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यादों के झरोखे से: पहले प्रधानमंत्री नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी ने की हैं सनसभाएं, मैदान जहां उठते रहे सियासी तूफान...अब पड़े वीरान
Thu, 13 Jan 2022 02:48 PM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 13 Jan 2022 02:48 PM IST
सार
75 सालों के इतिहास में पहली बार जनसभा मैदानों में पसरा सन्नाटा
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कोठी मीना बाजार का मैदान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किला के सामने रामलीला मैदान हो या सर्किट हाउस का गोल्फ कोर्स। आगरा क्लब का मैदान या कोठी मीना बाजार। जीआईसी हो या फिर तारघर। शहर के ये वो मैदान हैं जहां जन नेताओं की जनसभाएं इतिहास में दर्ज हो गई। ऐसे सियासी तूफान उठे जिनसे शहर की सूरत बदल गई। दलों का जनाधार ही नहीं बढ़ा, विकास का खाका भी खिंचा। परंतु अब ताजनगरी के जनसभा स्थल वीरान पड़े हुए हैं।
सर्किट हाउस : यह कभी शहर का सबसे बड़ा मैदान था। अब यहां एक तरफ गोल्फ कोर्स है दूसरी तरफ पीएसी मैदान। कभी यहां इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, वीपी सिंह प्रधानमंत्री के रूप में सभाएं कीं। उन दिनों कांग्रेस की आंधी थीं। सर्किट हाउस में आखिरी बार सभा मुलायम सिंह यादव ने की थी। सुरक्षा कारणों से अब यहां जनसभाएं नहीं होतीं।
आगरा क्लब : जहां आज एकलव्य स्टेडियम बना है वहां आगरा क्लब का मैदान था। 1962 में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने एतिहासिक जनसभा की। ये वो दौर था जब देश में नेहरू के प्रति लोगों में पागलपन की हद तक दीवीनगी थी। जब वह आगरा आए थे सड़कों पर ऐसी भीड़ उमड़ी कि उनकी कार फंस गई। मैदान तक घोड़े पर बैठ कर पहुंचे।
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रामलीला मैदान : आगरा किला के सामने एतिहासिक रामलीला मैदान में 1953 में कांग्रेस का राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ था। 1977 में इंदिरा गांधी ने चुनाव सभा की। उन्हीं दिनों जीआईसी मैदान में संजय गांधी व प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने सभा की। इस सभा में किए वादों के मुताबिक एमजी रोड चौड़ी करने, विकास प्राधिकरण का गठन, चमड़ा उद्योग केंद्र बने।
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सर्किट हाउस : यह कभी शहर का सबसे बड़ा मैदान था। अब यहां एक तरफ गोल्फ कोर्स है दूसरी तरफ पीएसी मैदान। कभी यहां इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, वीपी सिंह प्रधानमंत्री के रूप में सभाएं कीं। उन दिनों कांग्रेस की आंधी थीं। सर्किट हाउस में आखिरी बार सभा मुलायम सिंह यादव ने की थी। सुरक्षा कारणों से अब यहां जनसभाएं नहीं होतीं।
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आगरा क्लब : जहां आज एकलव्य स्टेडियम बना है वहां आगरा क्लब का मैदान था। 1962 में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने एतिहासिक जनसभा की। ये वो दौर था जब देश में नेहरू के प्रति लोगों में पागलपन की हद तक दीवीनगी थी। जब वह आगरा आए थे सड़कों पर ऐसी भीड़ उमड़ी कि उनकी कार फंस गई। मैदान तक घोड़े पर बैठ कर पहुंचे।
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रामलीला मैदान : आगरा किला के सामने एतिहासिक रामलीला मैदान में 1953 में कांग्रेस का राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ था। 1977 में इंदिरा गांधी ने चुनाव सभा की। उन्हीं दिनों जीआईसी मैदान में संजय गांधी व प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने सभा की। इस सभा में किए वादों के मुताबिक एमजी रोड चौड़ी करने, विकास प्राधिकरण का गठन, चमड़ा उद्योग केंद्र बने।
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कोठी मीना बाजार : कोठी मीना बाजार में 14वें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री माया का जादू जनता के सिर चढ़कर बोल चुका है। 2007 चुनाव में मायावती की लहर में बसपा को आगरा में सात सीटें मिलीं। तभी इस मैदान में पक्का मंच बना। सबसे पहले 1997 में यहां काशीराम ने सभा की थी। 2017 में मोदी की रैली के बाद यहां सभी सीटों पर भाजपा के खाते में चली गई।
वो दौर ही अलग था
दो अक्तूबर 1977 को रामलीला मैदान में इंदिरा गांधी की सभा हुई थी। मैं तब कांग्रेस में शहर महासचिव था। पूरा मैदान खचाखच भरा था। वो दौर ही कुछ और था। - शशि शिरोमणी, वास्तुकार
रैली से बदली सूरत
संजय गांधी की जीआईसी मैदान में एक रैली हुई थी। जिसके बाद शहर की सूरत बदली। एमजी रोड चौड़ी हो गई। संजय प्लेस बना। शहर में नया विकास हुआ था। - राजीव सक्सेना, सामाजिक कार्यकर्ता
उत्सव की तरह होता था चुनाव
पहले मैदानों से लाउड स्पीकर का शोर सुनाई देता था। शहर में चुनाव जैसे कोई उत्सव की तरह होता था। सर्किट हाउस व तार घर मैदान में सभाएं होती थीं। - नरोत्तम शर्मा, विभव नगर
मोदी की रैली से लगा था जाम
कोठी मीना बाजार मैदान में जब मोदी जी की सभा हुई थी तो पूरे शहर में जाम लग गया था। सड़कें दो घंटे तक बंद हो गई थी। ऐसी भीड़ आज तक किसी रैली में नहीं देखी। - केके भारद्वाज, बालाजीपुरम
वो दौर ही अलग था
दो अक्तूबर 1977 को रामलीला मैदान में इंदिरा गांधी की सभा हुई थी। मैं तब कांग्रेस में शहर महासचिव था। पूरा मैदान खचाखच भरा था। वो दौर ही कुछ और था। - शशि शिरोमणी, वास्तुकार
रैली से बदली सूरत
संजय गांधी की जीआईसी मैदान में एक रैली हुई थी। जिसके बाद शहर की सूरत बदली। एमजी रोड चौड़ी हो गई। संजय प्लेस बना। शहर में नया विकास हुआ था। - राजीव सक्सेना, सामाजिक कार्यकर्ता
उत्सव की तरह होता था चुनाव
पहले मैदानों से लाउड स्पीकर का शोर सुनाई देता था। शहर में चुनाव जैसे कोई उत्सव की तरह होता था। सर्किट हाउस व तार घर मैदान में सभाएं होती थीं। - नरोत्तम शर्मा, विभव नगर
मोदी की रैली से लगा था जाम
कोठी मीना बाजार मैदान में जब मोदी जी की सभा हुई थी तो पूरे शहर में जाम लग गया था। सड़कें दो घंटे तक बंद हो गई थी। ऐसी भीड़ आज तक किसी रैली में नहीं देखी। - केके भारद्वाज, बालाजीपुरम