ताजनगरी में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब, सांस लेने में हो रही दिक्कत, बरतें ये सावधानी
- आगरा की हवा में सामान्य से 6 गुना ज्यादा धूल कण , 26 गुना मोनो ऑक्साइड
- जिन इलाकों में खोदाई हो रही है, वहां सबसे ज्यादा प्रदूषण है
- प्रदूषण बढ़ने से स्वस्थ लोगों को भी दिक्कतें होने लगी हैं
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विस्तार
आगरा में सोमवार को भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सोमवार की शाम को जारी की गई सूची में आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 285 दर्ज किया गया जो रविवार के मुकाबले कम है, लेकिन इससे लोगों की मुश्किलें दूर नहीं हुई।
धूल के कण सामान्य से 6 गुना ज्यादा बने रहे। वहीं खतरनाक कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा सामान्य से 26 गुना तक ज्यादा पहुंच गई। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण से राहत मिलने के आसार नहीं है। प्रदूषण बढ़ने से लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है।
ताजगंज में हवा बेहद खराब
शहर के कई इलाकों में हवा बेहद खराब है। ताजमहल के पास ताजगंज में भी यही स्थिति है। यहां एक्यूआई 448 है। शाहगंज, ईदगाह चौराहा पर भी एक्यूआई 400 से ज्यादा है। पूरे शहर का 24 घंटे का प्रदूषण का औसत मिलाकर 285 है लेकिन बाहरी इलाकों में स्थिति और खराब है।
जगह - एक्यूआई
पुरानी मंडी, ताजगंज - 448
ईदगाह चौराहा - 418
शाहगंज चौराहा - 401
विभव नगर - 390
आगरा फोर्ट स्टेशन - 376
बसई तिराहा - 368
हाथी घाट - 359
सदर बाजार - 358
राजेश्वर मंदिर - 358
रावतपाड़ा - 354
जहां खोदाई, वहां प्रदूषण सबसे ज्यादा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संजय प्लेस स्थित मॉनिटरिंग स्टेशन पर आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 285 दर्ज किया लेकिन आगरा स्मार्ट सिटी की ओर से शहर में लगाए गए पर्यावरण सेंसर और उपकरणों में उन इलाकों में ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया, जहां पर पानी या सीवर लाइन के लिए खोदाई हो रही है। ताजमहल के पास स्मार्ट सिटी के चलते चल रही खोदाई में उड़ रही धूल से पुरानी मंडी, ताजगंज, फतेहाबाद रोड पर बसई तिराहा पर सामान्य से 6 गुना ज्यादा वायु की गुणवत्ता प्रदूषित मिली।
सांस लेने में होती है परेशानी
ईदगाह निवासी ऋषि दीक्षित ने कहा कि इतनी भयंकर धूल उड़ रही है लेकिन न पानी का छिड़काव हो रहा है और ना मशीनों से धूल उठाई जा रही है। पिछले साल जरूर प्रदूषण बढ़ने पर सड़कों की धुलाई हुई थी इस साल वह भी ना हुई। घर पर हर दिन धूल की मोटी परत साफ करता हूं।
एसएन मेडिकल कॉलेजके वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण से स्वस्थ लोगों को भी परेशानी होने लगी है। वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य से उड़ने वाली धूल वाले क्षेत्रों में रहने वाले स्वस्थ लोगों में भी सांस लेने में परेशानी, जकड़न, खराश, और हल्की खांसी की परेशानी मिल रही है। इन परेशानियों पर लोग टेली मेडिसिन से परामर्श ले रहे हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
- घर की खिड़कियों को बंद करके रखें।
- घर में सफाई करते वक्त मुंह-नाक ढकें।
- घर के बाहर घूल उड़े तो छिड़काव करें।
- घर से बाहर जाते वक्त मास्क जरूर लगाएं।
- निर्माण कार्य और धूल-धुएं वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
दो दिन में तीन डिग्री तक गिर सकता है पारा
उधर, तापमान गिरने से सुबह सर्दी का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि ताजनगरी में अगले दो दिन में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। सात दिन में यह चार डिग्री सेल्सियस गिरकर 16.7 डिग्री पर आ गया है, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। हालांकि अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ज्यादा चल रहा है। दिन और रात के तापमान में 19 डिग्री का बड़ा अंतर है।
सोमवार की सुबह भी हल्की धुंध छाई रही। दोपहर में बादलों की लुकाछिपी शुरू हो गई जो शाम तक चली। हाईवे और यमुना नदी के किनारे सुबह 11 बजे तक और शाम को 4 बजे के बाद धुंधलका छाया रहा। सोमवार को अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 2 डिग्री नीचे है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक दो दिन में तापमान 3 डिग्री तक गिर सकता है। सुबह धुंध छाई रहेगी।