{"_id":"57f7e9274f1c1b4659271104","slug":"airport-flying-in-the-sky-to-the-ground-not","type":"story","status":"publish","title_hn":"एयरपोर्ट: आसमां में उड़ने को जमीन तक नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एयरपोर्ट: आसमां में उड़ने को जमीन तक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा तो दूर सिविल एन्क्लेव के लिए जमीन तक न खरीद पाई सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताजनगरी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर सूबे की समाजवादी पार्टी ने बड़ा छलावा किया है। एक महीने पहले तत्कालीन मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने नवरात्र में आगरा में एयरपोर्ट और सिविल एन्क्लेव का भूमि पूजन और शिलान्यास करने का दावा किया था लेकिन नवरात्र खत्म होने को हैं और अभी तक आसमां में उड़ान भरने को सरकार के पास जमीन ही नहीं है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए तो दूर, सिविल एन्क्लेव के लिए ही प्रदेश सरकार जमीन खरीद नहीं सकी।
आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नए सिविल एन्क्लेव का भूमि पूजन नवरात्र में करने का एलान खोखला निकला। प्रदेश सरकार धनौली में प्रस्तावित नए सिविल टर्मिनल के लिए जरूरी 55 एकड़ जमीन में से महज 60 फीसदी की ही खरीद कर सकी है। बाकी 40 फीसदी जमीन खरीदने के लिए 64 करोड़ रुपये और चाहिए लेकिन प्रदेश सरकार ने बजट ही जारी नहीं किया। एडीएम भूमि अध्याप्ति नागेंद्र शर्मा के मुताबिक, बजट जारी होने में दो सप्ताह का समय लग सकता है।
बजट मिलने के बाद एक महीने में वह जमीन अधिग्रहीत कर एयरपोर्ट अथारिटी के हवाले कर देंगे। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त 55 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था, लेकिन वह अभी पास नहीं हुआ है। रक्षा मंत्रालय खेरिया एयरपोर्ट की हवाई पट्टी को दो किमी और बढ़ाने के लिए एनओसी दे चुका है।
विज्ञापन
नौ करोड़ सालाना नुकसान में एएआई
एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को आगरा में खेरिया एयरपोर्ट के संचालन में हर साल नौ करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। दरअसल, आगरा के मौजूदा सिविल एयरपोर्ट की क्षमता के मुताबिक फ्लाइट ही नहीं उतर रहीं, जबकि मेंटीनेंस, स्टाफ और व्यवस्थाएं पूरी हैं।
स्पाइस जेट, एयर इंडिया खामोश
वाराणसी-आगरा-खजुराहो रूट पर एयर इंडिया की सप्ताह में तीन फ्लाइट आगरा आ रही हैं, लेकिन आगरा को देश के अन्य शहरों से जोड़ने के लिए एयर इंडिया को मुंबई आगरा, बंगलूरू, गोवा और हैदराबाद के साथ कोलकाता से जोड़ने का सुझाव एयरपोर्ट अथारिटी ने दिया था, लेकिन न तो एयर इंडिया और न ही स्पाइस जेट ने कोई रिस्पांस दिया, जबकि स्पाइस जेट रीजनल कनेक्टिविटी के तहत आगरा से सुविधाओं का पूरा ब्योरा ले चुकी है।
सिविल सोसायटी से अफसरों का आमना-सामना
आगरा। सेंट पीटर्स कालेज के हॉल में सिविल सोसायटी के सदस्यों और एयरपोर्ट से जुड़े अफसरों का आमना सामना हुआ। इसमें एडीएम भूमि अध्याप्ति नागेंद्र शर्मा ने बताय कि बजट का इंतजार है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव राज्य सरकार से मंजूर नहीं हुआ है। एसडीएम सदर योगेंद्र कुमार ने बताया कि धनौली में प्रस्तावित एयरपोर्ट की तीनों एप्रोच रोड के चौड़ीकरण को लेकर शुक्रवार को ही उन्होंने बैठक की है। एयरपोर्ट अथारिटी डायरेक्टर प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि मौजूदा खेरिया एयरपोर्ट में प्रवेश की समस्या है। उच्च स्तर पर आगरा के बारे में गलतबयानी की गई है कि यहां पैसेंजर नहीं हैं। सबसे पहले इस संदेश को खत्म करने की जरूरत है। प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि जमीन उपलब्ध हो तो 18 महीनों में वह सिविल टर्मिनल बना देंगे। करीब 250 करोड़ की लागत नए सिविल टर्मिनल के निर्माण पर आएगी। इस बैठक में सिविल सोसायटी अध्यक्ष शिरोमणि सिंह, ओम सेठ, डा. आरसी शर्मा, राजीव सक्सेना, अनिल शर्मा, डा. संजय चतुर्वेदी, संजय शिवहरे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नए सिविल एन्क्लेव का भूमि पूजन नवरात्र में करने का एलान खोखला निकला। प्रदेश सरकार धनौली में प्रस्तावित नए सिविल टर्मिनल के लिए जरूरी 55 एकड़ जमीन में से महज 60 फीसदी की ही खरीद कर सकी है। बाकी 40 फीसदी जमीन खरीदने के लिए 64 करोड़ रुपये और चाहिए लेकिन प्रदेश सरकार ने बजट ही जारी नहीं किया। एडीएम भूमि अध्याप्ति नागेंद्र शर्मा के मुताबिक, बजट जारी होने में दो सप्ताह का समय लग सकता है।
विज्ञापन
बजट मिलने के बाद एक महीने में वह जमीन अधिग्रहीत कर एयरपोर्ट अथारिटी के हवाले कर देंगे। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त 55 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था, लेकिन वह अभी पास नहीं हुआ है। रक्षा मंत्रालय खेरिया एयरपोर्ट की हवाई पट्टी को दो किमी और बढ़ाने के लिए एनओसी दे चुका है।
विज्ञापन
नौ करोड़ सालाना नुकसान में एएआई
एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को आगरा में खेरिया एयरपोर्ट के संचालन में हर साल नौ करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। दरअसल, आगरा के मौजूदा सिविल एयरपोर्ट की क्षमता के मुताबिक फ्लाइट ही नहीं उतर रहीं, जबकि मेंटीनेंस, स्टाफ और व्यवस्थाएं पूरी हैं।
स्पाइस जेट, एयर इंडिया खामोश
वाराणसी-आगरा-खजुराहो रूट पर एयर इंडिया की सप्ताह में तीन फ्लाइट आगरा आ रही हैं, लेकिन आगरा को देश के अन्य शहरों से जोड़ने के लिए एयर इंडिया को मुंबई आगरा, बंगलूरू, गोवा और हैदराबाद के साथ कोलकाता से जोड़ने का सुझाव एयरपोर्ट अथारिटी ने दिया था, लेकिन न तो एयर इंडिया और न ही स्पाइस जेट ने कोई रिस्पांस दिया, जबकि स्पाइस जेट रीजनल कनेक्टिविटी के तहत आगरा से सुविधाओं का पूरा ब्योरा ले चुकी है।
सिविल सोसायटी से अफसरों का आमना-सामना
आगरा। सेंट पीटर्स कालेज के हॉल में सिविल सोसायटी के सदस्यों और एयरपोर्ट से जुड़े अफसरों का आमना सामना हुआ। इसमें एडीएम भूमि अध्याप्ति नागेंद्र शर्मा ने बताय कि बजट का इंतजार है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव राज्य सरकार से मंजूर नहीं हुआ है। एसडीएम सदर योगेंद्र कुमार ने बताया कि धनौली में प्रस्तावित एयरपोर्ट की तीनों एप्रोच रोड के चौड़ीकरण को लेकर शुक्रवार को ही उन्होंने बैठक की है। एयरपोर्ट अथारिटी डायरेक्टर प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि मौजूदा खेरिया एयरपोर्ट में प्रवेश की समस्या है। उच्च स्तर पर आगरा के बारे में गलतबयानी की गई है कि यहां पैसेंजर नहीं हैं। सबसे पहले इस संदेश को खत्म करने की जरूरत है। प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि जमीन उपलब्ध हो तो 18 महीनों में वह सिविल टर्मिनल बना देंगे। करीब 250 करोड़ की लागत नए सिविल टर्मिनल के निर्माण पर आएगी। इस बैठक में सिविल सोसायटी अध्यक्ष शिरोमणि सिंह, ओम सेठ, डा. आरसी शर्मा, राजीव सक्सेना, अनिल शर्मा, डा. संजय चतुर्वेदी, संजय शिवहरे आदि मौजूद रहे।