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आगरा के सराफ को तीन नहीं, 18 पुलिसकर्मियों ने लूटा, गोली मारने की दी थी धमकी

Sat, 01 Dec 2018 11:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Sat, 01 Dec 2018 11:14 AM IST
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agra's bullion trader loot case in lucknow
प्रतीकात्मक तस्वीर
आगरा के कमला नगर निवासी सराफ आशीष जैन से लूट करने में लखनऊ के मड़ियांव थाने के तीन नहीं, बल्कि 18 पुलिसकर्मी शामिल थे। कार्रवाई सिर्फ तीन पर की गई है। इसकी वजह यह है कि रात का अंधेरा होने के कारण आशीष को सिर्फ तीन के ही चेहरे याद रहे। 
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उनके भाई विशाल जैन का कहना है कि 18 पुलिसकर्मी चेकिंग कर रहे थे, गाड़ी में कैश और चांदी देखते ही, वे सभी आशीष और उनके नौकरों को गाड़ी सहित थाने ले गए थे। वहां साढ़े तीन लाख रुपये छीन लेने केबाद ही उन्हें छोड़ा गया था। इस दौरान सभी 18 पुलिसकर्मी वहीं पर मौजूद थे।
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विशाल जैन की फर्म किनारी बाजार में है। उनके भाई आशीष जैन दिवाली पर चांदी के लक्ष्मी गणेशजी लेकर सप्लाई के लिए लखनऊ गए थे। साथ में दो नौकर थे पप्पू और संजय। विशाल जैन ने बताया कि गाड़ी को आशीष ही चला रहे थे।
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चेकिंग के दौरान लूटा

दिवाली से एक दिन पहले की घटना है। रात डेढ़ बजे लौटते समय मड़ियांव के गोल चौक के पास पुलिसकर्मियों ने गाड़ी की तलाशी ली। आशीष ने गिनती की, 18 पुलिसकर्मी थे। एक बैग में काफी मात्रा में चांदी और कैश मिला। पुलिस ने उसे चोरी का माल बताकर थाने ले जाकर डराया-धमकाया। 

चेकिंग बंद कर दी गई। सभी 18 पुलिसकर्मी थाना पहुंच गए थे। गाड़ी से एक एक सामान निकाला गया। इसमें सभी पुलिसकर्मी शामिल रहे। एक पैकेट साढ़े तीन लाख रुपये का था। जब आशीष से कहा गया कि यह नहीं मिलेगा, चले जाओ, तब भी सभी पुलिसकर्मी मौजूद थे।

विशाल आरएसएस के स्वयंसेवक हैं। रोज शाखा में जाते हैं। उन्होंने संघ केपदाधिकारियों से घटना की चर्चा की। उन्होंने सीएम ऑफिस बात की। वहां से लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी को फोन किया गया। 

सिर्फ तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

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पीड़ित व्यापारी के भाई विशाल जैन - फोटो : अमर उजाला
तब एसएसपी ने विशाल को लखनऊ बुलाया और पूरी जानकारी लेने केबाद एसपी विधानसभा राहुल मिठास को सौंपी गई। जांच में दोषी पाने पर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, दरोगा दलवीर सिंह और आफताब आलम को गुरुवार रात एसएसपी कलानिधि नैथानी ने लाइन हाजिर कर दिया।

एसएसपी का कहना है कि तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सराफ को लखनऊ बुलाया गया है। केस दर्ज होते ही तीनों को सस्पेंड करने की कार्रवाई की जाएगी। विशाल का कहना है कि वे केस दर्ज कराएंगे। 

अभी उनका साढ़े तीन लाख रुपया भी वापस नहीं मिला है। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों के फोटो व्हाट्सएप से भेजे थे। आशीष तीन के चेहरे ही पहचान पाया। इसी कारण कार्रवाई तीन पर ही हुई है। जांच आगे बढ़ेगी तो और भी नाम सामने आ सकते हैं।

संघ के पदाधिकारियों ने दी कारोबारी को हिम्मत 

विशाल जैन डरे हुए थे। रिपोर्ट दर्ज कराना नहीं चाहते थे। पुलिसवालों की शिकायत करने में भी डर रहे थे कि कहीं वे उल्टा न फंसा दें। विशाल संघ की कमला नगर की दीनदयाल शाखा के प्रभारी हैं। उन्होंने वरिष्ठ पदाधिकारियों को बात बताई तो उन्होंने हिम्मत दी। 

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक हो तो डर कैसा, योगीजी की सरकार है, सिर्फ शिकायत करो, बाकी काम पुलिस करेगी। विशाल का कहना है कि एसएसपी ने भी उनका हौसला बढ़ाया, तब वे शिकायत की हिम्मत कर पाए। 

गाड़ी रोको, वरना गोली मार देंगे 

विशाल जैन का कहना है कि चेकिंग के दौरान सभी गाड़ियां नहीं रुक रहीं थी। आशीष ने भी सोचा कि गाड़ी ऐसे ही निकाल ले जाएगा। गाड़ी थोड़ी आगे बढ़ाई। तभी पुलिसकर्मी जोर से बोला कि गाड़ी आगे बढ़ाई तो वो गोली चला देगा। इससे आशीष डर गया। उसने गाड़ी रोक दी।
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