{"_id":"5a4ccec94f1c1b5c0c8b6807","slug":"agra-pollution-level-in-bad-condition","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा की हवा में इतना जहर, फिर भी सुध नहीं ले रहे अफसर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा की हवा में इतना जहर, फिर भी सुध नहीं ले रहे अफसर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 03 Jan 2018 06:13 PM IST
विज्ञापन
कोहरे में ताजमहल का गुंबद
- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जहां एक ओर दिल्ली में पीएम कणों की संख्या 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होने पर ट्रकों की आवाजाही रोकने, इमारतों में निर्माण कार्य रोकने, वाहनों का ऑड इवन फार्मूला, सड़क और पेड़ों पर पानी का छिड़काव करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। दूसरी आगरा में पीएम कणों की मात्रा 500 से ज्यादा होने के बावजूद सप्ताह भर से ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी वायु प्रदूषण के आपातकाल जैसे हालातों में भी कोई कदम नहीं उठा सकी है।
यही वजह है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में आगरा देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में छठवें नंबर पर रहा। सबसे ज्यादा गाजियाबाद में हालात खराब रहे। एयर क्वालिटी इंडेक्स में गाजियाबाद 456 अंकों के साथ पहले नंबर पर है तो आगरा का वायु गुणवत्ता सूचकांक 391 है। सोमवार के आंकड़ों के मुकाबले इंडेक्स में गिरावट तो आई, लेकिन हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो सका।
वहीं शीत लहर चलने से धूल कणों की संख्या में इजाफा हो गया। बेहद महीन पीएम 2.5 कणों की संख्या 500 के पार हो गई। यह सबसे खराब स्थिति है। ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी ताजमहल के लिए विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के लिए चार जनवरी को बैठक कर रही है, लेकिन वायु प्रदूषण के इस आपातकाल जैसे हालात में पानी का छिड़काव करने और निर्माण कार्यों पर रोक लगाने जैसे कदम नहीं उठा सकी। धूल के कारण ताजमहल का रंग पहले ही बदल चुका है, जिस पर एएसआई शोध कार्य कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यही वजह है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में आगरा देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में छठवें नंबर पर रहा। सबसे ज्यादा गाजियाबाद में हालात खराब रहे। एयर क्वालिटी इंडेक्स में गाजियाबाद 456 अंकों के साथ पहले नंबर पर है तो आगरा का वायु गुणवत्ता सूचकांक 391 है। सोमवार के आंकड़ों के मुकाबले इंडेक्स में गिरावट तो आई, लेकिन हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो सका।
विज्ञापन
वहीं शीत लहर चलने से धूल कणों की संख्या में इजाफा हो गया। बेहद महीन पीएम 2.5 कणों की संख्या 500 के पार हो गई। यह सबसे खराब स्थिति है। ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी ताजमहल के लिए विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के लिए चार जनवरी को बैठक कर रही है, लेकिन वायु प्रदूषण के इस आपातकाल जैसे हालात में पानी का छिड़काव करने और निर्माण कार्यों पर रोक लगाने जैसे कदम नहीं उठा सकी। धूल के कारण ताजमहल का रंग पहले ही बदल चुका है, जिस पर एएसआई शोध कार्य कर रहा है।
विज्ञापन
प्रदूषण तत्व औसत अधिकतम
सल्फर डाइक्साइड 8 20
नाइट्रोजन डाइक्साइड 68 83
पीएम 2.5 386 500
कार्बन मोनोक्साइड 91 118
ओजोन 12 12
सल्फर डाइक्साइड 8 20
नाइट्रोजन डाइक्साइड 68 83
पीएम 2.5 386 500
कार्बन मोनोक्साइड 91 118
ओजोन 12 12
शहर एक्यूआई
गाजियाबाद 456
नोएडा 411
दिल्ली 408
फरीदाबाद 399
भिवाड़ी 392
आगरा 391
कानपुर 374
रोहतक 362
अलवर 341
गाजियाबाद 456
नोएडा 411
दिल्ली 408
फरीदाबाद 399
भिवाड़ी 392
आगरा 391
कानपुर 374
रोहतक 362
अलवर 341