के निर्माण के संबंध में कार्यदायी संस्थाओं से एमओयू शासन के स्तर पर ही साइन होगा।
जिलाधिकारी गौरव दयाल ने बताया कि सरकार ने शनिवार को आगरा में सिविल एन्क्लेव का विस्तार कर यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। सेना की ओर से भी प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। एयरपोर्ट के लिए 55 हेक्टेयर जमीन की खरीदने के लिए धनौली, बल्हेरा और अभयपुरा गांव के काश्तकारों से वार्ता हो चुकी है। 300 किसानों ने सर्किल रेट से चार गुना अधिक पर जमीन देने के लिए सहमति दी है। 47 किसान और हैं जिनसे वार्ता की जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद पर 165 करोड़ रुपये व्यय होंगे। काश्तकार, सहखातेदारों का ब्योरा तैयार कर आगणन तैयार करने के निर्देश वित्त एवं राजस्व विभाग और तहसील के अधिकारियों को जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के निर्माण के संबंध में कार्यदायी संस्थाओं का चुनाव और उनसे एमओयू शासन स्तर से साइन होगा। डीएम ने बताया कि आगरा प्रशासन से एक सप्ताह के अंदर प्रस्ताव को फाइनल करके शासन को भेज दिया जाएगा।