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मथुरा जंक्शन पर मालगाड़ी में लगी आग, रेलवे की ये लापरवाही आई सामने

Fri, 02 Feb 2018 08:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा Updated Fri, 02 Feb 2018 08:05 PM IST
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a fire in goods train on mathura junction
मालगाड़ी में आग, - फोटो : अमर उजाला
मथुरा जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या सात पर शुक्रवार की शाम सवा पांच बजे खड़ी मालगाड़ी के डिब्बे में अचानक आग लग गई। इस डिब्बे में खाद की खाली बोरियां रखी हुई थीं। 
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गाड़ी मध्य प्रदेश से खाद लेकर रायबरेली जा रही थी। आग पर काबू पाने में करीब 40 मिनट का वक्त लग गया। मध्य प्रदेश के गुना से यूरिया खाद की रैक लेकर रायबरेली जा रही मालगाड़ी शुक्रवार दोपहर तीन बजे मथुरा जंक्शन के प्लेटफार्म सात पर आई थी। 
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मालगाड़ी को शाम सात बजे कासगंज रवाना होना था। मालगाड़ी के इंजन के पीछे लगे पुराने डिब्बे में कूड़ा करकट और पुराने बोरे के बंडल पड़े थे। शाम 5:15 बजे अचानक इंजन के पीछे वाले डिब्बे में आग लग गई। 
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a fire in goods train on mathura junction
काफी देर के बाद आग पर पाया काबू - फोटो : अमर उजाला
आग लगने पर रेल कर्मचारी, आरपीएफ, जीआरपी व रेल अफसर मौके पर पहुंच गए। करीब 40-45 मिनट तक डिब्बा जलता रहा। फायर ब्रिगेड ने छह बजे पहुंच कर आग पर काबू पाया। 

 स्टेशन मास्टर केएल मीणा ने बताया कि जंक्शन के प्लेटफार्म सात पर खड़ी मालगाड़ी के पुराने डिब्बे में आग लग गई थी। कूड़ा कचड़ा भरा था। घटना की जांच कराई जा रही है। जांच का इंजीनियरिंग व प्रशासनिक अधिकारी ज्वाइंट नोट बनाकर देंगे’

आग को बुझाने के लिए रेलवे के सारे इंतजाम फेल हो गए। आग बुझाने के लिए प्लेटफार्म सात, आठ और नौ के किसी भी हाईड्रेंट प्वाइंट में पानी नहीं निकला। रेलकर्मी पाइप लेकर जिस हाईड्रेंट प्वाइंट को खोलते, वहीं सूखा मिलता। 

सिलेंडर भी खाली निकले

देश के ए प्लस क्लास स्टेशनों में शुमार मथुरा जंक्शन के इंतजामों की पोल तब खुल गई मालगाड़ी के डिब्बे में लगी आग को बुझाने के लिए 40 मिनट तक पानी नहीं मिला। 

वहीं आग बुझाने को लाए गए तीन सिलेंडर में से दो खाली निकले। एक में गैस थी, लेकिन उसका प्रेशर बहुत कम था, वह आग बुझाने में कारगर नहीं हो सकी। आग लगने के दौरान सभी रेल अफसर बगलें झांकते व एक दूसरे का चेहरा देखते रहे। 

तीन साल पहले आठ बोगी जल गईं थी, वहीं दो माह पहले मालगाड़ी का डिब्बा जल गया था। 25 जनवरी को रात को भी कासगंज पैसेंजर ट्रेन की बोगी जल गई थी। फिर भी जिम्मेदार रेल अफसरों ने कोई सबक नहीं लिया। 
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