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गर्मी से मिली राहत, किसानों के लिए हुई आफत
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बारिश और हवा से बेकार हुई गेहूं की फसल।
- फोटो : amar ujala
मैनपुरी। आसमान में छाए बादल दूसरे दिन भी किसानों को डराते रहे। हल्की बूंदाबांदी के चलते गेहूं की फसल की थ्रेसिंग का काम रुक गया है। वहीं दूसरी ओर गर्मी से परेशान लोगों को मौसम बदलने से राहत मिल गई है। दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला तो लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली, लेकिन बदला हुआ मौसम किसानों को रास नहीं आ रहा है।
क्योंकि उन्हें तो खेत में तैयार खड़ी गेहूं की फसल की चिंता सता रही है। मंगलवार और बुधवार को हुई हल्की बूंदा बांदी के चलते गेहूं की थ्रेसिंग का काम भी रुक गया है। हालांकि किसान जल्द से जल्द गेहूं की कटाई में जुटे हुए हैं। वहीं उन किसानों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है, जिन्होंने गेहूं की कटाई के बाद गट्ठर बांध दिए थे। बारिश के बाद इन गट्ठरों को दोबारा खोलकर सुखाना होगा।
इसके बाद ही इनकी थ्रेसिंग कराई जा सकेगी। बुधवार को भी दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। किसान बारिश न होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। बीते सप्ताह से ही जिले में गेहूं की फसल की कटाई शुरू हुई थी। ऐसे में अभी पांच फीसदी कटाई भी नहीं हो सकी है। तेज हवाएं भी किसानों के लिए परेशानी बनी हुई हैं। क्योंकि हवा से खेत में खड़ी गेहूं की फसल उड़ जाती है।
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अगर तेज हवाएं और बादल नहीं हटते हैं, ये तो किसानों के छह महीने की मेहनत पर पानी फेर देगा। जिले में बड़े पैमाने पर गेहूं की खेती की जाती है। तकरीबन डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में हर साल किसान गेहूं की बुवाई करते हैं। फसल पककर तैयार है, ऐसे में बारिश किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। किसानों को अब मौसम साफ होने का इंतजार है।
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क्योंकि उन्हें तो खेत में तैयार खड़ी गेहूं की फसल की चिंता सता रही है। मंगलवार और बुधवार को हुई हल्की बूंदा बांदी के चलते गेहूं की थ्रेसिंग का काम भी रुक गया है। हालांकि किसान जल्द से जल्द गेहूं की कटाई में जुटे हुए हैं। वहीं उन किसानों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है, जिन्होंने गेहूं की कटाई के बाद गट्ठर बांध दिए थे। बारिश के बाद इन गट्ठरों को दोबारा खोलकर सुखाना होगा।
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इसके बाद ही इनकी थ्रेसिंग कराई जा सकेगी। बुधवार को भी दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। किसान बारिश न होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। बीते सप्ताह से ही जिले में गेहूं की फसल की कटाई शुरू हुई थी। ऐसे में अभी पांच फीसदी कटाई भी नहीं हो सकी है। तेज हवाएं भी किसानों के लिए परेशानी बनी हुई हैं। क्योंकि हवा से खेत में खड़ी गेहूं की फसल उड़ जाती है।
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अगर तेज हवाएं और बादल नहीं हटते हैं, ये तो किसानों के छह महीने की मेहनत पर पानी फेर देगा। जिले में बड़े पैमाने पर गेहूं की खेती की जाती है। तकरीबन डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में हर साल किसान गेहूं की बुवाई करते हैं। फसल पककर तैयार है, ऐसे में बारिश किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। किसानों को अब मौसम साफ होने का इंतजार है।