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Agra University: नौकरी तो मिली पर लटक गई डिग्री, 2015 से पहले की लंबित हैं डिग्रियां
Tue, 28 Jun 2022 12:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 28 Jun 2022 12:08 AM IST
सार
आगरा विवि में ऑनलाइन सिस्टम फेल हो गया है। 2015 से पहले की डिग्रियां लंबित हैं। डिग्रियों के लिए लोग चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कई लोगों की नौकरी भी लग चुकी है, इसके लिए वास्तविक डिग्री की जरूरत है।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का ऑनलाइन सिस्टम मददगार साबित नहीं हो रहा। यहां डिग्री के लिए आवेदन करने पर भी महीनों चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई ऐसे भी हैं, जिनकी नौकरी लग गई है और डिग्री की जरूरत है। घर डिग्री नहीं पहुंचने पर विश्वविद्यालय भटकने को मजबूर हैं। विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों के सत्र 2015 से पहले की डिग्रियां लंबित हैं।
विवि में करीब पांच हजार आवेदन डिग्री के लिए आए। आवेदन के तीन महीने में डिग्री घर पहुंचाने की व्यवस्था है, लेकिन इसका अमल नहीं हो पा रहा। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी छात्रों को विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इनमें कई लोगों की नौकरी भी लग चुकी है, इसके लिए वास्तविक डिग्री की जरूरत है। लगातार चक्कर काटने पर भी उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही। विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि 2015 सत्र से पहले की लंबित डिग्रियों के आवेदन की सूची बनवाकर इनको तैयार कराया जा रहा है, कुछ में कानूनी मामले के चलते देरी हो रही है।
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विवि में करीब पांच हजार आवेदन डिग्री के लिए आए। आवेदन के तीन महीने में डिग्री घर पहुंचाने की व्यवस्था है, लेकिन इसका अमल नहीं हो पा रहा। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी छात्रों को विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इनमें कई लोगों की नौकरी भी लग चुकी है, इसके लिए वास्तविक डिग्री की जरूरत है। लगातार चक्कर काटने पर भी उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही। विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि 2015 सत्र से पहले की लंबित डिग्रियों के आवेदन की सूची बनवाकर इनको तैयार कराया जा रहा है, कुछ में कानूनी मामले के चलते देरी हो रही है।
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केस एक: हर महीने लगाने पड़ रहे चक्कर
फिरोजाबाद के चंदन सिंह ने बताया कि बीएससी 2010 सत्र की डिग्री है। इसके लिए बीते साल दिसंबर में ऑनलाइन आवेदन किया था। छह महीने से अधिक समय हो गया, लेकिन डिग्री घर नहीं पहुंची। नौकरी लग गई है, लेकिन डिग्री के लिए हर महीने एक से दो चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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