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आगरा: सतत विकास की दौड़ में ताजनगरी का खराब प्रदर्शन, 56 शहरों की सूची में 49वां स्थान
Fri, 26 Nov 2021 04:44 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 26 Nov 2021 04:44 PM IST
सार
सतत विकास लक्ष्यों की दौड़ में प्रदेश के छह बड़े शहर चुने गए हैं। जिनमें सबसे खराब प्रदर्शन मेरठ व आगरा ने किया है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सतत विकास लक्ष्यों की दौड़ में देश के 56 शहरों में ताजनगरी की 49वीं रैंक आई है। नीति आयोग ने 2030 तक के लिए 50 से अधिक बिंदुओं पर लक्ष्य निर्धारित किए हैं। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों के बीच स्वस्थ स्पर्धा के उद्देश्य से पहली बार एसडीजी-यूआई (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स अर्बन इंडिया) रैकिंग जारी की गई है।
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इस रैकिंग में प्रदेश के छह बड़े शहर चुने गए हैं। जिनमें सबसे खराब प्रदर्शन मेरठ व आगरा ने किया है। नीति आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ताजनगरी में काम नहीं हुआ। आगरा को 49वीं रैंक और 100 अंकों में से 58.21 अंक मिले हैं। 23 नवंबर को जारी की गई सूची में शिमला पहले स्थान पर रहा है। राज्यस्तरीय रैकिंग में यूपी की स्थिति में पिछले साल की अपेक्षा सुधार हुआ है। 2020 की रैकिंग में यूपी 66वीं रैंक पर था जो 2021 में 60वीं रैंक पर है।
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ऐसे तय की गई रैकिंग
नीति आयोग ने प्रत्येक मानक के लिए 1 से 100 अंक तय किए थे। प्रत्येक बिंदु को लेकर 2030 तक के लिए सतत लक्ष्य निर्धारित हैं। सतत लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति के आधार पर रैकिंग जारी की गई है।
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55वें पायदान पर मेरठ
यूपी की राजधानी लखनऊ 36वें, कानपुर 38वें, प्रयागराज 42वें, बनारस 46वें, आगरा 49वें और मेरठ 55वें स्थान पर है।
इन बिंदुओं पर खराब प्रदर्शन
- ऋण वितरण : शहरी गरीबों के लिए प्रति दस हजार आबादी पर 48.9% ऋण वितरण का लक्ष्य है। जिसके सापेक्ष 19.7% प्रगति हुई।
- मलिन आबादी : शहरी क्षेत्र से मलिन बस्तियों के उन्मूलन का लक्ष्य है। ताजनगरी में 30.55% आबादी मलिन बस्तियों में रहती है।
- स्वास्थ्य योजना : प्रत्येक घर से कम से कम एक सदस्य को स्वास्थ्य योजना में लाभ देने का लक्ष्य है। लक्ष्य के सापेक्ष 6.39% लाभार्थी हैं।
- महिला स्वास्थ्य : 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में एनीमिया 25.2% तक लाने का लक्ष्य है। शहर में 60.68% महिलाओं में खून कमी है।
- बाल स्वास्थ्य : 5 साल से कम उम्र के कम वजन वाले 2.44% बच्चे होने चाहिए जबकि शहर में 30.03% बच्चों का वजन मानक से कम है।
- टीकाकरण : 12 से 23 साल के लोगों को 100% टीकाकरण का लक्ष्य है जिसके सापेक्ष 58.09% किशोर और युवाओं का टीकाकरण होता है।
- इंटरनेट शिक्षा : 100% विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा का लक्ष्य है जिसके सापेक्ष शहर में 15.31% विद्यालयों में इंटरनेट सेवा उपलब्ध है।
- कंप्यूटर शिक्षा : 100% विद्यालयों में कंप्यूटर सुविधा का लक्ष्य है जिसके सापेक्ष 37.8% विद्यालयों में कंप्यूटर की उपलब्धता है।
- बालिका अपराध : प्रति एक लाख पर शून्य अपराध दर का लक्ष्य है। 12% बालिकाएं अपराध की शिकार होती हैं।
- महिला अपराध : प्रति एक लाख पर शून्य अपराध दर का लक्ष्य है। महिलाओं के सापेक्ष 106% अपराध दर्ज हैं।
'विकास के लिए हैं प्रतिबद्ध'
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने कहा कि सतत विकास के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बहुत से काम हुए हैं, और बेहतर करने का प्रयास रहेगा।
यूपी की राजधानी लखनऊ 36वें, कानपुर 38वें, प्रयागराज 42वें, बनारस 46वें, आगरा 49वें और मेरठ 55वें स्थान पर है।
इन बिंदुओं पर खराब प्रदर्शन
- ऋण वितरण : शहरी गरीबों के लिए प्रति दस हजार आबादी पर 48.9% ऋण वितरण का लक्ष्य है। जिसके सापेक्ष 19.7% प्रगति हुई।
- मलिन आबादी : शहरी क्षेत्र से मलिन बस्तियों के उन्मूलन का लक्ष्य है। ताजनगरी में 30.55% आबादी मलिन बस्तियों में रहती है।
- स्वास्थ्य योजना : प्रत्येक घर से कम से कम एक सदस्य को स्वास्थ्य योजना में लाभ देने का लक्ष्य है। लक्ष्य के सापेक्ष 6.39% लाभार्थी हैं।
- महिला स्वास्थ्य : 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में एनीमिया 25.2% तक लाने का लक्ष्य है। शहर में 60.68% महिलाओं में खून कमी है।
- बाल स्वास्थ्य : 5 साल से कम उम्र के कम वजन वाले 2.44% बच्चे होने चाहिए जबकि शहर में 30.03% बच्चों का वजन मानक से कम है।
- टीकाकरण : 12 से 23 साल के लोगों को 100% टीकाकरण का लक्ष्य है जिसके सापेक्ष 58.09% किशोर और युवाओं का टीकाकरण होता है।
- इंटरनेट शिक्षा : 100% विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा का लक्ष्य है जिसके सापेक्ष शहर में 15.31% विद्यालयों में इंटरनेट सेवा उपलब्ध है।
- कंप्यूटर शिक्षा : 100% विद्यालयों में कंप्यूटर सुविधा का लक्ष्य है जिसके सापेक्ष 37.8% विद्यालयों में कंप्यूटर की उपलब्धता है।
- बालिका अपराध : प्रति एक लाख पर शून्य अपराध दर का लक्ष्य है। 12% बालिकाएं अपराध की शिकार होती हैं।
- महिला अपराध : प्रति एक लाख पर शून्य अपराध दर का लक्ष्य है। महिलाओं के सापेक्ष 106% अपराध दर्ज हैं।
'विकास के लिए हैं प्रतिबद्ध'
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने कहा कि सतत विकास के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बहुत से काम हुए हैं, और बेहतर करने का प्रयास रहेगा।