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गजब ही कर दिया: सरकारी बजट से निजी कॉलोनी में बना दी सड़क, शासन तक पहुंची जांच रिपोर्ट; रोका गया भुगतान
Sat, 17 Oct 2026 10:24 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 17 Oct 2026 10:24 AM IST
सार
आगरा के बिचपुरी क्षेत्र के नानपुर में जिला पंचायत की 7.42 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत सीसी रोड निर्धारित स्थल के बजाय निजी कॉलोनी में बनवाने की शिकायत संयुक्त जांच में सही पाई गई। तत्कालीन अवर अभियंता के पर्यवेक्षण में लापरवाही सामने आई है।
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गांव नानपुर में सीसी रोड निर्माण को लेकर उठे विवाद के बाद मामला जांच के दायरे में
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिचपुरी जिला पंचायत के वार्ड-15 के अंतर्गत ग्राम पंचायत नानपुर में 7.42 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत करीब 200 मीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण निर्धारित स्थल के बजाय खेत में विकसित निजी कॉलोनी में कराया गया। संयुक्त जांच में जिला पंचायत आगरा के तत्कालीन अवर अभियंता अरुण कुमार शर्मा के पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण में लापरवाही सामने आई है। तत्कालीन सीडीओ प्रतिभा सिंह ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने चार मई को सीडीओ को शिकायती पत्र देकर जिला पंचायत की ओर से नानपुर में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया था। शिकायत पर सीडीओ ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-2 और उप निदेशक कृषि, आगरा को संयुक्त जांच सौंपी थी। जांच आख्या के अनुसार, सीसी रोड का निर्माण अरुण सिंह के मकान से गुड्डू के मकान तक स्वीकृत किया गया था लेकिन मौके पर निर्माण निर्धारित स्थल के बजाय दूसरी जगह कराया गया।
शिकायतकर्ता ने जांच के दौरान 43 पेज के दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए थे। जांच के बाद सीडीओ ने रिपोर्ट पंचायतीराज विभाग को भेज दी। जिला पंचायत की प्रारंभिक जांच में भी शिकायत सही पाए जाने के बाद निर्माण कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया गया था। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था मैसर्स प्रतेंद्र का भुगतान पूरी तरह से रोक दिया गया था।
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जिला पंचायत अपर मुख्य अधिकारी मुकेश जैन ने बताया कि इस मामले में टीम गठित कर जांच कराई गई थी। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने चार मई को सीडीओ को शिकायती पत्र देकर जिला पंचायत की ओर से नानपुर में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया था। शिकायत पर सीडीओ ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-2 और उप निदेशक कृषि, आगरा को संयुक्त जांच सौंपी थी। जांच आख्या के अनुसार, सीसी रोड का निर्माण अरुण सिंह के मकान से गुड्डू के मकान तक स्वीकृत किया गया था लेकिन मौके पर निर्माण निर्धारित स्थल के बजाय दूसरी जगह कराया गया।
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शिकायतकर्ता ने जांच के दौरान 43 पेज के दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए थे। जांच के बाद सीडीओ ने रिपोर्ट पंचायतीराज विभाग को भेज दी। जिला पंचायत की प्रारंभिक जांच में भी शिकायत सही पाए जाने के बाद निर्माण कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया गया था। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था मैसर्स प्रतेंद्र का भुगतान पूरी तरह से रोक दिया गया था।
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जिला पंचायत अपर मुख्य अधिकारी मुकेश जैन ने बताया कि इस मामले में टीम गठित कर जांच कराई गई थी। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।