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UPTET 2019 : इन अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी निरस्त, आगरा पुलिस जुटा रही जानकारी

Fri, 10 Jan 2020 12:17 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 10 Jan 2020 12:17 AM IST
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Agra Police Arrested Solver Gang In Uptet Exam 2019
पुलिस की गिरफ्त में आया सॉल्वर गैंग - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) में पकड़े गए सॉल्वर गैंग ने आगरा सहित आसपास के कई जिलों में जाल फैलाया था। 25 से अधिक सॉल्वरों को परीक्षा में बैठाया। पुलिस की पूछताछ में यह जानकारी लगी है। इनमें से तीन आगरा और एक हाथरस में पकड़ा जा चुका है। 
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अब पुलिस यह पता कर रही है कि किन जिलों के परीक्षा केंद्र पर सॉल्वर बैठाए गए। वो परीक्षार्थी कौन थे, जिन्होंने सॉल्वरों से परीक्षा दिलाई। उनकी परीक्षा को भी निरस्त कराया जाएगा। इसके लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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टीईटी में बुधवार को तीन सॉल्वर, दो सरगना और दो करियर पकड़े गए थे। गैंग के सरगना रामहरि, कोमल सिंह और सहयोगी रामअवतार, सत्यभान, सॉल्वर अनिल कुमार, नीरज शर्मा और रवि रंजन हैं। रवि रंजन को यतेंद्र नामक परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देते प्रतापपुरा स्थित डीबीएसएस खालसा इंटर कॉलेज से पकड़ा गया था। 
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एक सरगना है फरार

वहीं अनिल ने गजेंद्र सिंह नामक युवक के स्थान पर शमसाबाद रोड स्थित एनडी कॉलेज और नीरज ने हीरा सिंह के स्थान पर हरीपर्वत स्थित एमडी जैन इंटर कॉलेज में परीक्षा दी थी। गिरोह के सदस्य आलोक ने सरगना कोमल सिंह के स्थान पर भी परीक्षा दी थी। 

आलोक नहीं पकड़ा गया है। उसकी पुलिस तलाश कर रही है। गैंग का सरगना धौलपुर निवासी रामहरि, कागारौल निवासी कोमल सिंह और सादाबाद निवासी भावेश है। रामहरि और कोमल सिंह पकड़े गए, जबकि भावेश फरार है।

एसपी सिटी ने बताया कि भावेश की तलाश की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है। रामहरि और कोमल से पूछताछ में पता चला है कि उन्होंने आसपास के जिलों में भी सॉल्वर बैठाए थे। तकरीबन 25 परीक्षार्थियों को पास कराने का ठेका गैंग ने लिया था। 

बाकी जिलों में किन सेंटर पर परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, इसके बारे में पुलिस पता कर रही है। सॉल्वर और परीक्षार्थियों को चिह्नित किया जा रहा है। जिन तीन परीक्षार्थी के सॉल्वर पकड़े गए हैं। उनकी परीक्षा को निरस्त कराया जा रहा है।

दस खातों की मिली जानकारी

पुलिस की पूछताछ में सरगना रामहरि, भावेश और कोमल सिंह के दस बैंक खातों की जानकारी मिली है। पुलिस बैंक की मदद से खातों में जमा रकम की जानकारी लेगी। इन खातों को सीज कराया जाएगा। यह पता किया जाएगा कि यह रकम कब और कहां से जमा कराई गई। आरोपियों की संपत्ति के बारे में भी पता किया जा रहा है।

गरीब छात्रों को लालच में फंसाकर बनाया सॉल्वर

सॉल्वर गैंग के सरगना के निशाने पर कोचिंग में पढ़ने वाले गरीब छात्र रहते थे। छात्रों से पहले दोस्ती की जाती। इसके बाद उनकी कोचिंग की फीस जमा कर देते। एक बार गैंग के सदस्यों से दोस्ती होने पर छात्र परीक्षा में बैठने से इंकार नहीं करते थे। 

पुलिस की गिरफ्त में आया सॉल्वर नीरज ऑनलाइन फूड सर्विस कंपनी में काम करता है। वो कोचिंग में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान कोमल सिंह से उसकी मुलाकात हो गई थी। उसकी कोचिंग की फीस सरगना ने भर दी थी। इसके बाद सरगना ने परीक्षा में बैठने के लिए कहा था। इसी तरह कई और छात्रों को फंसाया गया है।

पुलिस भर्ती में सेंध लगाने वाले गैंग से तलाश रहे लिंक 

पुलिस भर्ती परीक्षा में भी तीन गैंग ने सॉल्वर बैठाए थे। इनमें फिरोजाबाद का रजनेश और अलीगढ़ का ललित प्रमुख थे। टीईटी परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर गैंग के सरगनाओं से पुलिस ने पुलिस भर्ती के संबंध में भी बात की। 

उनसे पूछा गया कि सिपाही भर्ती परीक्षा में भी सॉल्वर तो नहीं बैठाए थे? हालांकि पूछताछ में आरोपियों से किसी और परीक्षा में सॉल्वरों को बैठाए जाने की बात सामने नहीं आ सकी।
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