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स्वच्छ सर्वेक्षण: छावनी क्षेत्र की गिरी रैंकिंग...वर्ष 2021 से नहीं हुआ चुनाव; पूर्व उपाध्यक्ष ने लगाए ये आरोप
Sun, 20 Jul 2025 11:14 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 20 Jul 2025 11:14 AM IST
सार
पूर्व उपाध्यक्ष पंकज महेंद्रू का कहना है कि रैंक गिरने का कारण छावनी परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही है। किसी भी वार्ड में समय से सफाई कार्य नहीं हो रहा है।
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आगरा छावनी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में स्वच्छ सर्वेक्षण में आगरा छावनी क्षेत्र की 57वीं रैंकिंग आने के बाद कई सवाल खड़े होने लगे हैं। सफाई की व्यवस्था का पटरी से उतरना सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। यहां विकास कार्य भी नहीं हो रहे हैं। पूर्व उपाध्यक्ष ने इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदार माना है।
आगरा छावनी में सदर क्षेत्र भी आता है, जिसकी पहचान सफाई के लिए होती आई है। स्वच्छ सर्वेक्षण की रिपोर्ट के बाद यह तस्वीर बदलने लगी है। छावनी क्षेत्र आठ वार्ड में बंटा हुआ है। यहां पर आठ पार्षदों का चयन होता था, जिसमें से एक को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलती थी।
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आगरा छावनी में सदर क्षेत्र भी आता है, जिसकी पहचान सफाई के लिए होती आई है। स्वच्छ सर्वेक्षण की रिपोर्ट के बाद यह तस्वीर बदलने लगी है। छावनी क्षेत्र आठ वार्ड में बंटा हुआ है। यहां पर आठ पार्षदों का चयन होता था, जिसमें से एक को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलती थी।
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यह टीम क्षेत्र के विकास और सफाई व्यवस्था पर निगरानी रखती थी। अब पिछले 4 साल से चुनाव न होने से उपाध्यक्ष और पार्षद नहीं है। पूर्व उपाध्यक्ष पंकज महेंद्रू का कहना है कि रैंक गिरने का कारण छावनी परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही है। किसी भी वार्ड में समय से सफाई कार्य नहीं हो रहा है। वर्ष 2015 में आखिरी चुनाव हुआ था। इसका कार्यकाल वर्ष 2020 तक रहा। इस के बाद एक वर्ष का कार्यकाल बढ़ गया था।
पूर्व पार्षद प्रत्याशी नीतू का कहना है कि जनप्रतिनिधि न होने से जनता की समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कूड़ा समय पर नहीं उठाया जा रहा है। कार्यालय अधीक्षक छावनी परिषद कुलविंदर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष आठवीं रैंक के बाद इस बार 57वें स्थान पर आने के कारण पर विचार किया जा रहा है। इसे लेकर छावनी परिषद कमेटी की बैठक जल्द आयोजित की जाएगी। सुधार की दिशा में हर कदम उठाया जाएगा।
पूर्व पार्षद प्रत्याशी नीतू का कहना है कि जनप्रतिनिधि न होने से जनता की समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कूड़ा समय पर नहीं उठाया जा रहा है। कार्यालय अधीक्षक छावनी परिषद कुलविंदर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष आठवीं रैंक के बाद इस बार 57वें स्थान पर आने के कारण पर विचार किया जा रहा है। इसे लेकर छावनी परिषद कमेटी की बैठक जल्द आयोजित की जाएगी। सुधार की दिशा में हर कदम उठाया जाएगा।