{"_id":"5ace363a4f1c1bbb3d8b4931","slug":"91523463738-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी के हत्यारे पति और सास को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी के हत्यारे पति और सास को आजीवन कारावास
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:06 PM IST
विज्ञापन
थाने में बच्चे से थर्ड डिग्री
कासगंज।
पत्नी को आग लगाकर जलाकर मार देने के मामले में जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश त्रिपाठी ने पति एवं विवाहिता की सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दहेज अधिनियम की धारा में दोनों को दोष मुक्त किया गया। दहेज के आरोपों के संबंध में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो पाए। जिससे आरोपी दोष मुक्त हुए।
15 जुलाई 2014 को विवाहिता नीतू को उसके पति दुर्गेश ने घर में कमरे में पकड़ लिया और दुर्गेश की मां संतो देवी निवासी सिरावली ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इससे विवाहिता पूरी तरह से जल गई और उसकी मौत हो गई। इस मामले में थाना सोरों में दहेज अधिनियम व हत्या की धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया। इस मामले में सोरों पुलिस ने चार्जशीट दायर की। न्यायालय में जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र गोला एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच काफी बहस हुई। जिला जज ने पत्रावली पर मौजूद सभी साक्ष्यों को देखा। दहेज अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन जिला जज ने धारा 302 एवं धारा 326 आईपीसी के अंतर्गत अलग-अलग सजा सुनाई। पत्नी की हत्या के लिए दुर्गेश एवं उसकी सास संतो देवी को दोषी माना गया। जिला जज ने धारा 326 के तहत दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई एवं 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया। वहीं हत्या की धारा 302 में दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया।
विज्ञापन
पत्नी को आग लगाकर जलाकर मार देने के मामले में जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश त्रिपाठी ने पति एवं विवाहिता की सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दहेज अधिनियम की धारा में दोनों को दोष मुक्त किया गया। दहेज के आरोपों के संबंध में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो पाए। जिससे आरोपी दोष मुक्त हुए।
15 जुलाई 2014 को विवाहिता नीतू को उसके पति दुर्गेश ने घर में कमरे में पकड़ लिया और दुर्गेश की मां संतो देवी निवासी सिरावली ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इससे विवाहिता पूरी तरह से जल गई और उसकी मौत हो गई। इस मामले में थाना सोरों में दहेज अधिनियम व हत्या की धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया। इस मामले में सोरों पुलिस ने चार्जशीट दायर की। न्यायालय में जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र गोला एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच काफी बहस हुई। जिला जज ने पत्रावली पर मौजूद सभी साक्ष्यों को देखा। दहेज अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन जिला जज ने धारा 302 एवं धारा 326 आईपीसी के अंतर्गत अलग-अलग सजा सुनाई। पत्नी की हत्या के लिए दुर्गेश एवं उसकी सास संतो देवी को दोषी माना गया। जिला जज ने धारा 326 के तहत दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई एवं 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया। वहीं हत्या की धारा 302 में दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया।
विज्ञापन