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Agra Smog: ताजनगरी में भी घुटने लगा दम, जहरीली हो गई हवा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 09 Nov 2017 03:49 PM IST
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ताजमहल पर धुंध
- फोटो : अमर उजाला
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न पटाखे चले और न ही फैक्ट्रियों ने धुंआ उगला, लेकिन ताजमहल के शहर की हवा सामान्य से नौ गुना ज्यादा जहरीली हो गई। बुधवार को दिल्ली की तरह आगरा में भी स्मॉग की सफेद चादर ने शहर को समेट लिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर क्वालिटी इंडेक्स में लगातार दो दिन से आगरा की हवा जहरीली पाई गई।
खतरनाक ढंग से इसमें पीएम-2.5 कणों की मात्रा बढ़ी है, जो सांस रोगियों के लिए खतरे का संकेत है। जहरीली हवा के बीच ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी ने सुप्रीम कोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक्शन प्लान दाखिल किया है। पेड़ काटने और प्रदूषण मामले में कोर्ट प्रदेश सरकार को फटकार लगा चुका है।
बता दें कि आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स मंगलवार को 394 जा पहुंचा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। वहीं बुधवार को यह 407 अंक के साथ बेहद गंभीर श्रेणी में आ गया। सल्फर डाई आक्साइड (एसओटू) की मात्रा 19 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंची है।
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वहीं नाइट्रोजन डाई आक्साइड 68 तक पहुंचा, जो सामान्य से दो गुना है। सांस के साथ फेफड़ों तक पहुंचने वाले खतरनाक महीन कण पीएम-2.5 का आंकड़ा 500 तक पहुंचा है, जो सामान्य 60 के स्तर से नौ गुना ज्यादा है। कार्बन मोनो आक्साइड 2 माइक्रोग्राम तक रहनी चाहिए, लेकिन बुधवार को यह 46 गुना ज्यादा 92 पर रही। इसका अधिकतम स्तर दोपहर में 135 तक पहुंचा है।
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खतरनाक ढंग से इसमें पीएम-2.5 कणों की मात्रा बढ़ी है, जो सांस रोगियों के लिए खतरे का संकेत है। जहरीली हवा के बीच ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी ने सुप्रीम कोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक्शन प्लान दाखिल किया है। पेड़ काटने और प्रदूषण मामले में कोर्ट प्रदेश सरकार को फटकार लगा चुका है।
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बता दें कि आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स मंगलवार को 394 जा पहुंचा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। वहीं बुधवार को यह 407 अंक के साथ बेहद गंभीर श्रेणी में आ गया। सल्फर डाई आक्साइड (एसओटू) की मात्रा 19 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंची है।
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वहीं नाइट्रोजन डाई आक्साइड 68 तक पहुंचा, जो सामान्य से दो गुना है। सांस के साथ फेफड़ों तक पहुंचने वाले खतरनाक महीन कण पीएम-2.5 का आंकड़ा 500 तक पहुंचा है, जो सामान्य 60 के स्तर से नौ गुना ज्यादा है। कार्बन मोनो आक्साइड 2 माइक्रोग्राम तक रहनी चाहिए, लेकिन बुधवार को यह 46 गुना ज्यादा 92 पर रही। इसका अधिकतम स्तर दोपहर में 135 तक पहुंचा है।
घटी मिक्सिंग हाइट और ज्यादा जला कूड़ा
धुंध
- फोटो : अमर उजाला
तापमान में कमी आने के साथ पर्यावरण में मिक्सिंग हाइट कम हुई है, जिससे शहर गैस के छोटे चैंबर में तब्दील हो गया। इस बीच कूड़ा भी ज्यादा जलाया जा रहा है। नगर निगम चुनाव में अधिकारियों और नेताओं के व्यस्त होने पर शहर का कूड़ा कुबेरपुर डंपिंग जोन तक नहीं पहुंच रहा। नगर निगम कर्मचारी कालोनियों और बस्तियों के साथ हाईवे पर कूड़ा जला रहे हैं, जो सबसे ज्यादा खतरनाक है।
ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी अध्यक्ष कमिश्नर के. राममोहन राव ने जो एक्शन प्लान तैयार किया है, उसमें सभी पुराने कदमों का जिक्र किया है, जो अप्रभावी रहे हैं। प्रदूषण स्तर बढ़ने पर दिल्ली की तरह से क्या कदम उठाए जाएंगे, इसका ब्यौरा इस एक्शन प्लान में नहीं है। भवन निर्माण सामग्री, धूल, वाहनों के प्रदूषण और कूड़ा जलाने से रोक पर प्रभावी कदमों की योजना, इसमें नहीं हैं।
ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी अध्यक्ष कमिश्नर के. राममोहन राव ने जो एक्शन प्लान तैयार किया है, उसमें सभी पुराने कदमों का जिक्र किया है, जो अप्रभावी रहे हैं। प्रदूषण स्तर बढ़ने पर दिल्ली की तरह से क्या कदम उठाए जाएंगे, इसका ब्यौरा इस एक्शन प्लान में नहीं है। भवन निर्माण सामग्री, धूल, वाहनों के प्रदूषण और कूड़ा जलाने से रोक पर प्रभावी कदमों की योजना, इसमें नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद एक्शन प्लान दाखिल
सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका 13381/1984 में आईए नंबर 57183/2017 के तहत पारित आदेश के बाद ताज ट्रिपेजियम जोन में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कंप्रेहेंसिव पालिसी सोमवार तक दाखिल करनी थी।
ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी के अध्यक्ष और मंडलायुक्त के. राम मोहन राव ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए शार्ट टर्म और लांग टर्म एक्शन प्लान पेश किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार को टीटीजेड अथारिटी की संरचना, काम और पर्यावरण सुधार के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा भेजा है, जो सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया है।
वायु गुणवत्ता का ये है हाल
शहर 8 नवंबर 7 नवंबर
आगरा 407 394
रोहतक 411 394
मुरादाबाद 433 439
लखनऊ 435 430
दिल्ली 463 478
गुड़गांव 463 459
भिवाड़ी 469 467
नोएडा 473 469
फरीदाबाद 483 472
वाराणसी 318 320
ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी के अध्यक्ष और मंडलायुक्त के. राम मोहन राव ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए शार्ट टर्म और लांग टर्म एक्शन प्लान पेश किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार को टीटीजेड अथारिटी की संरचना, काम और पर्यावरण सुधार के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा भेजा है, जो सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया है।
वायु गुणवत्ता का ये है हाल
शहर 8 नवंबर 7 नवंबर
आगरा 407 394
रोहतक 411 394
मुरादाबाद 433 439
लखनऊ 435 430
दिल्ली 463 478
गुड़गांव 463 459
भिवाड़ी 469 467
नोएडा 473 469
फरीदाबाद 483 472
वाराणसी 318 320
रिपोर्ट में प्रदूषण रोकने को ये बताए कदम
- मलिन बस्तियों में कंडे का प्रयोग रोका, 53,929 गैस कनेक्शन दिए गए
- दक्षिणी बाईपास, इनर रिंग रोड का निर्माण होने से वाहनों का प्रदूषण कम
- मोक्षधाम पर विद्युत चालित शवदाह गृह का संचालन, लोग भी जागरूक
- 15 साल पुराने वाहनों का ताज ट्रिपेजियम जोन में संचालन प्रतिबंधित
- डीजल, पेट्रोल बसों, लोडर, ऑटो को सीएनजी में परिवर्तित कराया गया
- पेठा इकाइयों में कोयले का प्रयोग प्रतिबंधित, एलपीजी का हो रहा है प्रयोग
- पेठा इकाइयां घनी आबादी से कालिंदी विहार योजना में स्थानांतरित होंगी
- भरतपुर में स्टोन क्रेशर कंट्रोल सिस्टम न लगने पर संचालन किया गया बंद
- आगरा में अबाध विद्युत आपूर्ति, डीजल जनरेटर सेट न चलने से प्रदूषण कम
- ताज के 500 मीटर में डीजल-पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध, पास से प्रवेश
- दक्षिणी बाईपास, इनर रिंग रोड का निर्माण होने से वाहनों का प्रदूषण कम
- मोक्षधाम पर विद्युत चालित शवदाह गृह का संचालन, लोग भी जागरूक
- 15 साल पुराने वाहनों का ताज ट्रिपेजियम जोन में संचालन प्रतिबंधित
- डीजल, पेट्रोल बसों, लोडर, ऑटो को सीएनजी में परिवर्तित कराया गया
- पेठा इकाइयों में कोयले का प्रयोग प्रतिबंधित, एलपीजी का हो रहा है प्रयोग
- पेठा इकाइयां घनी आबादी से कालिंदी विहार योजना में स्थानांतरित होंगी
- भरतपुर में स्टोन क्रेशर कंट्रोल सिस्टम न लगने पर संचालन किया गया बंद
- आगरा में अबाध विद्युत आपूर्ति, डीजल जनरेटर सेट न चलने से प्रदूषण कम
- ताज के 500 मीटर में डीजल-पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध, पास से प्रवेश
ये है कमिश्नर का लांग टर्म एक्शन प्लान
- आगरा में एक व्यक्ति के नाम से एक ही चार पहिया प्राइवेट वाहन को पंजीकृत करना
- फिरोजाबाद में नाइट्रोजन डाई आक्साइड उत्सर्जन नियंत्रित करने के लिए सिस्टम अनिवार्य
- आगरा के औद्योगिक क्षेत्र में ऑटोमेटिक एयर क्वालिटी मानीटरिंग स्टेशन की स्थापना
- मथुरा और फिरोजाबाद में एसटीपी का निर्माण और ऑटोमेटिक मानीटरिंग स्टेशन की स्थापना
- 15 साल से पुराने सीएनजी ऑटो रिक्शा की जगह नए सीएनजी ऑटो रिक्शा से प्रतिस्थापन
- उत्तरी बाईपास का निर्माण रुनकता से खंदौली तक, वाहनों के डायवर्जन से रुकेगा प्रदूषण
- व्यावसायिक वाहनों का यूरो मानक के मुताबिक शहर में संचालन पर प्रतिबंध लगाना
- शहर में प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी, भूखंड आवंटन में ही पर्यावरण एनओसी
- फिरोजाबाद में नाइट्रोजन डाई आक्साइड उत्सर्जन नियंत्रित करने के लिए सिस्टम अनिवार्य
- आगरा के औद्योगिक क्षेत्र में ऑटोमेटिक एयर क्वालिटी मानीटरिंग स्टेशन की स्थापना
- मथुरा और फिरोजाबाद में एसटीपी का निर्माण और ऑटोमेटिक मानीटरिंग स्टेशन की स्थापना
- 15 साल से पुराने सीएनजी ऑटो रिक्शा की जगह नए सीएनजी ऑटो रिक्शा से प्रतिस्थापन
- उत्तरी बाईपास का निर्माण रुनकता से खंदौली तक, वाहनों के डायवर्जन से रुकेगा प्रदूषण
- व्यावसायिक वाहनों का यूरो मानक के मुताबिक शहर में संचालन पर प्रतिबंध लगाना
- शहर में प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी, भूखंड आवंटन में ही पर्यावरण एनओसी