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छात्रों के सवालों का हामिद करजई ने दिया बेबाकी से जवाब, पढ़ाया नैतिकता का पाठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 24 Apr 2018 08:54 AM IST
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हामिद करजई
- फोटो : अमर उजाला
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अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने सेंट पीटर्स कालेज के छात्रों को सोमवार को नैतिकता का पाठ पढ़ाया। आशावादी सोच रखने, अहिंसा का पथ अपनाने और विश्व में शांति के लिए प्रार्थना करने का संदेश दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आधुनिकता की राह पर चलते समय अपनी परंपरा को नहीं भूलना चाहिए। यह भी समझाया कि सोशल साइट का प्रयोग अच्छे के लिए करें।
फैशन करें, पर उसके नाम पर समय न बर्बाद करें। विद्यार्थियों ने हामिद करजई से कई सवाल पूछे और उन्होंने बेबाकी से इयके जवाब दिए। आइए जानें छात्रों के सवाल और हामिद करजई के जवाब।
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उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आधुनिकता की राह पर चलते समय अपनी परंपरा को नहीं भूलना चाहिए। यह भी समझाया कि सोशल साइट का प्रयोग अच्छे के लिए करें।
फैशन करें, पर उसके नाम पर समय न बर्बाद करें। विद्यार्थियों ने हामिद करजई से कई सवाल पूछे और उन्होंने बेबाकी से इयके जवाब दिए। आइए जानें छात्रों के सवाल और हामिद करजई के जवाब।
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हामिद करजई से सवाल करता छात्र
- फोटो : अमर उजाला
- संभव सूद (कक्षा-12): भारत व अफगानिस्तान में कई समस्याएं समान हैं। यहां तक की युद्ध और पड़ोसी देशों से तनाव। अपने कार्यकाल में आपने इनका सामना कैसे किया, भारत को क्या सुझाव देना चाहेंगे?
- हामिद करजई : भारत व अफगानिस्तान में समानताएं जरूर हैं, पर भारत हर क्षेत्र में सदियों आगे है। इस देश ने दुनिया को महान वैज्ञानिक दिए हैं। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम उन्हीं में से एक हैं। देश के निर्माण के लिए शांति और स्थायित्व जरूरी है। मानवता बरकरार रहनी चाहिए।
- प्रणव (कक्षा-10) : अफगानिस्तान का यूथ क्या सोचता है, उसके क्या सपने हैं?
- हामिद करजई : अफगानिस्तान ही नहीं, दुनिया भर के युवाओं के सपने समान हैं। हर युवक का प्रयास होता है कि वह अच्छी शिक्षा ग्रहण करे, उसका भविष्य अच्छा, जीवन में हमेशा सुख-शांति बनी रहे। वह दुनिया में शांति बनाए रखने का प्रयास करते हैं।
- तरन चावला (कक्षा-12) : देशों के बीच दूरियां बढ़ रहीं हैं। यह विश्व युद्ध के पहले की स्थिति तो नहीं? यदि विश्व युद्ध होता है तो भारत अफगानिस्तान साथ रहकर क्या करने की सोचेंगे?
- हामिद करजई : आशावादी होना चाहिए और विश्व में शांति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। बुरा सोचने की जरूरत ही क्या है। अहिंसा और शांति के महत्व को समझकर प्यार से रहना होगा। विश्व युद्ध की नौबत ही नहीं आएगी।
- मानस राय (कक्षा 12) : शिक्षा का स्तर सुधरने के साथ भारत व अफगानिस्तान में प्रतिभाएं बढ़ रही हैं। इनका पलायन हो रहा है इनको कैसे रोका जा सकता है?
- हामिद करजई : हम अपने देश को इतना आगे पहुंचा देंगे कि प्रतिभावान युवाओं को और कहीं जाने की जरूरत न पड़े।
- हामिद करजई : भारत व अफगानिस्तान में समानताएं जरूर हैं, पर भारत हर क्षेत्र में सदियों आगे है। इस देश ने दुनिया को महान वैज्ञानिक दिए हैं। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम उन्हीं में से एक हैं। देश के निर्माण के लिए शांति और स्थायित्व जरूरी है। मानवता बरकरार रहनी चाहिए।
- प्रणव (कक्षा-10) : अफगानिस्तान का यूथ क्या सोचता है, उसके क्या सपने हैं?
- हामिद करजई : अफगानिस्तान ही नहीं, दुनिया भर के युवाओं के सपने समान हैं। हर युवक का प्रयास होता है कि वह अच्छी शिक्षा ग्रहण करे, उसका भविष्य अच्छा, जीवन में हमेशा सुख-शांति बनी रहे। वह दुनिया में शांति बनाए रखने का प्रयास करते हैं।
- तरन चावला (कक्षा-12) : देशों के बीच दूरियां बढ़ रहीं हैं। यह विश्व युद्ध के पहले की स्थिति तो नहीं? यदि विश्व युद्ध होता है तो भारत अफगानिस्तान साथ रहकर क्या करने की सोचेंगे?
- हामिद करजई : आशावादी होना चाहिए और विश्व में शांति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। बुरा सोचने की जरूरत ही क्या है। अहिंसा और शांति के महत्व को समझकर प्यार से रहना होगा। विश्व युद्ध की नौबत ही नहीं आएगी।
- मानस राय (कक्षा 12) : शिक्षा का स्तर सुधरने के साथ भारत व अफगानिस्तान में प्रतिभाएं बढ़ रही हैं। इनका पलायन हो रहा है इनको कैसे रोका जा सकता है?
- हामिद करजई : हम अपने देश को इतना आगे पहुंचा देंगे कि प्रतिभावान युवाओं को और कहीं जाने की जरूरत न पड़े।
इन्होंने भी किया सवाल
- अक्षत बंसल (कक्षा-12) : आपने इस देश की मिट्टी में कई साल बिताए और शिक्षा ग्रहण की। सर्वाधिक प्रेरणादायक कौन सी चीज रही?
- हामिद करजई : देश के प्रति प्रेम, अखंडता का भाव, जो भारतवासियों के दिलों में रहता है। विभिन्न भाषा और धर्मों के होते हुए भी लोग प्यार के बंधन में बंधे हैं।
- कल्पतरु अग्रवाल (कक्षा 12) : आपका पहनावा अनोखा रहता है। आप फैशन आईकॉन भी बन गए हैं। युवाओं का क्या सलाह देना चाहेंगे?
- हामिद करजई : मैं अपने देश का परंपरागत पोशाक पहनता हूं। अपनी परंपरा को नहीं भूलना चाहिए। फैशन के नाम पर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। अपनी रुचि के अनुसार कपड़े पहनने चाहिए। कभी किसी व्यक्ति का आंकलन उसके कपड़े और रुपये से नहीं करना चाहिए।
- अभिनीत मौर्य : अफगानिस्तान में भी पश्चिमी देशों का प्रभाव काफी बढ़ गया है। इसके सकारात्मक और नकारात्मक पहलू क्या हैं?
- हामिद करजई : पश्चिमी देशों की वजह से हमारे पास सुख सुविधा की तमाम वस्तुएं उपलब्ध हैं। लेकिन पश्चिमी देश सिर्फ खुद के लिए वफादार हैं। राष्ट्र और देशों की अवधारणा उन्हीं की है। आज अफगानिस्तान और दुनिया में जो कुछ अस्थिरता है, उसके लिए काफी हद तक पश्चिमी देश जिम्मेदार हैं।
- हामिद करजई : देश के प्रति प्रेम, अखंडता का भाव, जो भारतवासियों के दिलों में रहता है। विभिन्न भाषा और धर्मों के होते हुए भी लोग प्यार के बंधन में बंधे हैं।
- कल्पतरु अग्रवाल (कक्षा 12) : आपका पहनावा अनोखा रहता है। आप फैशन आईकॉन भी बन गए हैं। युवाओं का क्या सलाह देना चाहेंगे?
- हामिद करजई : मैं अपने देश का परंपरागत पोशाक पहनता हूं। अपनी परंपरा को नहीं भूलना चाहिए। फैशन के नाम पर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। अपनी रुचि के अनुसार कपड़े पहनने चाहिए। कभी किसी व्यक्ति का आंकलन उसके कपड़े और रुपये से नहीं करना चाहिए।
- अभिनीत मौर्य : अफगानिस्तान में भी पश्चिमी देशों का प्रभाव काफी बढ़ गया है। इसके सकारात्मक और नकारात्मक पहलू क्या हैं?
- हामिद करजई : पश्चिमी देशों की वजह से हमारे पास सुख सुविधा की तमाम वस्तुएं उपलब्ध हैं। लेकिन पश्चिमी देश सिर्फ खुद के लिए वफादार हैं। राष्ट्र और देशों की अवधारणा उन्हीं की है। आज अफगानिस्तान और दुनिया में जो कुछ अस्थिरता है, उसके लिए काफी हद तक पश्चिमी देश जिम्मेदार हैं।