Tajmahal: चार दिन बीते, एडीए को नहीं मिली कानूनी सलाह, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं ने नहीं दिखाई रुचि
संदीप अरोरा ने बताया कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। उसके बाद से तत्काल सुनवाई की मांग रखेंगे।
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ताजमहल की 500 मीटर की परिधि को लेकर कारोबारी ऊहापोह की स्थिति में फंसे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन के संबंध में आगरा विकास प्राधिकरण और प्रशासन के अनुरोध पर चार दिन बाद भी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कोई रुचि नहीं ले रहे। बृहस्पतिवार को भी कानूनी सलाह नहीं मिली। कार्रवाई भी अधर में फंस गई है। उधर, ताजगंज के व्यापारियों की तरफ से शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध याचिका दायर हो सकती है।
ताजमहल पश्चिमी गेट मार्केट एसोसिएशन की याचिका पर 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल की दीवार से 500 मीटर की परिधि में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के आदेश दिए थे। जिसके अनुपालन के लिए एडीए ने नोटिस जारी किए। 17 अक्तूबर तक की मोहलत दी। मोहलत खत्म होती उससे पहले ही ताजगंज के व्यापारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मुख्य सचिव दुर्गांशकर मिश्रा से मिलकर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर रोक की मांग रखी।
मुख्य सचिव के निर्देश पर डीएम नवनीत चहल ने व्यापारियों के साथ बैठक की और कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह लेने की बात कही। चार दिन बाद भी एडीए और प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से कोई जवाब नहीं मिला है। इधर, प्रशासन और एडीए ने कार्रवाई नहीं करने को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया है।
पुलिस प्रशासन ने की बैठक
जिलाधिकारी नवनीत चहल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर बृहस्पतिवार को एडीए, नगर निगम व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। शुक्रवार तक सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह मिल सकती है। इसलिए शुक्रवार को भी पुलिस प्रशासन व्यापार बंद कराने की कार्रवाई नहीं करेगा।
आज दाखिल हो सकती है याचिका
ताजगंज वेलफेयर फाउडेंशन अध्यक्ष शालिनी शर्मा और हमारी धरोहर संस्था के सचिव संदीप अरोरा की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध याचिका का ड्राफ्ट तैयार कराया है। फाउंडेशन के सचिव संदीप अरोरा ने बताया कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। उसके बाद से तत्काल सुनवाई की मांग रखेंगे। जानकारों का कहना है कि यदि याचिका को सुप्रीम कोर्ट स्वीकार कर लेता है तो 500 मीटर की परिधि में व्यवसाय को बंद करने की कार्रवाई मामला विचाराधीन होने के कारण रुक सकती है।