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यूपी: आगरा के विद्यार्थियों का कमाल, इंस्पायर अवार्ड में नया रिकॉर्ड, मंडल में प्रथम और प्रदेश में चौथा स्थान
Mon, 19 Oct 2026 10:33 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 19 Oct 2026 10:33 AM IST
सार
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में आगरा के 1,030 विद्यालयों के 5,116 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। इसके साथ जिला मंडल में प्रथम, प्रदेश में चौथे और देश में 21वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले वर्ष 4,998 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। चयनित आइडिया के लिए विद्यार्थी को प्रोटोटाइप बनाने के लिए 10 हजार रुपये दिए जाते हैं।
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इंस्पायर अवार्ड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में आगरा ने आवेदन का नया रिकॉर्ड बनाया है। जिले के 1,030 विद्यालयों के 5,116 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया। इसके साथ आगरा ने मंडल में पहला, प्रदेश में चौथा और देश में 21वां स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष जिले में 4,998 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था।
जिला समन्वयक विज्ञान क्लब डॉ. निखिल जैन ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की इस योजना में राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक, परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी अपने नवाचार और नए आइडिया के साथ आवेदन करते हैं। एक विद्यालय से अधिकतम पांच विद्यार्थियों के आइडिया अपलोड किए जा सकते हैं।
योजना के तहत विद्यार्थी का आइडिया चयनित होने पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से उसके खाते में 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। इस राशि से विद्यार्थी अपने आइडिया का प्रोटोटाइप तैयार कर उसे प्रस्तुत कर सकता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना है। जिला समन्वयक ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के लिए नामित जनपदीय मोटिवेटर डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय के प्रयासों से 99 प्रतिशत परिषदीय विद्यालयों ने पंजीकरण किया।
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दो वर्षों में आवेदन की स्थिति
2025: 4998 पंजीकरण, 170 आइडिया चयनित।
2026: 5116 पंजीकरण, मंडल में प्रथम, प्रदेश में चौथा और देश में 21वां स्थान।
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जिला समन्वयक विज्ञान क्लब डॉ. निखिल जैन ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की इस योजना में राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक, परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी अपने नवाचार और नए आइडिया के साथ आवेदन करते हैं। एक विद्यालय से अधिकतम पांच विद्यार्थियों के आइडिया अपलोड किए जा सकते हैं।
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योजना के तहत विद्यार्थी का आइडिया चयनित होने पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से उसके खाते में 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। इस राशि से विद्यार्थी अपने आइडिया का प्रोटोटाइप तैयार कर उसे प्रस्तुत कर सकता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना है। जिला समन्वयक ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के लिए नामित जनपदीय मोटिवेटर डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय के प्रयासों से 99 प्रतिशत परिषदीय विद्यालयों ने पंजीकरण किया।
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दो वर्षों में आवेदन की स्थिति
2025: 4998 पंजीकरण, 170 आइडिया चयनित।
2026: 5116 पंजीकरण, मंडल में प्रथम, प्रदेश में चौथा और देश में 21वां स्थान।