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Agra News: एनजीटी में दाखिल किया धूल-धुआं रोकने का एक्शन प्लान
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आगरा। शहर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण और प्रदूषण रोकने वाले एक्शन प्लान के केवल कागजों तक सीमित रहने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सुनवाई जारी है। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आधिकारिक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की गई है।
प्रदेश सरकार के पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव जग प्रवेश ने एनजीटी के समक्ष लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म एक्शन प्लान का पूरा ब्योरा पेश किया। दिल्ली स्थित एनजीटी की मुख्य बेंच ने मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट की अनुश्रवण समिति के पूर्व सदस्य रहे रमन ने आगरा में वायु प्रदूषण पर एनजीटी में याचिका दायर की थी।
उनके निधन के बाद उनके पुत्र सुमीत रमन ने अदालत में याचिका आगे बढ़ाई और सरकार की ओर से पेश किए गए एक्शन प्लान पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि प्रदूषण नियंत्रण के उपाय सिर्फ कागजों पर चल रहे हैं, जमीन पर असर नहीं दिख रहा है। इसी याचिका पर जवाब देते हुए पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव ने शपथपत्र के साथ अनुपालन रिपोर्ट और सरकारी उपायों की विस्तृत जानकारी बेंच के सामने रखी।
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मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने अदालत से कुछ और समय की मांग की। इसे स्वीकार करते हुए एनजीटी बेंच ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है।
यह काम होने बाकी हैं
- नगर निगम का मृत पशुओं को जलाने का कार्कस प्लांट शुरू होना है
- आगरा ग्वालियर एक्सप्रेस वे का निर्माण इसी माह शुरू किया जाएगा
- आगरा अलीगढ़ एक्सप्रेसवे का निर्माण मार्च 2028 तक पूरा हो पाएगा।
- मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था मार्च 2027 में पूरी की जा सकेगी।
- 44 किमी. लंबी सड़कों का निर्माण कार्य जून 2027 तक पूरा होगा।
- वर्ष 2030 तक शहर में वनक्षेत्र का हिस्सा 13 फीसदी तक होगा।
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प्रदेश सरकार के पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव जग प्रवेश ने एनजीटी के समक्ष लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म एक्शन प्लान का पूरा ब्योरा पेश किया। दिल्ली स्थित एनजीटी की मुख्य बेंच ने मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट की अनुश्रवण समिति के पूर्व सदस्य रहे रमन ने आगरा में वायु प्रदूषण पर एनजीटी में याचिका दायर की थी।
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उनके निधन के बाद उनके पुत्र सुमीत रमन ने अदालत में याचिका आगे बढ़ाई और सरकार की ओर से पेश किए गए एक्शन प्लान पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि प्रदूषण नियंत्रण के उपाय सिर्फ कागजों पर चल रहे हैं, जमीन पर असर नहीं दिख रहा है। इसी याचिका पर जवाब देते हुए पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव ने शपथपत्र के साथ अनुपालन रिपोर्ट और सरकारी उपायों की विस्तृत जानकारी बेंच के सामने रखी।
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मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने अदालत से कुछ और समय की मांग की। इसे स्वीकार करते हुए एनजीटी बेंच ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है।
यह काम होने बाकी हैं
- नगर निगम का मृत पशुओं को जलाने का कार्कस प्लांट शुरू होना है
- आगरा ग्वालियर एक्सप्रेस वे का निर्माण इसी माह शुरू किया जाएगा
- आगरा अलीगढ़ एक्सप्रेसवे का निर्माण मार्च 2028 तक पूरा हो पाएगा।
- मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था मार्च 2027 में पूरी की जा सकेगी।
- 44 किमी. लंबी सड़कों का निर्माण कार्य जून 2027 तक पूरा होगा।
- वर्ष 2030 तक शहर में वनक्षेत्र का हिस्सा 13 फीसदी तक होगा।