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सावधान! सुरक्षित नहीं है आगरा, 2017 में अपराध के टूटे सारे रिकार्ड्स
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 24 Dec 2017 11:36 PM IST
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ताजनगरी में अपराध का ग्राफ इस साल तेजी से ऊपर चढ़ा। आपको जानकर हैरानी होगी कि सन 2017 में शहर में डकैती के मामलों में तीन गुना, अपहरण की वारदातों में छह गुना और लूट के मामलों में छह गुना इजाफा हुआ है। पिछले साल के मुकाबले ताजनगरी में अपराध तेजी से बढ़ा है।
यह हाल तो तब है जबकि चेन और पर्स लूट की घटनाएं तो पुलिस ने छिनैती में दर्ज कीं। इनमें भी आधी से ज्यादा का तो खुलासा ही नहीं हो पाया। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाइकर्स गैंग रहा जो पूरी साल ही लूट करता रहा। हत्या की घटनाएं भी हुईं। जहां व्यापारी और सराफ बदमाशों के निशाने पर रहे, वहीं माता-पिता ने भी बच्चों को मार डाला। मासूम बच्चे भी निशाने पर रहे।
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यह हाल तो तब है जबकि चेन और पर्स लूट की घटनाएं तो पुलिस ने छिनैती में दर्ज कीं। इनमें भी आधी से ज्यादा का तो खुलासा ही नहीं हो पाया। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाइकर्स गैंग रहा जो पूरी साल ही लूट करता रहा। हत्या की घटनाएं भी हुईं। जहां व्यापारी और सराफ बदमाशों के निशाने पर रहे, वहीं माता-पिता ने भी बच्चों को मार डाला। मासूम बच्चे भी निशाने पर रहे।
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पूरे साल में हुईं इतनी वारदातें
क्राइम सीन
- फोटो : demo pic
मामले 2017 2016 2015
हत्या 113 126 124
सदोष मानव वध 35 30 40
हत्या का प्रयास 138 180 160
बलवा 350 368 408
अपहरण 6 1 7
डकैती 7 2 3
लूट 158 124 135
वाहन चोरी 2002 2024 2043
हत्या 113 126 124
सदोष मानव वध 35 30 40
हत्या का प्रयास 138 180 160
बलवा 350 368 408
अपहरण 6 1 7
डकैती 7 2 3
लूट 158 124 135
वाहन चोरी 2002 2024 2043
बलात्कार और दहेज हत्या में भी बढ़ोत्तरी
rape
- फोटो : demo pic
मामले 2017 2016 2015
बलात्कार 76 79 56
व्यभिचार के लिए अपहरण 482 353 325
दहेज हत्या 75 82 73
बलात्कार 76 79 56
व्यभिचार के लिए अपहरण 482 353 325
दहेज हत्या 75 82 73
हादसों में प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा आगरा
प्रतीकात्मक तस्वीर
साल 2017 में उत्तर प्रदेश में आगरा की खूनी सड़कें तीसरे नंबर पर रहीं। पहले नंबर पर लखनऊ और दूसरे नंबर पर कानपुर थे। इनके बाद आगरा का नंबर आया। जहां साल 2016 में 1062 हादसों में 522 की जान चली गई, जबकि इस साल एक हजार से ज्यादा हादसों में 530 की मौत हो गई। वहीं 900 से ज्यादा लोग घायल हो गए।