मैनपुरी: ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाला एक शातिर गिरफ्तार, कई प्री-एक्टिवेटिड सिम हुईं बरामद
आरोपी के पास से जो सिम बरामद हुई हैं, वो मैनपुरी के लोगों की आईडी पर एक्टिवेटेड हैं। इन सिम को आरोपी अपने साथी को भेजता था।
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मैनपुरी में साइबर सेल की टीम ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले मे एक शातिर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से कई प्री-एक्टिवेटेड सिम, मैमोरी कार्ड, आधार कार्ड आदि बरामद हुए हैं। वह सिम गाजियाबाद में एक साथी को उपलब्ध कराता था। पुलिस उसके साथी की तलाश कर रही है।
लोगों के मोबाइल फोन पर लॉटरी निकलने या किसी सरकारी योजना के तहत लाभ मिलने जैसे मैसेज पहुंचते हैं। इसमें अधिकतर मैसेज साइबर ठगों द्वारा भेजे जाते हैं। जिले में इस तरह की ऑनलाइन ठगी के कई मामले सामने आ चके हैं। इनकी जांच में साइबर सेल की टीम लगी हुई है।
एक दुकान पर काम करता था आरोपी
साइबर सेल प्रभारी विक्रम सिंह ने शनिवार रात को अपनी टीम के साथ एक्सपर्ट जोगेंद्र चौधरी, सरयू कुमार, विजय पाल, महीपाल और मनोज के साथ घिरोर क्षेत्र में एक स्थान पर दबिश दी। पुलिस ने वहां काम करने वाले एक शातिर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना नाम सलमान निवासी गाजियाबाद बताया।
आरोपी के पास से कई प्री-एक्टिवेटेड सिम, मैमोरी कार्ड, आधार कार्ड आदि बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि वह गाजियाबाद में अपने साथी ध्रुव सोलंकी को सिम उपलब्ध कराता है। वह इन सिम का इस्तेमाल लोगों को प्रलोभन के मैसेज भेजने के लिए करता है। सभी सिम मैनपुरी के लोगों के कागजातों पर ली गई हैं। साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि सभी नंबरों की जांच की जा रही है। आरोपी के साथी को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
देश विरोधी गतिविधि में भी प्रयोग से इंकार नहीं
साइबर सेल द्वारा पकड़े गए सलमान ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं। उसने बताया कि मैनपुरी के लोगों कागजात पर करीब 500 से अधिक प्री-एक्टिवेटेड सिम गाजियाबाद भेज चुका है। लोगों के कागजात सेंटर से वह चोरी कर लेता था। उन्हीं कागजात पर सिम जारी कराता था। पुलिस इस बात से भी इंकार नहीं कर रही कि इन सिमों का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधि में हो सकता है।