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Rain In Agra: 85 साल में दूसरी बार मूसलाधार बारिश का साक्षी बना आगरा, 151 मिमी बारिश हुई है दर्ज
Fri, 13 Sep 2024 10:04 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 13 Sep 2024 10:04 AM IST
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आगरा दिल्ली हाईवे पर बारिश के बाद हुआ जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में 48 घंटों से हो रही बारिश को अधिकांश लोगों ने पहली बार देखा है। 85 साल बाद यह दूसरा मौका है, जब आगरा में एक ही दिन में ऐसी मूसलाधार बारिश हुई कि महज 24 घंटे के अंदर 151 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले 16 सितंबर 1939 को आगरा में 286 मिमी बारिश का रिकॉर्ड है जो अब तक टूट नहीं पाया है। महज एक दिन में ही शहर में इतनी बारिश हो चुकी है कि सितंबर की औसत बारिश इससे कहीं कम है।
आगरा शहर में तीन दिनों के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया था। बुधवार से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को भी जारी रही। 85 साल में यह दूसरा मौका है, जब आगरा के लोगों ने सितंबर में इतनी बारिश देखी है। पिछले 24 घंटों में जिले में 151 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। इससे एक दिन पहले 54 मिमी बारिश हुई थी। सितंबर में बारिश का औसत 111.1 मिमी है।
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आगरा शहर में तीन दिनों के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया था। बुधवार से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को भी जारी रही। 85 साल में यह दूसरा मौका है, जब आगरा के लोगों ने सितंबर में इतनी बारिश देखी है। पिछले 24 घंटों में जिले में 151 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। इससे एक दिन पहले 54 मिमी बारिश हुई थी। सितंबर में बारिश का औसत 111.1 मिमी है।
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आगरा दिल्ली हाईवे पर बारिश के बाद हुआ जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
दो साल से सितंबर में बारिश औसत से कम थी, लेकिन इस बार बृहस्पतिवार की बारिश ने ही पूरे माह का औसत पार कर दिया। मौसम विभाग ने शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिन में बारिश के आसार बने रहेंगे। शनिवार से बारिश में कमी आएगी।
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Heavy Rain
- फोटो : अमर उजाला
आंकड़ों की नजर में सितंबर
एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश - 16 सितंबर 1939 को 286 मिमी
सितंबर माह में सबसे अधिक बारिश- 1939 में 609 मिमी
पिछले 24 घंटों में हुई बारिश- 151 मिमी
सितंबर की औसत बारिश - 111.1 मिमी
सिंतबर में ठंडा दिन 6 सितंबर 1999 में 13 डिग्री
एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश - 16 सितंबर 1939 को 286 मिमी
सितंबर माह में सबसे अधिक बारिश- 1939 में 609 मिमी
पिछले 24 घंटों में हुई बारिश- 151 मिमी
सितंबर की औसत बारिश - 111.1 मिमी
सिंतबर में ठंडा दिन 6 सितंबर 1999 में 13 डिग्री
Heavy Rain
- फोटो : अमर उजाला
गुलाबी सर्दी सा हुआ एहसास
मानसून की विदाई सितंबर के आखिरी दिनों में होती है, लेकिन बीते कई साल से सितंबर में बारिश कम होने से मौसम गर्म रहा है। इस बार लगातार बारिश ने लोगों को दो दिन में गुलाबी सर्दी का अहसास कराया। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री रहा जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री रहा जो सामान्य से 3.7 डिग्री कम है। दिन और रात के तापमान में सिर्फ 3.2 डिग्री का अंतर रहा।
मानसून की विदाई सितंबर के आखिरी दिनों में होती है, लेकिन बीते कई साल से सितंबर में बारिश कम होने से मौसम गर्म रहा है। इस बार लगातार बारिश ने लोगों को दो दिन में गुलाबी सर्दी का अहसास कराया। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री रहा जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री रहा जो सामान्य से 3.7 डिग्री कम है। दिन और रात के तापमान में सिर्फ 3.2 डिग्री का अंतर रहा।
Heavy Rain
- फोटो : अमर उजाला
तेज बारिश से हाईवे पर थमे वाहनों के पहिए
तेज बारिश से हाईवे पर पानी भर गया। रोड से गांव तक तालाब जैसे हालात रहे। लोगों के मकानों में भी पानी भर गया। गांव लोहकरेरा में चारों तरफ से रास्ते जलमग्न हो गए हैं। सिकंदरा हाईवे पर जलभराव से तड़के 4 बजे से जाम लग गया। इंजन में पानी भर जाने से वाहन जगह-जगह खड़े हो गए। लोगों को वाहन खींचने पड़े। अरतोनी से हीरालाल की प्याऊ तक हाईवे पर जलभराव में वाहन फंसे रहे। सुबह करीब 10 बजे हाईवे प्रशासन ने एक ट्रैक्टर में पंप लगाया लेकिन कुछ ही देर में वह खराब हो गया। वाहनों की कई किमी तक लंबी कतार लगी रही। कई क्रेन वाले धन उगाही में भी लगे रहे।
तेज बारिश से हाईवे पर पानी भर गया। रोड से गांव तक तालाब जैसे हालात रहे। लोगों के मकानों में भी पानी भर गया। गांव लोहकरेरा में चारों तरफ से रास्ते जलमग्न हो गए हैं। सिकंदरा हाईवे पर जलभराव से तड़के 4 बजे से जाम लग गया। इंजन में पानी भर जाने से वाहन जगह-जगह खड़े हो गए। लोगों को वाहन खींचने पड़े। अरतोनी से हीरालाल की प्याऊ तक हाईवे पर जलभराव में वाहन फंसे रहे। सुबह करीब 10 बजे हाईवे प्रशासन ने एक ट्रैक्टर में पंप लगाया लेकिन कुछ ही देर में वह खराब हो गया। वाहनों की कई किमी तक लंबी कतार लगी रही। कई क्रेन वाले धन उगाही में भी लगे रहे।
Heavy Rain
- फोटो : अमर उजाला
दो दिन की बारिश में चोक हुआ दो करोड़ से बना नाला
आगरा-हाथरस राजमार्ग पर टोल वसूल रही कंपनी ने रामनगर में जलभराव न हो इसके लिए कंपनी ने 2 करोड़ 41 लाख रुपये से नालों का निर्माण कराया। दो दिन की बारिश में ही नाले चोक हो गए। हाईवे पर जलभराव हो गया। आसपास की दुकानों व मकानों में पानी भर गया। ग्रामीणों ने नाले अधूरे छोड़ने पर व्रजभूमि कंन्ट्रेक्शन कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था।
आगरा-हाथरस राजमार्ग पर टोल वसूल रही कंपनी ने रामनगर में जलभराव न हो इसके लिए कंपनी ने 2 करोड़ 41 लाख रुपये से नालों का निर्माण कराया। दो दिन की बारिश में ही नाले चोक हो गए। हाईवे पर जलभराव हो गया। आसपास की दुकानों व मकानों में पानी भर गया। ग्रामीणों ने नाले अधूरे छोड़ने पर व्रजभूमि कंन्ट्रेक्शन कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था।